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Sunday, 4 January, 2026
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आमिर खान ने तीन ‘माफियों’ को दिखाया, भारत को ऐसी हज़ार माफियां और चाहिए

आमिर खान प्रोडक्शन फिल्म ‘रूबरू रोशनी’ 26 जनवरी को रिलीज़ हुई. इसमें दिखाई गई कहानियां हत्या के आरोपियों को विक्टिम के परिवार द्वारा दी माफी से जुड़ी हैं.

ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा

रोस्टर एक विधि है, जिसके जरिये नौकरियों में आरक्षण लागू किया जाता है. लेकिन अगर इसे लागू न किया जाए या लागू करने में बेईमानी हो तो आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ जाती हैं.

कश्मीरी सैनिक को अशोक चक्र ने इख्वान की आतंकवाद से लड़ने की भूमिका की ओर ध्यान खींचा है

मरणोपरांत अशोक चक्र पाने वाले लांस नायक नज़ीर अहमद वानी पूर्व में इख्वान के सदस्य थे. 2004 में भारतीय सेना की प्रादेशिक सेना बटालियन में भर्ती हुए थे.

प्रियंका गांधी के राजनीति में आने की महक पूरे चमन में फैल जायेगी

बीजेपी के लोकसभा सांसद ने कहा- वह अपने साथ स्व. इंदिरा गांधी के उस अक्स को प्रदर्शित करेंगी, जिसकी चाहत में देश व खास कर यूपी के लोगों को अर्से से हैं.

अरुण जेटली के बजट का आखिरी पांच साल का लेखा-जोखा

किसानों को वित्तीय राहत देने के दबाव और किसी तरह की न्यूनतम आय के प्रावधान की जो बातें चल रही हैं उनके मद्देनजर संभव है कि भविष्य में पूरी दिशा उलट जाए.

कांग्रेस विचारकों को पुरस्कार देकर मोदी सरकार क्या संकेत दे रही है?

भाजपा नेतृत्व में या तो गहरी हीन भावना है, जो अपने कट्टर निंदक बौद्धिकों से दबती है. केवल कांग्रेस की नक़ल की है, बुनियादी रूप से भिन्न नीति सोचा तक नहीं.

भारतीय संविधान का वो संशोधन, जिसने करोड़ों लोगों के दिल दहला दिए थे

संविधान की प्रस्तावना में केवल एक बार संशोधन इंदिरा गांधी के शासन में आपातकाल के वक्त हुआ था. ये 42वां संशोधन, जिससे ऐसा लगा था कि सरकार कुछ भी बदल सकती है.

6 फैक्टर्स, जो तय करेंगे कौन होगा भारत का अगला प्रधानमंत्री

तमाम सर्वे बता रहे हैं कि भाजपा के आंकड़े इस बार बहुमत से नीचे ही रहेंगे. ऐसे में हम उन छह संभावनाओं का जायजा ले रहे हैं जो तय करेंगी कि कौन बनेगा अगला पीएम   

गैरबराबरी के असुर निगलने को हैं गणतंत्र के सारे गुण और मूल्य

गैरबराबरी के ये आंकड़े इस लिहाज से ज़्यादा चिंतनीय हैं कि ये हमारे दुनिया का सबसे ‘महान’जनतंत्र होने के दावे की कनपटी पर किसी करारे थप्पड़ से कम नहीं हैं.

संविधान निर्माता नेहरू, पटेल और आंबेडकर संसदीय प्रणाली को लेकर एकमत नहीं थे

आज जब हम संविधान लागू होने के दिन का उत्सव मना रहे हैं, संविधान सभा द्वारा भारत के लिए संसदीय प्रणाली चुने जाने को लेकर गलत धारणाएं अब भी कायम हैं.

मत-विमत

हिंदुओं पर हमले, खालिदा की मौत और जमात—बांग्लादेश कई मोर्चों पर संकट से जूझ रहा है

जब सभी लोग नए साल का स्वागत कर रहे थे, तब बांग्लादेश में 50-वर्षीय एक हिंदू व्यक्ति को ज़िंदा जला दिया गया, दो हफ्तों में यह चौथा ऐसा हमला था. देश में फॉर-राइट के अपने संस्करण की पकड़ मजबूत होती जा रही है.

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राजनीति

देश

तनीषा भिसे मौत मामला: दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के न्यासियों के खिलाफ मामला दर्ज

पुणे, तीन जनवरी (भाषा) संयुक्त धर्मार्थ आयुक्त के कार्यालय ने अप्रैल 2025 में मरीज तनीषा भिसे की मौत के मामले में दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.