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Thursday, 30 April, 2026
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आदिवासी समाज का बंटवारा करने में कामयाब रहा आरएसएस

वोट की राजनीति में मध्य भारत में सघन रूप से बसी आदिवासी आबादी की निर्णायक भूमिका है. पहले कांग्रेस उनका उपयोग करती थी और अब भाजपा.

ये 8 फैक्टर तय करेंगे भाजपा का चुनावी गणित, भले ही बढ़त अभी एनडीए की लग रही हो

राष्ट्रीय चुनाव सर्वेक्षण दिखाते हैं कि भले ही मोदी समर्थक वोट डालने के लिए तत्पर हैं, पर जो मोदी से नाखुश हैं वे शायद ही उतनी बड़ी संख्या में वोट देने निकलें.

​हिंदुस्तानी जज डांटते हैं, अमेरिकी जज हैं नमामि गंगे के सही कद्रदान

लाली- लिपिस्टिक कुंभ का श्रेय लेने वाली सरकार नहीं जानती कि यूपी में कितने नाले गंगा में गिरते हैं. गंगा मंत्री गंगा के 90 फीसद साफ होने का दावा करते है,यह नहीं बताते कि आंकड़ा उन्होंने निकाला कैसे.

वादों की पड़ताल: मोदी सरकार में चारों खाने चित हुआ सामाजिक न्याय

जब सामाजिक न्याय की बात होती है, तो इसका मतलब मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों और फिजिकली चैलेंज्ड लोगों के हित...

क्यों 2019 का लोकसभा चुनाव, भाजपा के लिए 2004 जैसा नहीं होने वाला

मोदी इस बार के लोकसभा चुनाव में अपने विपक्षियों की तरह चौकन्ने हैं. और वो 2004 में पार्टी द्वारा का गई गलतियों को दोहराने के मूड में नहीं है.

आंबेडकर ने ज्योतिबा फुले को अपना गुरु क्यों माना?

डॉ. आंबेडकर के तीसरे गुरु और शूद्रों-अतिशूद्रों, महिलाओं और किसानों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले ज्योतिबा फुले ने देखा था सामाजिक लोकतंत्र का सपना.

न किसी यादव सम्मेलन में गया, न भूराबाल साफ करो कहा- लालू यादव

लालू यादव भारतीय लोकतंत्र का चमत्कार भी हैं और एक पहेली भी. उनके जीवन को समझिए खुद उनके नजरिए से, क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी आत्मकथा लिखी है

शरद पवार के निशाने पर कौन? केसरिया गठबंधन या कांग्रेस

पवार महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं. जब केंद्र की राजनीति में थे तब उन्होंने चंद्रगुप्त बनने की कोशिश की मगर दूसरे चाणक्य नरसिंहा राव ने उनकी दाल नहीं गलने दी.

यूपी विधानसभा चुनाव के समय कैसे कंगाल हो गई थी बीएसपी

देश इस समय लोकसभा चुनाव के दौर में है. ऐसे समय में राजनीतिक दल, मीडिया और चुनाव आयोग के साथ ही इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी...

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अरविंद केजरीवाल को उस राजनीति की कीमत चुकानी पड़ रही है, जिसे उन्होंने खुद गढ़ा था

मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?

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ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में कंकाल प्रकरण को लेकर हंगामा

भुवनेश्वर, 30 अप्रैल (भाषा) ओडिशा विधानसभा में बृहस्पतिवार को ‘भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी’ विषय पर चर्चा के लिए आयोजित विशेष सत्र के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.