राष्ट्रीय चुनाव सर्वेक्षण दिखाते हैं कि भले ही मोदी समर्थक वोट डालने के लिए तत्पर हैं, पर जो मोदी से नाखुश हैं वे शायद ही उतनी बड़ी संख्या में वोट देने निकलें.
लाली- लिपिस्टिक कुंभ का श्रेय लेने वाली सरकार नहीं जानती कि यूपी में कितने नाले गंगा में गिरते हैं. गंगा मंत्री गंगा के 90 फीसद साफ होने का दावा करते है,यह नहीं बताते कि आंकड़ा उन्होंने निकाला कैसे.
पवार महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं. जब केंद्र की राजनीति में थे तब उन्होंने चंद्रगुप्त बनने की कोशिश की मगर दूसरे चाणक्य नरसिंहा राव ने उनकी दाल नहीं गलने दी.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?