जम्मू में भाजपा अपने ही नेता लाल सिंह की बगावत को लेकर दुविधा में है. वे अपनी अलग पार्टी बना चुके है पर उन्होंने अभी तक पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.
वैसे तो प्रतिमाह 6,000 रुपए आय गारंटी की कांग्रेस की योजना महत्वाकांक्षी है, पर सर्वाधिक 20 प्रतिशत गरीब परिवार कैसे चिन्हित हों इसको लेकर स्पष्टता नहीं है.
क्या उर्मिला मातोंडकर बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस की विजय पताका फहरा पाएंगी. इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर फिल्म स्टार गोविंदा ने 2004 में राम नाईक को हराया था.
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने देश को उम्मीदों की सवारी कराई थी. तमाम तरह के वादे और दावे किए गए थे. आश्चर्यजनक है कि बीजेपी आज उन मुद्दों की बात नहीं कर रही है.
जिन दलित आंदोलनकारियों को 2 अप्रैल के भारत बंद की हिंसा में सामंती-संघी विचारधारा के समर्थकों के हाथों मार दिया गया उन मामलों में गिरफ्तारियां बाकी हैं.
सारागढ़ी और भीमा कोरेगांव में एकमात्र गौरवशाली बात सिख और महार सैनिकों का निजी शौर्य था, जिसका देशभक्ति से कोई लेना-देना नहीं था. लेकिन सरकार, इतिहासकारों, पुस्तक लेखकों और फिल्मकारों ने दोनों घटनाओं के साथ बिल्कुल अलग तरह का बर्ताव किया.