संसद में आखिर के दो वर्षों में शरद यादव की अनुपस्थिति में जिस एक नेता ने सामाजिक न्याय और वंचितों के समर्थन में सबसे जोरदार तरीके से अपनी बात रखी, उनमें धर्मेंद्र यादव सबसे आगे रहे.
मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी का आरक्षण दोगुना तो कर दिया है, लेकिन इसे लेकर पार्टी कोई उत्साह नहीं दिखा रही है. इससे सवर्ण वोटर कांग्रेस से नाराज हो जाएंगे.
वोट मांगने वाले छोटे बड़े नेता तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन क्या आपने कोई ऐसा भी नेता देखा है जो वोट मांगने आये तो ढिठाई से एक भेली गुड़ की मांग भी कर बैठे?
यूपी में कांग्रेस के दलित मतदाता बसपा में शिफ्ट हो गए, मुसलमानों की पहली प्राथमिकता सपा और दूसरी बसपा हो गई. बचे सवर्ण, तो वो अब पूरी तरह से भाजपा में हैं.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.