दूसरे नेताओं में 80 वर्षीय मुलायम सिंह अपनी ही पार्टी में अलग-थलग हैं, वहीं 79 वर्षीय शरद पवार परिवार की अगली पीढ़ी के लिए चुनाव न लड़ने का ऐलान कर चुके हैं.
पहली बार महिला आरक्षण बिल आने के दो दशक से ज्यादा गुजरने के बावजूद आज भी इसे बाधित करने का आरोप सिर्फ तीन नेताओं- लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव और शरद यादव पर लगता है.
कन्हैया कुमार भूमिहार जाति के हैं, जिनकी बनारस में अच्छी संख्या है. वहां कभी कम्युनिस्टों का भी असर था. अपनी भाषण कला से कन्हैया बीजेपी की नाक में दम कर सकते हैं
बाबा साहेब का उद्देश्य दलितों में उनके मानव अधिकारों के लिए जारूकता पैदा करना था. उन्होंने यह निश्चय किया कि हमारा अछूत समाज इस तालाब से पानी पीकर रहेगा.
मान्यवर कांशीराम ने बामसेफ और बीएसपी ऐसे समय में बनाई जब वंचित जातियों का लोकतंत्र से मोहभंग हो रहा था. रिजर्व सीटों से चुने गए जनप्रतिनिधि बेकार साबित हुए थे. तब उन्होंने वंचित जातियों को शासक बनने का सपना दिखाया.
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में ‘ऑर्डरली सिस्टम’ खत्म करने के आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा. इस औपनिवेशिक व्यवस्था को खत्म करने में दक्षिणी राज्य सामाजिक सुधार के अग्रदूत बन रहे हैं.