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Tuesday, 17 February, 2026
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पाक के विरुद्ध सैन्य कार्यवाई ने दिखा दिया है कि भारत दुनिया के लिए कितना महत्वपूर्ण है

इस्लामाबाद के लिए ये एक कड़वा सच है कि भारत ने जब अपने मिराज उसकी सीमा में भेजे तो दुनिया के एक भी देश ने उसके पक्ष में कुछ नहीं कहा.

अमेरिका और मेक्सिको की तरह, हम भारत और पाकिस्तान के बीच दीवार नहीं बना सकते

आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कूटनीतिक समर्थन बढ़ाने की कवायद में जुटा भारत सही रास्ते पर है. सैनिक दबाव से पाकिस्तान घुटने नहीं टेकेगा.

भारत के साथ खूनी-संघर्ष, 50 वर्षों से चला आ रहा आत्म-विनाश कैसे रोकेंगे इमरान

पिछले पचास वर्षों में पाकिस्तान भारत के साथ रिश्तों में न केवल शर्मसार होता रहा है, बल्कि दुनिया भर में अपना समर्थन और अपनी आर्थिक हैसियत भी गंवाता गया है.

आदिवासियों के अधिकार छिनने से कमजोर हो जाएगा राष्ट्र

देश में 10 करोड़ से ज्यादा आदिवासी हैं. उनके अधिकारों की रक्षा वह वादा है, जिसे राष्ट्र ने आजादी के वक्त उनसे किया था. वन अधिकार कानून की रक्षा आवश्यक है

पाक ने शांति के लिए अभिनंदन को किया रिहा, पर इमरान को मोदी से ज्यादा आशा नहीं

ख़ान की घोषणा के बाद, पाकिस्तान में बहुत से लोग सवाल कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को बिना किसी शर्त या रियायत के क्यों छोड़ रहे हैं.

कश्मीर समस्या का हल क्या है?

पलायनवाद हमारा चिन्तन चरित्र बन चुका है. हम पेन किलर खा कर अपनी बीमारी छिपाने वाले राष्ट्र में तब्दील हो गए हैं. 1947 में कश्मीर समस्या फुंसी थी, नेहरू ने तब इसका इलाज करने की जगह धारा 370 का पेन किलर लेना ठीक समझा.

नरेंद्र मोदी ने किस मजबूरी में दलितों के पैर धोए?

आरएसएस एक ऐसी समाज व्यवस्था चाहता है जिसमें जातिभेद कायम रहे, लेकिन सभी जातियां समरसता के साथ रहें. इसी के तहत नरेंद्र मोदी दलितों के पांव धोए हैं. इससे जातियां कमजोर नहीं होंगी.

ऑपरेशन बालाकोट में ‘सूत्रों’ ने ही बनाया मीडिया का मज़ाक

सूत्रों ने अलग-अलग लोगों को इतनी अलग-अलग बातें बतायीं कि हमारा मीडिया कवरेज़ ही हास्यास्पद हो गया. सबने अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग अलापा.

तनाव कम करने के लिए तनाव बढ़ाना, पाकिस्तान के लिए भारत की नई चाल है

संभव है, बालाकोट हवाई हमले के बाद भी बारंबार होने वाले आतंकवादी हमले ना रुकें, लेकिन भारत ने कथानक को बदलने और यह दिखाने का विकल्प चुना कि वायुशक्ति से क्या कुछ संभव है.

पैरों की धुलाई नहीं चाहिए, सीवर में मरने वालों को मिले शहीद का दर्जा

सीवर में जान जाने का खतरा बॉर्डर से कम नहीं. देश के लिए सफाई का काम जरूरी भी है, वरना हर साल लाखों लोग बीमारी से मर जाएंगे. मोदी को सफाईकर्मियों के पैर धोने की जगह, उन्हें सम्मानजनक जिंदगी का हक देना चाहिए.

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तेलंगाना के छात्र ने एनआईटी कुरुक्षेत्र के छात्रावास में आत्महत्या की

कुरुक्षेत्र, 17 फरवरी (भाषा) तेलंगाना के 19 वर्षीय एक छात्र ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में कथित तौर...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.