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Saturday, 14 March, 2026
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होली के त्योहार को बॉलीवुड ने सबसे ज्यादा दिया है भाव

अपने दौर का कोई भी बड़ा सितारा हो दिलीप कुमार, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और रणवीर कपूर सबकी फिल्मों में होली का गाना जरूर रहा है.

नरेंद्र मोदी के खिलाफ क्यों बेहतर उम्मीदवार साबित होंगे कन्हैया कुमार?

कन्हैया कुमार भूमिहार जाति के हैं, जिनकी बनारस में अच्छी संख्या है. वहां कभी कम्युनिस्टों का भी असर था. अपनी भाषण कला से कन्हैया बीजेपी की नाक में दम कर सकते हैं

दो घूंट पानी पीकर बाबा साहेब ने दी जातिवाद को सबसे बड़ी चुनौती

बाबा साहेब का उद्देश्य दलितों में उनके मानव अधिकारों के लिए जारूकता पैदा करना था. उन्होंने यह निश्चय किया कि हमारा अछूत समाज इस तालाब से पानी पीकर रहेगा.

राष्ट्र को कांशीराम का शुक्रगुजार होना चाहिए, जिनके कारण बच गया लोकतंत्र

मान्यवर कांशीराम ने बामसेफ और बीएसपी ऐसे समय में बनाई जब वंचित जातियों का लोकतंत्र से मोहभंग हो रहा था. रिजर्व सीटों से चुने गए जनप्रतिनिधि बेकार साबित हुए थे. तब उन्होंने वंचित जातियों को शासक बनने का सपना दिखाया.

प्रियंका गांधी ने गंगा यात्रा तो की, लेकिन पीएम मोदी को घेरने का मौका गंवा बैठीं

प्रियंका का कोई दूरदर्शी सलाहकार होता तो उन्हें कानपुर से वाराणसी की यात्रा करने की सलाह देता. इस बहाने वे गंगा सफाई के दावों की सच्चाईयों से रूबरू हो जातीं.

2019 का चुनाव सिर्फ मोदी को लेकर है, और भाजपा, संघ या विपक्ष तक चर्चा से बाहर हैं

ऐसा लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुख्य मुद्दा नरेंद्र मोदी बनाम अराजकता का है. पार्टी काफी अाक्रामक रूप से इस मुद्दे को आगे बढ़ा रही है.

क्या बीजेपी 2014 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र पर अब बात करना चाहेगी

चुनाव सत्ताधारी दल के लिए अपने घोषणापत्र व पूरे किए वादों पर बात करने का एक मौका होता है. लेकिन बीजेपी इस बारे में बात क्यों नहीं कर रही है.

क्या भारतीय क्रिकेट के पहले सुपरस्टार पालवंकर बालू को जानते हैं?

रामचन्द्र गुहा का मानना है की भारतीय क्रिकेट के पहले महान और सुपरस्टार क्रिकेटर सीके नायडू नहीं, पालवंकर थे. लेकिन क्रिकेट इतिहासकारों ने उनकी अनदेखी कर दी.

अखिलेश यादव 2019 का चुनाव शुरू होने से पहले ही हार चुके हैं

सवाल ये है कि बसपा प्रमुख मायावती से गठबंधन कर अखिलेश यादव और सपा को क्या मिलेगा?

जीवन की सांझ में क्या मराठा साम्राज्य को बचा पाएंगे एनसीपी चीफ शरद पवार

रकांपा प्रमुख इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का जनाधार बचाने के साथ अपनी विश्वसनीयता बचाने की भी चुनौती है.

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भारत के पड़ोस में जनांदोलनों के बाद शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र की मजबूती की मिसाल है

लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.

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गुवाहाटी, 14 मार्च (भाषा) असम में कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ आरोपों वाले कथित “भड़काऊ” पर्चे रखने व...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.