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Friday, 27 February, 2026
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बीसीसीआई के सालाना करार में किन खिलाड़ियों के साथ हुई ज़्यादती

सालाना करार का पैमाना खिलाड़ियों का प्रदर्शन होता है. प्रदर्शन के आधार पर ही खिलाड़ियों को अलग अलग ग्रेड में रखा जाता है.

महिला आंदोलन और बाबा साहेब आंबेडकर की विचार दृष्टि

भारत में सवर्ण विचारकों ने जाति और महिला आंदोलन को अलग अलग करके देखा है. वहीं बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर ने भारत में जाति और महिला समस्या को जोड़कर देखा.

आखिर क्यों शुक्रवार को रांची से टीम इंडिया में सिर्फ एक स्टार होगा

ये सच है कि जिस मैदान पर धोनी ने अपने जीवन के शुरूआती मैच खेले हैं उस मैदान पर खेलकर कोई इतने बड़े ख्वाब भी शायद ही देख सकता हो.

राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनावी रैलियों से बाहर रखना है तो आचार संहिता में बदलाव लाना होगा

राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को चुनावी चक्र से बाहर रखने की ज़रूरत है. हालांकि, हर पार्टी की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति होनी चाहिए.

कांग्रेस को पूरी तरह से बदल देंगी प्रियंका, क्या है उनकी योजना

कांग्रेस अब देश के वंचित तबके की पार्टी बनने का मन बना चुकी है. कांग्रेस अब एक बार फिर देश की जनाकांक्षाओं के अनुरूप युवा होने की तैयारी में है

अपने बच्चों को बचाओ! उनके दिमाग में ज़हर बोया जा रहा है

अब जिस तरह की प्रवृत्ति बढ़ती दिख रही है, उससे साफ है कि एक स्थायी दूरी और बंटवारे की राजनीति की चपेट में बच्चों को भी लाया जा रहा है.

कोई बूथ कैप्चर नहीं, ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं- पुलवामा के बाद कैसे चुनाव कब्जे़ की है तैयारी

जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं एक बात साफ होती जा रही है : यह जनादेश में सेंधमारी नहीं बल्कि दिन-दहाड़े की जाने वाली डकैती है.

क्या होगा अगर सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस आ गई?

सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने से चुनावी अंकगणित में महागठबंधन अजेय हो जाएगा. लेकिन इसमें कुछ विचारधारात्मक बाधाएं हैं

मोदी इस देश में सिर्फ एक ताकत के सामने झुकते हैं

बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की छवि कभी न झुकने वाले नेता की बनाई है. लेकिन देश में एक राजनीतिक ताकत है, जिसके आगे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को अक्सर झुकना पड़ता है.

कश्मीर में खुले वो दरवाज़े, जो हमें नज़र नहीं आए

पिछले ढाई दशक से कश्मीर को लेकर भारत के बाकी हिस्से में जान-बूझ कर एक ऐसे नैरेटिव और विमर्श को हवा दी जा रही है, जिसमें वहां का हर शख्स भारतीय लोकतंत्र का दुश्मन नज़र आ रहा है.

मत-विमत

लद्दाख में सेना को ज़िम्मेदारी लेनी थी, राजनीतिक नेतृत्व पर बोझ नहीं डालना था

राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'

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राजनीति

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तमिलनाडु में एक चरण में चुनाव कराने के सुझाव पर विचार किया जाएगा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त

चेन्नई, 27 फरवरी (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव एक ही चरण...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.