पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के 12 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की तत्काल ज़रूरत है और यदि युद्ध को टालना है तो चीन के अलावा शेष प्रमुख ताक़तों को पाकिस्तान पर दबाव डालने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए.
बीएसएनएल जैसी टेलीकॉम कंपनियां तन्ख्वाह नहीं दे पा रहीं. उनके लाभकारी बनने के कोई संकेत भी नहीं. इससे बचने का सही उपाय कंपनियों में पैसा डालने के बजाय, इसमें काम कर रहे लोगों को पैसा देकर विदा करना बेहतर उपाय है.
अरे भाई ! कुछ किसान आत्महत्या जरूर कर रहे हैं यही सही है. लेकिन, यह समझना चाहिए कि यह हत्या खेती के अलाभकारी होने मात्र से है या उसके कारण अन्य भी हैं.
चीन के डेवलपमेंट मॉडल के केंद्र में प्रॉपर्टी सेक्टर था—घरों का निर्माण, ज़मीन की बिक्री और रियल एस्टेट में निवेश. अब इस निर्भरता के नतीजे साफ दिखने लगे हैं.