बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की छवि कभी न झुकने वाले नेता की बनाई है. लेकिन देश में एक राजनीतिक ताकत है, जिसके आगे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को अक्सर झुकना पड़ता है.
पिछले ढाई दशक से कश्मीर को लेकर भारत के बाकी हिस्से में जान-बूझ कर एक ऐसे नैरेटिव और विमर्श को हवा दी जा रही है, जिसमें वहां का हर शख्स भारतीय लोकतंत्र का दुश्मन नज़र आ रहा है.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'