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Tuesday, 10 March, 2026
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जीवन की सांझ में क्या मराठा साम्राज्य को बचा पाएंगे एनसीपी चीफ शरद पवार

रकांपा प्रमुख इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का जनाधार बचाने के साथ अपनी विश्वसनीयता बचाने की भी चुनौती है.

भीम आर्मी चीफ से मिलकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या हासिल किया?

क्या भीम आर्मी इतनी महत्वपूर्ण हो चुकी है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी की एक प्रमुख नेता चुनाव के बीच में उसके मुखिया से मिलने जाए.

कर्ज़ में डूबे पाकिस्तान को तभी संकट से उबारना चाहिए, जब वह आतंकवाद के खिलाफ़ ठोस कदम उठाए

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के 12 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की तत्काल ज़रूरत है और यदि युद्ध को टालना है तो चीन के अलावा शेष प्रमुख ताक़तों को पाकिस्तान पर दबाव डालने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए.

लोकसभा चुनाव में जनता के बीच नहीं, फिल्मी परदे पर होगा प्रचार

जमाना बदल गया है और जमाने के साथ चुनाव प्रचार भी बदल गया है. पहले लोग चुनाव में उम्मीदवार उतारते थे. अब फिल्में भी उतारी जाती है.

खबरें अब हिंसक और जानलेवा हो गई हैं

आजकल संचार और संप्रेषण के चालाक औजार को राजनीति का एक अहम जरिया बना लिया गया है. इसका मुख्य इस्तेमाल हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है.

सरकारें कब तक बीएसएनएल जैसे उपक्रमों को दिवालिया होने से बचाती रहेंगी?

बीएसएनएल जैसी टेलीकॉम कंपनियां तन्ख्वाह नहीं दे पा रहीं. उनके लाभकारी बनने के कोई संकेत भी नहीं. इससे बचने का सही उपाय कंपनियों में पैसा डालने के बजाय, इसमें काम कर रहे लोगों को पैसा देकर विदा करना बेहतर उपाय है.

क्या अब भी किसी को शक है कि गांव की अर्थव्यवस्था नहीं सुधरी?

अरे भाई ! कुछ किसान आत्महत्या जरूर कर रहे हैं यही सही है. लेकिन, यह समझना चाहिए कि यह हत्या खेती के अलाभकारी होने मात्र से है या उसके कारण अन्य भी हैं.

आखिर क्यों चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है, 2016 से खाली पड़ी अनंतनाग सीट

अनंतनाग लोकसभा सीट पर शांतिपूर्वक व सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न करवाना चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा से जुड़ चुका है.

मोदी विदेश नीति की वो 5 घातक गलतियां, जिसकी वजह से चीन ने भारत को अपमानित किया

मोदी का कद भी है और करिश्मा भी, मगर यह उन तैयारियों और कार्यवाहियों की जगह नहीं ले सकता जो प्रोफेसनल कूटनीति के लिए जरूरी हैं.

अम्बेडकरवाद को नई बुलंदियों पर ले गए मान्यवर कांशीराम

कांशीराम के नजरिए से अंबेडकरवाद को देखें तो किसी भी संगठन या फिर संस्थान को अंबेडकरवादी तभी कहा जा सकता है, जब यह पता हो कि उसका उद्देश्य क्या है.

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सार्वजनिक परीक्षा में अंक की जानकारी गोपनीय नहीं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

प्रयागराज, 10 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा कि सार्वजनिक परीक्षा में अंक की जानकारी गोपनीय नहीं होती और इसके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.