प्रधानमंत्री को आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए. कांग्रेस की आलोचना बाबा साहेब ने जरूर की है, लेकिन हिंदू धर्म, हिंदू राष्ट्र और हिंदू महासभा पर उनके विचार ज्यादा तीखे हैं.
सरकारी नौकरियों के लिए उम्र और अटैंप्ट में छूट दरअसल एससी, एसटी, ओबीसी को नौकरशाही और शिक्षा क्षेत्र में शिखर पर पहुंचने से रोकने में काम आती है. इसलिए सवर्ण गरीबों को ऐसी छूट नहीं चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंध को अपराध मानने से इंकार कर, फैसला समुदाय के पक्ष में सुना दिया हो, लेकिन इनके हालात देख कर लगता है- पिक्चर अभी बाकी है.
महिलाएं कैसे कपड़े पहनेंगी, ये बचपन की ट्रेनिंग और संस्कृति के दबाव में तय होता है. कहने को वे खुद तय करती हैं, कि वे क्या पहनेंगी, लेकिन ये फैसला अक्सर पितृसत्ता का होता है.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.