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Saturday, 11 April, 2026
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मत-विमत

औरत के वजूद को उसके सिर के बालों तक सीमित न कीजिये

यह देखना सुखद है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री हाल के कुछ अरसे में दकियानूसी नजरिये से बखूबी टक्कर ले रही हैं.

‘आधी रोटी खाएंगे, इंदिरा जी को लाएंगे,अबकी बारी अटल बिहारी’- क्यों नहीं सुनने को मिल रहे ऐसे नारे

देश की जनता को कुछ फड़कते हुए नारे सुनने को मिलेंगे. ये ही नारे तो जनता को किसी दलविशेष की तरफ खींचते हैं. ये चुनावों का अभिन्न अंग हैं.

मायावती ने क्यों बनाया था शहीद उधम सिंह के नाम पर एक जिला

जलियांवाला बाग के 100 साल पर शहीद उधम सिंह को याद करना जरूरी है. उन्होंने जालियांवाला बाग कांड का जिस तरह से बदला लिया, वो एक मिसाल है.

इमरान खान का मोदी को समर्थन बताता है कि कैसे अपने बुने जाल में फंसी भाजपा

मोदी-भाजपा जब कि पाकिस्तान का डर दिखाकर दोबारा सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, इमरान खान ने खेल बदल डाला है और वे भारतीय जनमत में विभाजन पैदा कर रहे हैं

जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद भी महात्मा गांधी ने जनरल डायर को क्षमा क्यों किया

महात्मा गांधी ने अस्पृश्यता को ‘हिंदू धर्म का डायरवाद’ करार दिया था. उन्होंने गोरक्षा के नाम पर हत्या किए जाने को भी जनरल डायर के कृत्य के समरूप बताया था.

अकेली लड़ने वाली बीएसपी अब हर राज्य में तालमेल क्यों कर रही है?

बीएसपी को मौजूदा राजनीति की इस सच्चाई का अंदाजा हो गया है कि दूसरे दलों को साथ लिए बगैर लड़ाई मुश्किल होगी. वह सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस से परहेज कर रही है.

तो आजाद उम्मीदवारों से वंचित रहेगी लोकसभा?

16वीं लोकसभा में सिर्फ तीन आजाद उम्मीदवार चुनकर आए थे. जबकि पहली लोकसभा में 37 और 15वीं लोकसभा में नौ निर्दलीय चुनकर पहुंचे थे.

पाकिस्तान के छल और छद्म का युद्ध : एफ-16 का टेल नंबर और पायलट दोनों शिकार

पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई आईएसपीआर पहले ही दिन से अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान एफ-16, को भारतीय वायु सेना के जाबांज़ लड़ाको द्वारा मार गिराए जाने का सच छुपा रहा है. भारतीय वायु सेना के पास उपलब्ध दस्तावेज़ों और कश्मीर के मैदानों मे बिखरे पड़े हैं. प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ अकट्य प्रमाणों का आई ए एफ मिराज के पायलट और जाने -माने रक्षा विशेषज्ञ समीर जोशी द्वारा सहेजा गया एक संकलन.

फुले की रचना के आधार पर आया था सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

इस लेख में सामाजिक न्याय के तीन प्रमुख आंदोलन- लैंगिक भेदभाव, जातिगत असमानता और रंगभेद के ख़िलाफ़ लड़ाई में ज्योतिबा फुले के विचारों की छाप देखने की कोशिश की गई है.

आदिवासी समाज का बंटवारा करने में कामयाब रहा आरएसएस

वोट की राजनीति में मध्य भारत में सघन रूप से बसी आदिवासी आबादी की निर्णायक भूमिका है. पहले कांग्रेस उनका उपयोग करती थी और अब भाजपा.

मत-विमत

मलबे के ढेर से ईरान और ज्यादा मजबूत होकर उभरा है और अमेरिका को यह समझने में 40 दिन लग गए

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी नेतृत्व की हत्याओं का परिणाम यह हुआ कि मारे गए लोगों को शहादत का दर्जा मिल गया. शिया समुदाय ने इन मौतों को कर्बला की लड़ाई से चली आ रही शहादत के रूप में देखा.

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राजनीति

देश

मायावती ने ज्योतिबा फुले की जयंती पर सामाजिक परिवर्तन में उनके योगदान को याद किया

लखनऊ, 11 अप्रैल (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सामाजिक परिवर्तन में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.