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Monday, 2 February, 2026
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भाजपा दक्षिण भारत के परिसीमन के डर को समझती है, इसलिए वह निष्पक्ष, पारदर्शी प्रक्रिया चाहती है

दक्षिण भारतीय नेताओं का दावा है कि संसदीय प्रतिनिधित्व कम करने से संसाधन आवंटन प्रभावित हो सकता है. उन्हें याद रखना चाहिए कि दक्षिण में विकास बिहार और ओडिशा की कीमत पर हुआ है.

भगदड़ जैसे हादसे और मौतें शहर के बुनियादी ढांचे की कमी को दिखाते हैं, सरकार सिर्फ जुबानी कार्रवाई न करे

भीड़ और भगदड़ के मामले में भारत का रिकॉर्ड खराब है. बार-बार ऐसी घटनाएं और मौतें होने के बावजूद भीड़ नियंत्रण के मामले में प्रशासन के रुख में कोई खास बदलाव नहीं आया है.

जीवन के प्रवाह का पुनर्जीवन: दक्षिण एशिया को एक जैव सांस्कृतिक क्षेत्र के रूप में देखना

एशिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले और ताकतवर देशों, चीन और भारत के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव, कभी-कभी सशस्त्र संघर्ष में बदलता रहा है. जलवायु संकट के कारण दक्षिण एशिया के देशों के बीच संघर्ष और भी बदतर होने की आशंका है.

बिना राजपाट वाले राजा ज्ञानेंद्र की वापसी से नेपाल में राजशाही की आहट के मायनें

पूर्व नरेश के कई समर्थक उन्हें उम्मीद की एक किरण के रूप में देखते हैं. उनका मानना है कि वे देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल कर सकते हैं, जो कि 17 वर्षों से दूर का सपना बना हुआ है.

एंटी-टैंक मिसाइल को लेकर भारत की दुविधाएं उन्हें खुद बनाने, बाहर से खरीदने और फौरी ज़रूरत पर केंद्रित

भारत वर्षों से देसी एटीजीएम बनाने की कोशिश में जुटा है ताकि उसकी सैन्य क्षमता मजबूत बने, विदेशी हथियार सप्लायरों पर निर्भरता घटे और सेना के ऑपरशन्स ज्यादा असरदार बने.

भारत को 8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नीलेकणि के ‘4 अनलॉक’ के लिए मोदी 3.0 कैसे तैयार नहीं

पहले कार्यकाल में ज़मीन अधिग्रहण विधेयक और दूसरे कार्यकाल में कृषि कानूनों पर पीछे हटने के बाद, ऐसा लगता है कि पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल में सुधारों के लिए अपनी इच्छा समाप्त कर दी है.

समय रैना से लेकर गुलमर्ग फैशन शो तक — आहत भावनाओं को शांत करने के लिए माफी क्यों काफी नहीं है?

भारत हमेशा से ही जनता की भावनाओं से निर्देशित रहा है, लेकिन अब हमारी सहनशीलता कम होती जा रही है.

गेमिंग एप के लिए तमिलनाडु में KYC एक अच्छी पहल है, लेकिन और भी बदलाव किए जा सकते हैं

ये नियम दखलंदाजी या प्रोत्साहनों पर आधारित नहीं हैं. बल्कि, काउंसलिंग, डिजिटल कुशलता के साधन, या गेम की स्वैच्छिक सीमा जैसे उपाय आचरण में दीर्घकालिक बदलाव को बढ़ावा दे सकते हैं.

बंगाल में तापसी मंडल का ‘आया राम गया राम’ कहना आम बात है, सांप्रदायिकता का जिन्न अब बाहर आ गया है

विधायक तापसी मंडल के पार्टी बदलने के बाद — जिसके लिए उन्होंने भाजपा के ‘विभाजनकारी एजेंडे’ को जिम्मेदार ठहराया — शुभेंदु अधिकारी की सांप्रदायिक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई. ममता के सिपहसालारों ने भी उसी तरह पलटवार किया.

कोई मुसलमान होली खेलते हुए नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिद जाए, इसे हम आम बात क्यों न मानें?

मुसलमान लोग सोशल मीडिया पर होली तथा दूसरे हिंदू त्योहार मना रहे हैं और अपने हिंदू दोस्तों तथा मुस्लिम दोस्तों को भी त्योहारों पर बड़े उत्साह से बधाई दे रहे हैं. अब हम इसे वास्तविक रूप क्यों न दें?

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कोहिमा बस हादसा: मारे गए लोगों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा

कोहिमा, दो फरवरी (भाषा) नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कोहिमा में दो दिन पहले हुई एक बस दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.