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Saturday, 21 March, 2026
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मत-विमत

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर क्यों करें डॉ. आंबेडकर को याद

बाबा साहेब को देश उनके कई और योगदान के लिए याद करता है. लेकिन उनका एक महत्वपूर्ण कार्य मजदूरों और किसानों को संगठित करने और उनके आंदोलन का नेतृत्व करने का भी था.

गूंजे धरती आसमान वाले रामविलास पासवान अमित शाह के कहने पर अमेठी क्यों गए?

क्या रामविलास पासवान लोकसभा चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं? हो सकता है ऐसा हो. क्या वे राज्यसभा का सुरक्षित दांव इसी लिए खेल रहे हैं? मुमकिन है.

इस बार का चुनाव सबके लिए एक जैसा नहीं है

सही मायने में लोकतंत्र सभी दलों को समान अवसर देने की मांग करता है लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में ऐसा नहीं हो रहा.

अखिलेश की ‘भैंस’ यानी जन्म, कर्म और राजनीति का कॉकटेल

खासकर दलित और पिछड़ी जातियों के नेताओं को अक्सर जातिसूचक अपमानजनक संबोधन झेलने पड़ते हैं और जाति कर्म के आधार पर उनका मजाक उड़ाया जाता है. क्या है इसकी समाजशास्त्रीय व्याख्या?

चुनाव जीतने के लिए वोट का ध्रुवीकरण करने में जुटी भाजपा

पिछले पांच सालों के दौरान अगर ख़ूब 'विकास' हुआ है, तो चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के नेता विकास पर वोट क्यों नहीं मांग रहे हैं? आखिर क्यों मुसलमान विरोधी धुव्रीकरण की कोशिश की जा रही है?

मुंबई छोड़िए, दिल्ली भोजपुरी संगीत इंडस्ट्री का नया केंद्र बन गया है

मुंबई में रिकॉर्डिंग स्टूडियो केवल प्रसिद्ध भोजपुरी गायकों की उम्मीदों को पूरा कर रहे हैं. वहां रिकॉर्डिंग और गुजर-बसर महंगा है, दिल्ली में, एक गीत 2,500 रुपये में तैयार हो जाता है और स्टूडियो हाथों-हाथ लेते हैं.

मोदी इस चुनावी मौसम में भोजपुरी संगीत जगत के ‘बलमा चौकीदार’ हैं

इन दिनों राजनीति का जलवा है और भोजपुरी गायक इसे खूब भुना रहे हैं.

डिजिटलीकरण में जिसने आलस किया वह पीछे छूट जाएगा

भारत में इंटरनेट के ग्राहकों की संख्या 56 करोड़ हो गई है और 2018 में यहां 12.3 अरब ऐप डाउनलोड किए गए. दुनिया में केवल चीन ही इस मामले में उससे आगे है.

उदित राज की बीजेपी से विदाई है संघ के समरसता प्रोजेक्ट की असफलता

पिछले कुछ दिनों से लग रहे क़यासों को सही साबित हुए, डॉ उदित राज ने आख़िरकार बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया है. उन्होंने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से अपना टिकट कटने की वजह से बीजेपी छोड़ दी है.

बेगूसराय में जावेद अख्तर ने क्यों किया आरजेडी उम्मीदवार तनवीर हसन का विरोध

बिहार के चुनावी समर में बेगूसराय सिर्फ एक सीट है. लेकिन यहां कन्हैया के खड़े होने और उनके पक्ष में देशभर से प्रगतिशील लोगों के जमा होने से इसे बहुत ज़्यादा मीडिया कवरेज मिल रही है. वहां जावेद अख्तर के एक बयान से विवाद हो गया है.

मत-विमत

‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

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धुआंधार काम कर रहे ‘धाकड़’ धामी को अब ‘धुरंधर’ कहा जाना चाहिए: राजनाथ सिंह

हल्द्वानी, 21 मार्च (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘धुरंधर’ बताया और कहा कि धामी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.