एक भारतीय अर्थशास्त्री के नाम पर चेयर की स्थापना का ये भी मतलब है कि भारत इस समय असमानता पर चल रहे अध्ययन का महत्वपूर्ण सब्जेक्ट है. यहां की बढ़ती असमानता, गरीबी और मानव विकास सूचकांक पर बेहद नीचे होना, दुनिया भर के लिए चिंता का कारण है.
जन आंदोलन से जुड़े नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा में कोई बुराई नहीं हैं. लेकिन राजनीतिक दल अपना उम्मीदवार चुनते समय कई पहलुओं का ध्यान रखते है और अक्सर आंदोलनों से जुड़े नेताओं की महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाती.
अगर आप यह सोचते हैं कि भाजपा 'दुश्मनों और गद्दारों' के नाम पर जो मुहिम चला रही है उसे आप देशद्रोह से संबंधित कानून को खत्म करने के वादे से बेअसर कर देंगे, तो आप मुगालते में हैं और आपको पता नहीं है कि आपकी लड़ाई किस चीज़ से है.
1980 में अटल बिहारी वाजपेयी जनता पार्टी के टिकट पर प्रतिष्ठित नई दिल्ली सीट से लड़े. उनके सामने कांग्रेस ने कमोबेश एक अंजान शख्स सी.एम. स्टीफन. को उतारा था.
इस सभा को इस मायने में ऐतिहासिक करार दिया जा सकता है कि लंबे अरसे बाद यूपी की दो सामाजिक शक्तियों दलितों और पिछड़ों के प्रतिनिधित्व की दावा करने वाली दो पार्टियां फिर से करीब आई हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?