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Wednesday, 25 February, 2026
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मत-विमत

असमानता पर अध्ययन के लिए एलएसई में अमर्त्य सेन चेयर बनाए जाने का मतलब

एक भारतीय अर्थशास्त्री के नाम पर चेयर की स्थापना का ये भी मतलब है कि भारत इस समय असमानता पर चल रहे अध्ययन का महत्वपूर्ण सब्जेक्ट है. यहां की बढ़ती असमानता, गरीबी और मानव विकास सूचकांक पर बेहद नीचे होना, दुनिया भर के लिए चिंता का कारण है.

हमने इतना आंदोलन किया, अब हमें टिकट तो दो!

जन आंदोलन से जुड़े नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा में कोई बुराई नहीं हैं. लेकिन राजनीतिक दल अपना उम्मीदवार चुनते समय कई पहलुओं का ध्यान रखते है और अक्सर आंदोलनों से जुड़े नेताओं की महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाती.

साध्वी प्रज्ञा सिंह के चुनाव लड़ने के साथ ही भाजपा ने संपूर्ण भारत में आधी लड़ाई जीत ली है

वह 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में मुकदमे का सामना कर रही हैं. लोकसभा चुनाव के बिगड़ते माहौल के बीच अब सबकी नज़र भोपाल पर रहेगी.

राजनीति ईमानदार चेहरों की पहचान पुख्ता नहीं होने देती, न ही उनको मुकम्मल जहां मिलने देती है!

भगौती प्रसाद ने राजनीति को धनोपार्जन का साधन नहीं बनाया था, इसलिए जल्दी ही उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी.

मोदी-शाह की जोड़ी ने इस देश को ‘जिंगोस्तान’ बना दिया है

अगर आप यह सोचते हैं कि भाजपा 'दुश्मनों और गद्दारों' के नाम पर जो मुहिम चला रही है उसे आप देशद्रोह से संबंधित कानून को खत्म करने के वादे से बेअसर कर देंगे, तो आप मुगालते में हैं और आपको पता नहीं है कि आपकी लड़ाई किस चीज़ से है.

जब नई दिल्ली सीट से एक मलयाली अटल जी को हराने वाला था

1980 में अटल बिहारी वाजपेयी जनता पार्टी के टिकट पर प्रतिष्ठित नई दिल्ली सीट से लड़े. उनके सामने कांग्रेस ने कमोबेश एक अंजान शख्स सी.एम. स्टीफन. को उतारा था.

मायावती और मुलायम का साथ आना क्यों महत्वपूर्ण है?

इस सभा को इस मायने में ऐतिहासिक करार दिया जा सकता है कि लंबे अरसे बाद यूपी की दो सामाजिक शक्तियों दलितों और पिछड़ों के प्रतिनिधित्व की दावा करने वाली दो पार्टियां फिर से करीब आई हैं.

प्रियंका गांधी को क्यों मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहिए

प्रियंका गांधी चुनाव नहीं जीतेंगी, लेकिन कम से कम ऐसा लगेगा कि देश में विपक्ष है.

लालू प्रसाद यादव की आत्मकथा की 5 बातें, कोई और नेता लिखता तो ‘महान’ बन जाता

दलितों ने लिटरेचर लिखा तो उसे ‘दलित साहित्य’ कहकर पुस्तक मेलों में ही किनारे स्टॉल पर खड़ा कर दिया गया. ठीक वैसे ही, जैसे जाति सिस्टम में होता है.

पश्चिम बंगाल को चाहिए असली बदलाव, ममता बनर्जी का ‘पोरिबर्तन’ नहीं

पश्चिम बंगाल को बदलाव की सख्त जरूरत है. वहां के लोग इतने सालों के कुशासन के बाद अब नरेंद्र मोदी सरकार पर भरोसा दिखा रहे हैं.

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मुसलमानों को ‘गोली मारने’ वाले हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो पर कानून क्या कहता है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

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राजनीति

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गोवा में एक एसयूवी ने कार को मारी टक्कर, कार सवार व्यक्ति की मौत

पणजी, 25 फरवरी (भाषा) उत्तरी गोवा में एक एसयूवी ने एक अन्य कार को टक्कर मार दी जिससे कार सवार पर्यटक की मौत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.