भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है और उसमें दर्ज एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट दलित-आदिवासियों को ब्राह्मणवाद के सामंती मानस से संरक्षण प्रदान करता है.
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र के माध्यम से सही चाल चली थी, लेकिन वह मसले चुनावी प्रचार में पीछे छूट गए. रोजगार की योजना, किसानों को राहत, ओबीसी के लिए कार्यक्रम आदि के बारे में कांग्रेस मतदाताओं को बता ही नहीं पाई.
विपक्ष को सीखना होगा कि मुद्दे को चिन्हित करके अपनी बात कहे, रचनात्मक और सकारात्मक ढंग से अपनी बात रखनी होगी और लोगों की आशा-आकांक्षा से जुड़ने वाली भाषा अख्तियार करनी होगी.
भारतीय समाज को निर्मम व निकृष्ट तरीके से विखंडित कर देने का इनाम बीजेपी को मिला है. वंचित तबकों के लिए इस जनादेश का क्या है मतलब और इसका कैसा होगा प्रतिकार.
भाजपा के प्रदर्शन के इर्द-गिर्द धारणाएं शायद ही इसे ड्राइविंग सीट पर बैठाने के लिए काफी थीं. मगर भाजपा को 200 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत वोट मिले.