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Thursday, 26 February, 2026
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बबुई तुलसी के बीजों के बिना अधूरी है कश्मीर में रमजान की इफ़्तारी

रमजान के पवित्र महीने के दौरान रोज़ा रखने वाले व्यक्ति में पानी की कमी को पूरा करने के लिए भी ‘बब्बरी-ब्योल’ (बबुई तुलसी) का इस्तेमाल किया जाता है. इसके सेवन से प्यास को रोकने में मदद मिलती है.

भारत के बुनियादी विचार के खिलाफ है नागरिकता संशोधन विधेयक

ये विधेयक भारत में बाहर से आकर बसे हुए लोगों को, धार्मिक आधार पर विभेद करते हुए, नागरिकता प्रदान करने की बात करता है. इस दृष्टि से ये विधेयक संविधान निर्माताओं की भावना के खिलाफ है.

कांशीराम और मायावती के काम के तरीके में फर्क

कांशीराम जहां सेना के नियमों के हिसाब से काम करते थे, वहीं मायावती नौकरशाही के मॉडल पर चलती हैं. यह मॉडल बीएसपी को कहां पहुंचा सकता है चुनाव नतीजों से देखा जा सकता है.

किस विचारधारा के लिए और कैसे लड़ेंगे राहुल?

उनके और देश दोनों के लिए बेहतर होगा कि नये मुकाबले से पहले स्थितियों और परिस्थितियों का सम्यक आकलन कर अपने सरंजामों की बेहतरी सुनिश्चित कर लें.

राम-राम से लेकर राम नाम सत्य है तक राम ही तो हैं!

राम का नाम भारत से बाहर जा बसे करोड़ों भारतवंशियों को एक-दूसरे से जोड़ता है. राम आस्था के साथ सांस्कृतिक चेतना के भी महान दूत हैं.

क्या है ‘कांग्रेस सिस्टम’ जिसके टूटने के कारण हार रही है पार्टी

कांग्रेस संगठन में राहुल गांधी को ये बताना वाला कोई नहीं था कि महत्वपूर्ण नेताओं को जिम्मेदारियां न सौंपकर वे गलतियां कर रहे हैं.

बाबा साहेब से सीखें हारे एमपी, खाली करें लुटियन जोन के बंगले

डा.भीमराव आंबेडकर ने पंडित नेहरु की कैबिनेट से 27 सितंबर,1951 को इस्तीफा दे दिया था. वे उसके अगले ही दिन यानी 28 सितंबर, 1951 को 26 अलीपुर रोड में शिफ्ट कर गए थे.

मोदी के नकारात्मक चुनाव प्रचार के बावजूद पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत का इच्छुक क्यों है

पाकिस्तान में सेना के मौजूदा प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने भी भारत के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है.

नई केंद्र सरकार में दक्षिण भारत से कोई बड़ा चेहरा नहीं

उत्तर और दक्षिण की बिलकुल ही अलग-अलग प्रकार की सामाजिक-राजनैतिक परिस्थितियां, अलग प्रकार की समस्याएं एवं चिंताएं हैं – इन सब मसलों को संतोषजनक रूप से हल करने की कोशिश होनी चाहिए.

दलित महिलाओं के उत्पीड़न में सवर्ण महिलाएं क्यों शामिल होती हैं?

ऐसा शायद कभी नहीं हुआ कि सवर्ण महिलाओं ने अपने परिवार के उन पुरुषों का बहिष्कार कर दिया हो, जिन्होंने दलित महिलाओं का यौन शोषण या बलात्कार किया हो बल्कि वो उनको बचाने की तमाम कोशिशें करती हैं.

मत-विमत

मुसलमानों को ‘गोली मारने’ वाले हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो पर कानून क्या कहता है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

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राजनीति

देश

अलग कुओं की परंपरा से साझा थाली तक का सफर: महाराष्ट्र का सौंदला गांव हुआ ‘जाति-मुक्त’

मुंबई से 350 km दूर, सौंदला ने जाति को ‘सिर्फ़ कागज़ पर’ रखने का फ़ैसला किया है, गालियों पर रोक लगाई है, विधवाओं की दोबारा शादी का समर्थन किया है और स्टूडेंट्स के लिए 2 घंटे का नो-मोबाइल विंडो शुरू किया है.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.