ज्ञान की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त काशी प्रसाद जायसवाल क्यों फ़ुट नोट्स बन कर रह गए? उनका कृतित्व क्यों इतिहास के पन्नों में दबा दिया गया?
ऐसे लोग कम होते हैं जो बग़ैर किसी शोहरत की तमन्ना किए ख़ामोशी से समाज सेवा का अपना काम किए जाते हैं. ऐसी ही शख़्सियतों में एक नाम अब्दुर रज़्ज़ाक़ अंसारी का है
कुलदीप सिंह सेंगर, संजय सिंह, साक्षी महाराज की कहानियां...और ये कहानियां हमें हमारी सियासत, पुलिस, न्याय व्यवस्था, और भाजपा के बारे में क्या बताती हैं?
कांवड़ यात्रा में दलितों और ओबीसी का बड़ी संख्या में शामिल होना एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिघटना है लेकिन आखिर किन वजहों से ऐसा हो रहा है? आइए जानने की कोशिश करते हैं.
बदलते और बिगड़ते पर्यावरण की समस्या केवल भारत की नहीं है. लेकिन इसका विकराल रूप भारत जैसे गरीब देश को ज्यादा झेलना पड़ेगा. इसलिए हमें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.
सांप्रदायिक भेदभाव की यह अपनी तरह की कोई अनूठी या पहली घटना नहीं है. ऐसे भेदभावों के ही चलते आजादी के बहुत सालों बाद तक रेलवे स्टेशनों पर ‘हिन्दू पानी’ अलग और ‘मुस्लिम पानी’ अलग हुआ करता था.
पाकिस्तान इन दिनों टिकटॉक के मज़े ले रहा है, जहां किसी को भी बख्शा नहीं जाता. हालांकि, इसे गैर-इस्लामी करार देने वाले और इस पर प्रतिबंध की मांग करने वाले सक्रिय हो चुके हैं.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.
मदुरै (तमिलनाडु), सात मार्च (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का भी वही हश्र...