scorecardresearch
Thursday, 5 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

रेल से लेकर बाजार तक बिहार मोदीमय है!

मीडिया निरंतर भारत के नागरिकों और वोटरों को भीड़ में तब्दील करता जा रहा है. इस मॉब का काम अब सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी को जिताना मात्र नहीं है, बल्कि अपने बीच से मोदी पैदा करना है.

कहां ले जायेगी प्रेम को जाति व धर्म की नोंक पर रखने वाली पंचायतों की क्रूरता

झारखंड में पलामू जिले की उलडंडा ग्राम पंचायत के मुसुरमू गांव में एक पंचायत ने प्रेम को जाति की नोंक पर रखा तो पुरानी सारी सीमाएं पार करती उसकी क्रूरता ने प्रेम में डूबी एक बेटी के पिता की जान ले ली.

370 लागू होने के बाद और हटने पर भी, बदकिस्मती ‘जन्नत के शिल्पियों’ के ही हिस्से आई है

राज्य में लगभग 20 सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां हैं. जम्मू और कश्मीर खनिज 1960 में खनिज संसाधनों का दोहन करने के लिए शुरू हुआ था. सरकार के अनुसार बीस में सिर्फ चार लाभ में हैं, बाकी नुकसान में हैं.

गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया से क्यों डर रहे हैं चिदंबरम

अच्छा तो यह होता कि पी. चिदंबरम सीबीआई और ईडी अफसरों के साथ चुपचाप चले गये होते. जांच में आगे भी वैसे ही सहयोग करते जैसे किसी भी आरोपित व्यक्ति को करना चाहिए.

मोहन भागवत को समझना चाहिए कि योग और बॉलीवुड के समान आरक्षण नीति भी भारत की सौम्य शक्ति है

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जज रुथ बेडर गिंसबर्ग ने भारत की आरक्षण व्यवस्था को अमेरिका में अपनाए गए ऐसे किसी भी कार्यक्रम के मुकाबले पुराना और अधिक व्यापक बताया है.

लड़कियों के हाथ मोबाइल पहुंचने से क्यों बौखलाए हैं खाप पंच

भारत की सामंती शक्तियों और सामंती विचार के लोगों ने उन सब मंचों का हमेशा से विरोध किया है, जिन्होंने लोगों को बराबरी देने का छोटा-सा प्रयास भी किया हो.

गुरु रविदास की परंपरा और उनसे जुड़ी निशानियों को बचाना क्यों ज़रूरी

गुरु-संत परंपरा से जुड़े स्थल तमाम तरह के प्राचीन ज्ञान के श्रोत भी रहे हैं, जिसमें जड़ी-बूटियों से लेकर संगीत तक का ज्ञान शामिल है.

मीराबाई से लेकर बाबा साहेब के श्रद्धेय क्यों हैं गुरु रविदास

भारतीय चिन्तन में अश्वघोष के बाद निर्गुण संतों ने ही जाति-प्रथा के दुष्परिणामों को मजबूती से स्वर दिया है. गुरु रविदास का स्वर इनमें सबसे ऊंचा है. आज जब उनके गुरुघर पर विवाद चल रहा है तो उनकी रचनाओं को पढ़ा जाना चाहिए.

रविदास मार्च से चंद्रशेखर आज़ाद के रूप में बहुजन आंदोलन को अपना नया नेता मिल गया है

उत्तर प्रदेश में नए ज़माने के रॉबिनहुड बीआर आंबेडकर के मूल सिद्धांत ‘शिक्षित करो, संगठित करो, आंदोलित करो’ पर आधारित सामाजिक आंदोलन चला रहे हैं.

क्या धर्मांतरण कानून बनाने से जबरन धर्म परिवर्तन पर अंकुश लग सकेगा

धर्मान्तरण की शिकार महिलाओं के हितों की रक्षा जरूरी है, बीवी को तलाक दिये बगैर शादी के लिये इस्लाम धर्म अपनाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

ओडिशा सरकार ने 21 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया

भुवनेश्वर, पांच फरवरी (भाषा) ओडिशा सरकार ने राज्य की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए बृहस्पतिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 21 अधिकारियों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.