अनुच्छेद 370 तो गया, अब एक सही लड़ाई लड़ने का समय आ गया है— कश्मीरियों को भारत के सभी नागरिकों को प्राप्त समान अधिकार दिलाने, कश्मीर में नागरिक और मानवाधिकारों व व्यावसायिक तथा राजनीतिक गतिविधियों को बहाल करने की लड़ाई लड़ने का.
बेशक, यूपी में समाजवादी पार्टी और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल अल्पसंख्यकों की पहली प्राथमिकता वाले दल हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी और जनता दल यूनाइटेड भी अल्पसंख्यकों के अच्छे-खासे वोट पाते रहे हैं.
कोलिजियम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जजों और हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस की नियुक्ति की सिफ़ारिशें लगातार विवादों के घेरे में आ रही हैं. लेकिन इससे ज़्यादा विवाद हाई कोर्ट के जजों के ट्रांसफ़र को लेकर है.
आदर्शवादी नौजवान, पत्रकार या ज़मीन से जुड़कर काम करने वाले एक्टिविस्ट्स से भेंट होती है तो वे रवीश का ज़िक्र किसी ‘हीरो’ के रुप में करते हैं और रवीश का नायकत्व उनके मन में कुछ इस कदर बसा है कि खुद रवीश को पता चले तो वे भी इस बात से डर जायें.
जेएनयू की प्रभावी बौद्धिकता देशवासियों से ही नहीं, सामान्य बुद्धि से भी दूर रही है. लंबे समय से वामपंथी दबदबे का रहस्य सामाजिक शिक्षा के राजनीतिकरण में है.