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Thursday, 5 February, 2026
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मोदी ने बंटवारे के पाकिस्तान के ‘अधूरे छूटे काम’ को पूरा किया है

अनुच्छेद 370 तो गया, अब एक सही लड़ाई लड़ने का समय आ गया है— कश्मीरियों को भारत के सभी नागरिकों को प्राप्त समान अधिकार दिलाने, कश्मीर में नागरिक और मानवाधिकारों व व्यावसायिक तथा राजनीतिक गतिविधियों को बहाल करने की लड़ाई लड़ने का.

नीतीश कुमार की जदयू को अब भाजपा को बिहार पर शासन करने का मौका देना चाहिए

नीतीश कुमार की कार्यशैली ने जदयू को एक व्यक्ति-केंद्रित पार्टी बना दिया है, न कि विचारधारा पर आधारित दल. बिहार की कमान अब भाजपा को संभालनी चाहिए.

सेकुलर और कम्युनल दोनों खेमों में होने की मायावती और नीतीश की सुविधा

बेशक, यूपी में समाजवादी पार्टी और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल अल्पसंख्यकों की पहली प्राथमिकता वाले दल हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी और जनता दल यूनाइटेड भी अल्पसंख्यकों के अच्छे-खासे वोट पाते रहे हैं.

भारत की सबसे पुरानी पार्टी अपनी कब्र खोदने पर क्यों आमादा है

कांग्रेस के साथ सबसे बड़ा संकट तो यह है कि वहां सारे फैसले 10 जनपथ पर ही लिए जाते हैं. कांग्रेस के शेष नेताओं ने हाथ खड़े कर दिए हैं.

जस्टिस ताहिलरमानी का इस्तीफा और न्यायपालिका की साख का सवाल

कोलिजियम द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जजों और हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस की नियुक्ति की सिफ़ारिशें लगातार विवादों के घेरे में आ रही हैं. लेकिन इससे ज़्यादा विवाद हाई कोर्ट के जजों के ट्रांसफ़र को लेकर है.

पोक्सो में ये अपराध है, क्या मुस्लिम युवती को 18 साल से कम उम्र होने पर भी विवाह की इजाज़त सही

सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक केस आया है कि क्या 18 साल से कम आयु की मुस्लिम युवती से विवाह करने और उससे यौन संबंध बनाना दंडनीय अपराध होगा या नहीं

रवीश कुमार की पत्रकारिता हमारे वक्त में घायल हो रहे सच का आईना है, पर सच इतना अकेला क्यों है

आदर्शवादी नौजवान, पत्रकार या ज़मीन से जुड़कर काम करने वाले एक्टिविस्ट्स से भेंट होती है तो वे रवीश का ज़िक्र किसी ‘हीरो’ के रुप में करते हैं और रवीश का नायकत्व उनके मन में कुछ इस कदर बसा है कि खुद रवीश को पता चले तो वे भी इस बात से डर जायें.

भारतीय सेना ने अरुणाचल में चीनी अतिक्रमण पर दिप्रिंट के लेख को गलत बताया

लेखक अभिजीत अय्यर-मित्रा ने अपने दावे के समर्थन में और भी उपग्रह चित्र पेश किए और उन्होंने भारतीय सेना के समक्ष नए सवाल भी उठाए हैं.

भारत को मरुस्थल घटाने हैं तो महान प्रधानमंत्रियों को इसपर अपने मासूम विचार छोड़ने पड़ेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने सैकड़ों तालाबों को पुनर्जीवित करने का प्रण दोहराया है. लेकिन क्या इसकी शुरुआत दिल्ली से की जा सकती है.

क्या जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बौद्धिक ‘एनिमल फार्म’ है

जेएनयू की प्रभावी बौद्धिकता देशवासियों से ही नहीं, सामान्य बुद्धि से भी दूर रही है. लंबे समय से वामपंथी दबदबे का रहस्य सामाजिक शिक्षा के राजनीतिकरण में है.

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रंगीन कोरियन दुनिया के प्रति लगाव और घरेलू तनाव: गाजियाबाद की बहनों की डायरी में दर्ज पीड़ा

गाजियाबाद (उप्र), पांच फरवरी (भाषा) गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीन नाबालिग बहनों के कमरे से मिली नौ पन्नों की एक छोटी-सी डायरी चीख-चीखकर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.