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Thursday, 5 March, 2026
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क्या न्यायालय का फैसला सुलझा सकेगा राम जन्मभूमि मामला या फिर कोई नया विवाद होगा खड़ा

हिंदू पक्षों ने जहां विवादित स्थल पर नया निर्माण होने से पहले भव्य मंदिर होने का दावा किया वहीं मुस्लिम पक्षकारों ने खुदाई में मिली संरचना की तुलना ईदगाह से की.

भाजपा महाराष्ट्र और हरियाणा में जीत की राह पर है, पर मोदी के मतदाताओं की सोच में बदलाव आया है

मोदी शायद ही कभी ‘अच्छे दिन’ के अपने वादे का जिक्र करते हैं, पर जनता अब भी उसे याद करती है. हालांकि, जनता की आवाज के शीघ्र ही जीत के जश्न में दब जाने की संभावना है.

आर्थिक महाशक्ति भारत दुनिया के सबसे भूखे देशों की लिस्ट में क्यों

हंगर इंडेक्स में भारत के लगातार पिछड़ते चले जाने का मतलब है कि पोषाहार देने की सरकार की योजनाएं असफल हो चुकी हैं और उनकी समीक्षा करने की जरूरत है.

भारत का बहुभाषी समाज अयोध्या फैसले को किस तरह ग्रहण करेगा, इस पर दुनिया की नजर होगी

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की इस घड़ी में हमारे सामने अपने भावी इतिहास की फिक्र करने का वक्त आ खड़ा हुआ है. यह जताने का भी कि तमाम असहमतियों के बावजूद हम अपनी संवैधानिक संस्थाओं और उनके फैसलों का कितना सम्मान करते हैं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में युवाओं के मुद्दों के सहारे दुष्यंत चौटाला की जेजेपी कितना प्रभाव डाल पाएगी

आईएनएलडी में दोनों भाइयों के पारिवारिक झगड़ों के कारण अलग हुए दुष्यंत चौटाला ने 2018 में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बनाई थी.

राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि उनकी दादी इंदिरा ने सावरकर को देशभक्त क्यों कहा था

भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के बाद अंततः भारत के इस बहुप्रचारित और गलत समझे जाने वाले नेता की आत्मा को अंतिम शांति मिल सकेगी.

इस साल कम वृद्धि का आधार ही आर्थिक सूखे की समाप्ति को सुनिश्चित करेगा

अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक राय रखने वाले सही हो सकते हैं, जिसमें उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि दूसरी तिमाही में विकास दर 5.8 प्रतिशत की रफ्तार पकड़ सकता हैं. विकास दर तीसरी तिमाही में 6.4 प्रतिशत और चौथे तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. कम वृद्धि का आधार इसे बल देगा.

राष्ट्रवाद और वीर सावरकर पर इंदिरा गांधी से सीखे सोनिया-राहुल की कांग्रेस

वीर सावरकर को लेकर कांग्रेस के भ्रम ने एक बार फिर राष्ट्रवाद पर इसकी दुविधा को जाहिर किया है. उसे इंदिरा गांधी की राजनीति से सीख लेने की जरूरत है.

बांग्लादेश में रह रहे ‘अवैध भारतीयों’ पर क्या कहता है बांग्लादेशी मीडिया

दोनों देशों के लोग एक दूसरे के यहां जाकर काम कर रहे हैं. इसलिए दोनों ही देशों में इस बारे में होने वाली बहस संतुलित तरीके से चलनी चाहिए.

आरएसएस आर्थिक नीतियों का दाएं हाथ से समर्थन और बाएं हाथ से विरोध कर रहा है

आरएसएस के संगठन कई बार रणनीतिक जरूरतों को देखते हुए अलग-अलग स्वर में बात करते हैं. आरएसएस का संगठन बीएमएस इस समय सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहा है.

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अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरा

नीतीश कुमार की इस घोषणा के बाद विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. विपक्ष ने एक बार फिर आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की तैयारी कर रही है.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.