उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवानों में बेरोजगारी दर दुनिया में मौजूद बेरोजगारी दर से बहुत ज्यादा है. महिलाओंं में बेरोजगारी पुरुषों की तुलना में लगभग तिगुना ज्यादा है. बेरोजगारी थामने के उपाय नहीं हुये तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं.
शरद पवार को निपटाए बिना बीजेपी के लिए अपने दम पर महाराष्ट्र की सत्ता पर कब्जा कर पाना मुमकिन नहीं होगा. मराठा राजनीति के इस सबसे बड़े नेता के लिए बीजेपी ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है.
काहिल विपक्ष बिना कुछ किए सब कुछ पा लेना चाहता है. वह अपने आरामदेह घरों और दफ्तरों में बैठे-बैठे, यूरोप की सैर का मज़ा लेते हुए चाहता है कि मीडिया उसके पास आए और विपक्ष की भूमिका निभाए.
दुनिया में इस समय ऐसे नेताओं की एक पूरी कतार है जो जन भावनाओं को उभार कर तो कभी उनकी सवारी करके प्रभावी बने हैं. नरेंद्र मोदी की पहचान भी इसी क्रम में होती है.
आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के कैंडिडेट के अलग-अलग इंटरव्यू करने को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया है. कोर्ट के इस फैसले से कटेगरी देखकर नंबर देने का चलन खत्म हो सकता है.
दिल्ली विश्वविद्यालय में सावरकर को भगत सिंह और सुभाषचन्द्र बोस के बराबर खड़ा करने की कोशिश की गई थी लेकिन उद्धव उनके समानांतर जवाहरलाल नेहरू का जिक्र कर रहे थे.
मांग बढ़ाने का उपाय यही हो सकता है कि सरकारी क्षेत्र में नई नौकरियां देकर, निजी कर्मचारियों को टैक्स में राहत देकर और किसानों को पीएम-किसान जैसी योजनाओं से धन देकर उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ाई जाए.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.