राजा महेंद्र प्रताप का एएमयू में गहरा सम्मान है और यहां शतवार्षिकी समारोह हुआ तो उन्हें ही मुख्य अतिथि बनाया गया. ये भी नहीं भूलना चाहिए कि महेंद्र प्रताप अटल बिहारी वाजपेयी को हराकर सांसद बने थे.
अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद की परिस्थितियों में, कश्मीरी 2010 और 2014 के अपने अनुभवों, जिन्हें 2016 की अशांति के दौरान परिष्कृत किया गया था, को काम में ले रहे हैं.
सपा और बसपा की इस समय की प्राथमिक चिंता उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित करने की है. क्या हमीरपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में इसके कोई संकेत हैं?
व्यापार पर अमेरिका के साथ कोई प्रगति नहीं हुई, ना ही अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं, और साथ ही अमेरिका में मोदी को ये भी बताया गया कि इमरान ख़ान के साथ उनकी ‘अच्छी निभेगी’.
जीडीपी के अनुपात में निर्यात में ख़ासी गिरावट आई है. अगर इन प्रवृत्तियों को उलटा नहीं जाता और निर्यात को मजबूती नहीं दी जाती तो अर्थव्यवस्था का संकट दूर नहीं होगा.
न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गयी टिप्पणियां यह संकेत दे रही हैं कि कोलेजियम व्यवस्था मे सब कुछ ठीक नहीं है और इसमें ठोस सुधार की आवश्यकता है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमित शाह ने एक कार्यक्रम में बिल्कुल प्राचीन इतिहास के नायकों की तरह कहा था कि औरतों की ‘इज्जत’ के लिए युद्ध भी करना पड़े तो करेंगे.
लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी की निश्चित तारीख 24 मार्च से एक दिन पहले ही सारे नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए शहीद कर दिया गया था.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.