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Thursday, 5 February, 2026
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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के सीधे प्रसारण की उम्मीद धूमिल

क्या अब अनुच्छेद 370 खत्म करने के मामले की सुनवाई के सीधा प्रसारण की उम्मीद की जाये?

रोहित शर्मा का शतक कैसे बदलेगा भारतीय टीम की तस्वीर

शर्मा की फॉर्म अगर बरकरार रही तो निश्चित तौर पर टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट टेबल में टीम इंडिया टॉप पर कायम रहेगी.

शौचालय निर्माण की अफरा-तफरी में हुई इस गंभीर चूक का नतीजा भयावह हो सकता है

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर स्वच्छता मिशन की कामयाबी का आंकड़ा जो भी हो, लेकिन जमीनी हकीकत गंभीर खामी की ओर इशारा कर रही है.

गांधी का हिंद स्वराज, सावरकर के हिंदू राष्ट्र से अलग कैसे है

सावरकर के हिंदुत्व की जड़ें उस वर्चस्ववाद में हैं, जो द्विज हिंदू सामाजिक दर्शन के आधार मनुस्मृति में दर्ज़ है, या फिर नीत्शे के सामाजिक डार्विनवाद में, जो योग्य लोगों को सुपरमैन बनाना चाहता है.

गांधी किसी मूर्ति और कंठी-माला का नहीं अन्याय की पहचान और प्रतिरोध का नाम है

गांधी के कर्म और चिन्तन को अगर आगे के वक्तों के लिए जिन्दा रहना है तो फिर ये काम उनके पदचिन्हों से अपने कदम मिलाकर चलने वाले अनुयायियों से नहीं बल्कि गांधी को अपने युग की मांग के हिसाब से बरतने वाले ‘कुजात’ गांधीवादियों से ही हो सकता है.

गांधी का अहिंसा-मार्ग, कश्मीर में सेना और सरदार पटेल की मजबूरी

गांधी को भरोसा था कि एक दिन आएगा, जब सेना, पुलिस पर देश की ऊर्जा और धन न खर्च होकर मानवता की भलाई में इसका इस्तेमाल होगा. लेकिन पटेल की पास इतना आदर्शवादी होने का अवसर नहीं था.

गांधी ने कभी जन्मदिन नहीं मनाया, सिर्फ 75वां जन्मदिन अपवाद था– कस्तूरबा के लिए

जब एक संवाददाता ने गांधी से उस ‘शुभ दिन’ पर संदेश देने का आग्रह किया तो उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि ‘मैं ऐसे अवसरों पर संदेश देने का आदी नहीं हूं.’

हमारे बीच महात्मा गांधी की जरूरत क्या फिर से आ चुकी है

महात्मा गांधी दोबारा जन्म लेने जा रहे हैं और वो पूरे भारत पर फिर से एक बार अपना अधिकार जमाएंगे.

मॉब लिंचिंग में दलित-पिछड़े क्यों शामिल होते हैं

सामाजिक न्याय और बहुजन राजनीति ने सामाजिक चेतना विकसित करने पर ध्यान नहीं दिया. इसलिए जब बीजेपी-आरएसएस ने मुस्लिम विरोध की लहर तेज की, तो दलित-पिछड़े भी उसमें बह गए.

महात्मा गांधी और आंबेडकर ने हेडगेवार के साथ बातचीत क्यों नहीं की

गांधी के तमाम विचारों में से भाजपा-आरएसएस ने सिर्फ स्वच्छता को चुना है और गांधी को लगभग सफाई कर्मचारी बना दिया है. आरएसएस को गांधी में इसके अलावा काम का कुछ नहीं मिला.

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पंजाब के डीजीपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन को लेकर दिल्ली विधानसभा ने जांच शुरू की: विजेंद्र गुप्ता

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने सिख गुरुओं के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.