अभिजीत बनर्जी और उनके दोस्तों ने अर्थशास्त्र को लोगों से असल जिंदगी में जोड़ने का काम किया है. ये लोग वहां पहुंचते हैं जहां नीतियां जमीन से जुड़ती हैं, लोगों पर असर डालती हैं.
मुस्लिम नेताओं ने संविधान सभा में मांग की थी कि गोवध पर पाबंदी लगा दी जाए, वरना हिंसा का खतरा बना रहेगा. आजम खान भी चाहते हैं कि गोवध पर रोक लगे. लेकिन सरकार न तब सहमत थी, न अब है.
भारतीय रेल का करोड़ों लोगों को ‘पीठ पर लादकर’ दिनों-रात का ये सफर तब ही जारी रह सका, जब कई पीढ़ियों के करोड़ों लोगों का खून-पसीना इसमें शरीक हुआ, जिन्होंने इस सफर के लिए जान भी दी और सैनिकों की तरह मोर्चा संभाले रहे.
सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ का अयोध्या स्थित 2.77 एकड़ भूमि के मालिकाना हक को लेकर सुनाया जाने वाला फैसला ऐतिहासिक होगा जो देश की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है.
हर साल दो करोड़ नौकरियां मुहैया कराने के वादे पर आई सरकार इस दिशा में कुछ न कर पाने, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार चले जाने के बावजूद फिर सत्ता में आ गई.
ओल्गा की स्पष्ट राय है कि पोलैंड को एक सहिष्णु देश बनना चाहिए- एक ऐसा देश जहां अल्पसंख्यकों के साथ कोई ज्यादती न हो. उन्होंने कहा था कि अगर हमने अतीत में ज्यादतियां की हैं, तो हमें इसकी माफी मांगनी चाहिए.
इस सकारात्मक पहलू पर जरूर गौर किया जाना चाहिए कि सरकारी परिसंपत्तियों के निजी हाथों में जाने से उनके बेहतर इस्तेमाल और उनकी बेहतर सेवा से व्यवस्थागत लाभ होगा, जो कि निजीकरण का असली मकसद है.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.
अमरावती, चार फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आधिकारियों को निर्देश दिया कि कंपनियों को लांबासिंगी में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक-निजी...