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Tuesday, 3 February, 2026
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ट्विटर को ब्लू टिक लौटाने का मेरा फैसला और लोकतंत्र के लिए इस बहस के मायने

खास लोगों को मिलने वाला ब्लू टिक मेरे विचार में संवाद के मामले में एक किस्म का नस्लभेद है या इसे आप डिजिटल वर्ण व्यवस्था भी कह सकते हैं. ये लोकतंत्र के लिए हानिकारक है.

अयोध्या में गरीब औरतें और आदमी रश्क कर रहे- हाय, हम छुट्टा गाय या बैल क्यों न हुए

अयोध्या के कई भाजपाई संत गाय को पशु कहने पर चिढ़ जाते हैं और उपदेश देने लगते हैं कि ‘वह पशु नहीं माता है’. यह बात और है कि ये उपदेश-कुशल संत इस माता के लिए खुद कुछ नहीं करते और करदाताओं के पैसे से ही उसको पालना चाहते हैं.

शरद पवार के पावर के सामने पस्त हो गई भाजपा

पवार के राजनीतिक दांव-पेंचों की सूची बड़ी लंबी है. एक समय उनके संबंध शिवसेना से ठीक-ठाक थे, लेकिन बाद में उसी शिवसेना को किनारे करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने निभाई. इस बार उन्होंने एक और बड़ा खेल कर दिया.

अयोध्या विवाद के समाधान के बाद अब धरतीपुत्रों को राम से सीखना चाहिए कि मैकालेपुत्रों से कैसे निपटा जाए

शायद प्रत्येक युग का अपना रामराज्य होता हो. लेकिन मौजूदा दौर में रामराज्य पर चर्चा तभी संभव है जब पहले हमें ये स्पष्ट हो कि हम कौन हैं.

वो कौन सी दो बड़ी भूलें थीं जो इन पाकिस्तानी जासूसों पर पड़ीं भारी, पहुंचाया फांसी के तख्ते तक

वसीम अकरम और ब्रिगेडियर राजा रिज़वान, जिन्हें पाकिस्तान की सेना ने पिछले हफ्ते जासूसी के आरोप में फांसी दी थी, जिनको पकड़े नहीं गए होंगे लेकिन दो चीजें गलत हो गईं.

अगर आपको जेएनयू फीस बढ़ोतरी पर छात्रों का विरोध समझ नहीं आ रहा, तो सुनीता की ये कहानी पढ़िए

यदि आप सुनीता के माता-पिता हैं, तो आप कामना करेंगे और प्रार्थना करेंगे कि विरोध केवल जेएनयू के लिए फीस वृद्धि के रोलबैक के साथ समाप्त न हो.

आपातकाल के दौरान संविधान में शामिल मौलिक कर्तव्यों पर मोदी का दिल आया

मोदी सरकार भारत की संवैधानिक परंपरा की कतिपय गौण बातों- जो उसके विचारों से मेल खाती हैं - को चुनकर उन्हें संविधान की बुनियाद साबित करने में माहिर है.

दलितों का पर्व क्यों है संविधान दिवस और कौन चाहता है इसकी समीक्षा

ये एक पहेली है कि देश की आजादी के बाद संविधान के लागू होने के बावजूद जो समुदाय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा के मामले में सबसे पीछे रह गया, वही समुदाय संविधान के प्रति सबसे ज्यादा वफादार क्यों है.

दिल्ली के निगम पार्षदों को अखबारों में अपने प्रदर्शन की रेटिंग की अधिक परवाह

अमेरिकी विश्वविद्यालयों के विद्वानों ने कुछ निगम पार्षदों को सूचित किया कि चुनाव से पहले एक अखबार में उनके कामकाज पर रिपोर्ट छपेगी. पढ़िए इसका परिणाम क्या निकला.

डॉ. आंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता क्यों कहा जाता है

संविधान को भारतीय समाज के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने में डॉ. आंबेडकर की सबसे प्रभावी और निर्णायक भूमिका थी.

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रांची के महापौर पद के लिए कांग्रेस समर्थित रमा खलको ने नामांकन दाखिल किया

रांची, तीन फरवरी (भाषा) कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रमा खलको ने मंगलवार को रांची नगर निगम (आरएमसी) में महापौर पद के लिए अपना नामांकन...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.