किसानों की भलाई, युवाओं को रोजगार, बेहतर कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की नीति पर शिवसेना को आगे बढ़ना चाहिए. सांप्रदायिकता की राजनीति में बीजेपी उसे हर कदम पर मात देगी.
सबसे कम समय के लिए सबसे उथलपुथल भरे कार्यकाल वाले मितभाषी मगर एक सख्त प्रधानमंत्री रहे इंदर कुमार गुजराल को उनकी जन्म शताब्दी पर दिप्रिंट याद कर रहा है.
औद्योगीकरण और विकास के लिए श्रमिकों की अबाध आवाजाही जरूरी शर्त है. इससे उद्योगों को वाजिब दर पर स्किल्ड श्रमिक मिल जाते हैं और श्रमिकों को भी काम का उचित दाम मिल जाता है.
1977 तक टाटा इस कंपनी के चेयरमैन रहे और उनकी देखरेख में इसका विस्तार होता रहा. इसका लोगो या प्रतीक चिन्ह 'महाराजा' था जो विदेशियों को बहुत भाता था और इसलिए इसे महाराजा भी बुलाया जाता है.