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Tuesday, 3 February, 2026
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नागरिकता कानून संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ, देश का बहुजन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित

बाबा साहेब अम्बेडकर कहते थे कि मेरे जाने के बाद ये मत समझना कि मैं मर गया, जब तक संविधान जिंदा है, मैं जिंदा हूं, बस संविधान को मत मरने देना. हम बाबा साहेब को मरने नही देंगे. हम संविधान की आखिरी सांस तक रक्षा करेंगे.

गद्दारी का सर्टिफिकेट बांटने वाली पाकिस्तानी सेना को सूझ नहीं रहा कि गद्दार मुशर्रफ़ का क्या किया जाए

मुशर्रफ़ को मृत्युदंड सुनाए जाने से परेशान पाकिस्तानी सेना का कहना है कि वह कभी गद्दार नहीं हो सकते क्योंकि उन्होंने 40 वर्षों तक देश की सेवा की है और दो युद्धों में भाग लिया है.

विश्व बंधुत्व और धार्मिक दंगों को रोकने के लिए क्या हम भगत सिंह के सुझाए समाधानों को अपना सकते हैं

एक राष्ट्र के तौर पर सबसे बड़ी चिंता होती है कि विश्व बंधुत्व कैसे कायम हो और किसी भी प्रकार के धार्मिक दंगे न हों. ये बड़ी चिंता है. भारत के लिए ये इसलिए जरूरी हो जाती है क्योंकि देश के निर्माण में हमनें जिन मूल्यों को रखा उसमें समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता जैसे मूलभूत और जरूरी तत्व शामिल थे.

नए नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शन पर अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे आंदोलन को इस बात की सचेत कोशिश करनी होगी कि बीजेपी इसे मुसलमानों के आंदोलन के तौर पर पेश न कर पाए.

क्या नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी भारत को अपने नज़दीकी पड़ोसी बांग्लादेश से दूर कर देगा

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) ने और उससे पहले असम में हुए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के पायलट प्रोजेक्ट ने जैसे दूध को फाड़ने वाला काम कर दिया है. इससे बांग्लादेश में कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं.

बिस्मिल, अशफाक, रौशन के सपनों से दगा कर घड़ियाली आंसू बहाने वाले श्रद्धांजलि मंच पर क्यों होने चाहिए

फैजाबाद, गोंडा, गोरखपुर और इलाहाबाद जिलों में शहादत दिवसों पर सार्वजनिक छुट्टी की मांग की लगातार अनसुनी की जाती रहती है.

मुशर्रफ़ को सजा-ए-मौत: क्या पाकिस्तानी अदालतें अब बिल्कुल स्वतंत्र और दबावमुक्त हैं?

लगता नहीं कि फैसले का कार्यान्वयन हो पाएगा. पर पाकिस्तानी न्यायपालिका का इस हद तक जाने का तथ्य सेना प्रमुख बाजवा के पक्ष में नहीं जाता है.

छात्रों का आक्रोश उनकी महत्वाकांक्षाओं पर पड़ती चोट की अभिव्यक्ति है, बस आंदोलन को नाम और चेहरे की तलाश

अगर हम समझ रहे हैं कि जामिया के परिसर में पुलिस ने छात्रों पर जो बर्बरता की उसकी प्रतिक्रिया में ही देश के कोने-कोने से छात्र विरोध में उठ खड़े हुए तो फिर ऐसा सोचना हमारी भूल है.

अपनी विफलताओं की सफाई देने के लिए इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना बंद कीजिए अमित शाह जी : शशि थरूर

गृह मंत्री का यह कहना कि नागरिकता का नया कानून जरूरी है क्योंकि कांग्रेस ने देश का धर्म के आधार पर बंटवारा किया, बताता है कि वे इतिहास के फिसड्डी छात्र रहे हैं.

क्या शिवसेना नए ‘सेक्युलर’ साथियों को छोड़ पुराने साथी भाजपा के साथ आयेगी

शिवसेना के पास फिर से एनडीए का हिस्सा और महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा : शाह

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.