हवाई यात्रा के नियमों को लेकर अस्पष्टता से यात्रियों को क्या परेशानियां हुईं यह सामने आ चुका है, इसलिए बेहतर यही होगा कि उन्हें एजेंसियों और अधिकारियों की ओर से पर्याप्त समय दिया जाए ताकि वे यात्रा की योजना ठीक से बना सकें.
मेरे तर्क साम्यवाद अथवा वामपंथ के विरुद्ध नहीं है. बल्कि वे उस राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विरुद्ध हैं जिसमें मिशन जय हिंद के ये प्रख्यात प्रस्तावक विश्वास करते हैं.
भयानक गालियां देते हुए, अफसरों को नीचा दिखाते हुए और उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी देते हुए, कर्नल की बीवी बार-बार कहती रही कि वो उससे महान कोई नहीं है.
केवल कुछेक शहर और जिले ही उस तरह के कोविड के आंकड़े प्रकाशित कर रहे हैं जोकि, गृह मंत्रालय के अनुसार, राज्यों को अपने निर्णय के लिए काम में लेने चाहिए.
बेहतर देश और समाज बनाना मुश्किल तो नहीं है. लेकिन इसके लिए प्रयासों की जरूरत है. ये अपने आप नहीं हो जाएगा. कोरोना संकट ने हमारे सामने ये मौका उपस्थित कर दिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ ठीक नहीं चल रहा है ऐसे में शरद पवार का राज्यपाल से मिलना कई संकेत दे रहा है यह रूटीन मीटिंग से अलग है. शरद पिछले तीस सालों से राजनीति में मिक्स सिग्नल देते आ रहे हैं.
लॉकडाउन की इस संकट की घड़ी में भारत के लिए हमारी सात-सूत्रीय कार्य योजना पर शेखर गुप्ता को वैचारिक मुद्दे से अलग वास्तविक सवालों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है.
मानवाधिकार आयोग ने बहुत चुनिंदा तरीक़े से नोटिस भेजे हैं, बड़े एहतियात के साथ मोदी सरकार को अपनी निगाहों से दूर रखा, और ग़रीबों को प्रशासन की उदासीनता से प्रताड़ित होने के लिए छोड़ दिया है.