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Saturday, 28 February, 2026
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कपिल मिश्रा से लेकर पायल रोहतगी तक भारत के ‘नए बुद्धिजीवी’ पुराने चिंतकों को अप्रसांगिक बना रहे हैं

क्या अरुंधति रॉय, रामचंद्र गुहा या फिर प्रताप भानु मेहता कभी लोगों को एक साल में इतना 'इतिहास और विज्ञान' पढ़ लेने और 'शिक्षित' करने के लिए प्रेरित कर सकते?

बालाकोट, ब्लैकआउट, और आईएएफ़: जब इमरान ख़ान की उड़ाई अफ़वाहों को नहीं रोक पाए पाकिस्तानी लोग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान एक साल से ऊपर से, भारत की तरफ़ से झूठे फ्लैग ऑपरेशन का इंतज़ार कर रहे हैं. मई में उन्होंने दो बार भारत के हमले की संभावना जताई.

सरकार के दायित्वों का विकल्प नहीं है व्यक्तिगत करुणा, दया और दान

सरकार के फैसले से जिन करोड़ों लोगों की आजीविका छिन जाती है, उनके लिए न केवल रोजी-रोटी के इंतजाम, बल्कि मुआवजा देने की व्यवस्था सरकार को ही क्यों नहीं करनी चाहिए?

भारत में ‘गन्स, जर्म्स और स्टील का संकट’ है, लेकिन भारतीय उद्योग जगत ख़ामोश है

भारतीय उद्योग ने निजी तौर पर, आवाज उठाने के लिए राजीव बजाज की प्रशंसा की, लेकिन लॉकडाउन के लिए मोदी सरकार की आलोचना करने की बजाय, पूरे तीन महीने नुक़सान सहना पसंद किया.

मोदी सरकार के झटपट लाए गए तीन अध्यादेशों से खेती को तो फायदा हो सकता है पर किसानों को नहीं

अगर सरकार किसानों के फायदे के लिए खेती-बाड़ी से संबंधित कानूनों में सचमुच ऐतिहासिक बदलाव ही लाना चाहती थी तो उसे इन कानूनों पर संसद और सर्वजन के बीच बहस और जांच-परख से कन्नी काटने की क्या जरूरत थी?

पाकिस्तान में सिंथिया रिचि के आरोप कोविड से बड़ा मुद्दा हैं, ऐसा ही इमरान खान चाहते भी हैं

कोरोना महामारी और आर्थिक संकट से निबटने में नाकाम हो रही इमरान खान सरकार और फौजी हुक्मरान लोगों के ध्यान भटकाने की पुरानी चाल आजमाने में जुटे.

ब्रिटेन में गुलाम व्यापारी कोल्सटन की मूर्ति टूट गई, भारत में अब मनु की मूर्ति का क्या होना चाहिए

कोल्सटन की तरह ही क्या दलितों, नीच कही जाने वाली जातियों और महिलाओं के लिए घृणा के पात्र मनु की मूर्ति को भी राजस्थान हाईकोर्ट परिसर से हटाकर उसी तरह नष्ट कर दिया जाए या पानी में या कूड़ेदान में फेंक दिया जाए, लेकिन नहीं, इतिहास के सबसे बुरे और क्रूर अध्यायों को भी शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए, बचाकर रखना चाहिए.

बिहार में भाजपा को जितनी जल्दी हो सके नीतीश कुमार का साथ छोड़ देना चाहिए

मुख्यमंत्री के नाते नीतीश कुमार का ख़राब प्रदर्शन, राज्य में बीजेपी की छवि को पीछे खींच रहा है.

मानसून की पहली बारिश में ही डूबेगा आधे से ज्यादा देश जिसमें बह जाएंगी पलायन करते मजदूरों की तस्वीरें

मानसून का आगमन होने ही वाला है. बाढ़ की विभीषिका की नई तस्वीरें सामने आएगी. हम लोग उन तस्वीरों को देखकर च्च..च्च..च्च.. करेंगे और मजदूरों के पलायन की तस्वीरें धीरे-धीरे धुंधला जाएगी.

भारत कोविड संकट के बाद वैश्विक शक्ति बनकर उभर सकता है जिसका कि दुनिया को इंतज़ार है

भारत को अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत को सुदृढ़ करने के लिए मज़बूत नेतृत्व और निर्णायक कार्रवाइयों की ज़रूरत है. राष्ट्रवाद की बातों भर से काम नहीं चलेगा.

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तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

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राजस्थान में समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत दे रही है भाजपा सरकार : मुख्यमंत्री शर्मा

जयपुर, 28 फरवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य की “डबल इंजन सरकार” समाज के प्रत्येक वर्ग...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.