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Friday, 30 January, 2026
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अदालतों की आलोचना को समझने के लिए, तुषार मेहता और हरीश साल्वे को रिफ्रेशर कोर्स की जरूरत है

मेहता का कुछ संस्थाओं को वर्गीकृत करना, कि वो ‘समानांतर सरकारें चला रही हैं’, अधीनस्थ न्यायपालिका को एक संदेश है. एससी को उन्हें रोकना चाहिए था.

अश्वेतों के लिए सहानूभूति जताने वाले सेलेब्रिटीज दलितों-आदिवासियों को लेकर मौन क्यों?

अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद ऊंची जाति के भारतीय जाग गए. लेकिन क्या हम उनकी भारत में जाति वर्चस्व खत्म करने की लड़ाई में दलितों के साथ शामिल होने की कल्पना कर सकते हैं?

कोविड के बाद मोदी-शाह अपने सबसे प्रिय मुद्दे पर वापस लौटेंगे वो है हिंदुत्व की गोली

अर्थव्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाएं जब सब कुछ विफल हो जाएंगी, तब कट्टर हिंदुत्व चेहरे की तुलना में भाजपा के लिए बचने के लिए बड़ा मुद्दा क्या होगा?

कोविड प्रभावित दुनिया में आम होगा रोज़गार और व्यापार का नुक़सान, लेकिन भारत के लिए ये बस एक और तूफ़ान जैसा

आर्थिक गिरावट में विकासशील देशों पर ज़्यादा बुरा असर हो सकता है. लेकिन पीएम मोदी की अगुवाई की स्थिरता और लचीलापन, यक़ीनन हमें इस तूफान से निकालकर शांत पानी की ओर ले जाएगा.

भारतीय स्कूल कब खोले जाने चाहिए? इसका सही जवाब है: अभी नहीं

ऑनलाइन कक्षाएं माध्यमिक स्तर के लिए अच्छी साबित हो सकती हैं. छोटे बच्चों को शिक्षक के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है और बड़ों को लैब और प्रोजेक्ट स्पेस की जरूरत होती है.

आपदाओं से निपटने के लिए जनसांख्यिकी आंकड़ों का होना जरूरी, कोरोना संकट ने इसकी जरूरत पर ध्यान दिलाया है

कोरोना काल ने जनसंख्या की वास्तविक भौगोलिक स्थिति की सटीक और केंद्रीकृत जानकारी नहीं होने से उपजी खामियों को उजागर किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सही जनसांख्यिकी स्थिति को जाने बिना आकस्मिक विपदाओं से निपटना संभव हो पायेगा?

श्रमिक स्पेशल ट्रेनें सिर्फ गड़बड़झाला हैं, अच्छा हो पीयूष गोयल आरोप-प्रत्यारोप करना बंद करें

इमरजेंसी की तारीफ में कहा जाता था कि इसमें रेलगाड़ियां वक़्त पर चलने-पहुंचने लगी थीं, लेकिन आज लॉकडाउन के दौर में तो रेलगाड़ियां गायब हो रही हैं और यात्री शवों के रूप में अपने ठिकानों पर पहुंच रहे हैं .

जवाहरलाल नेहरू से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या सीखना चाह सकते हैं

राष्ट्र निर्माण को ध्यान में रखते हुए नेहरू ने सभी मतभेदों को अलग रख तीन राजनीतिक विरोधियों को पहली कैबिनेट में शामिल किया था. क्या मोदी ऐसा कोई संदेश देंगे?

सोशल मीडिया पर जजों को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू, आंध्र हाई कोर्ट ने 49 लोगों को भेजा...

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और न्यायाधीशों के बारे में पोस्ट की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुये एक सांसद और एक पूर्व विधायक सहित कम से कम 49 व्यक्तियों को न्यायालय की अवमानना के नोटिस दिये हैं.

ऑनलाइन शिक्षा तो ठीक है लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में बच्चे कैसे करेंगे पढ़ाई

कोविड-19 ने आईटी क्रांति का जाप करने वाले इस देश का डिजिटल डिवाइड उजागर कर दिया है. संकट के इस दौर में देश का एजुकेशन सेक्टर इस असमानता का सबसे बड़ा उदाहरण बन कर उभरा है.

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अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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लापता स्वरूपों का मामला: एसजीपीसी ने एसआईटी को रिकॉर्ड मुहैया कराया

चंडीगढ़, 29 जनवरी (भाषा) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने पंजाब पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.