समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करने के लिए उठाया गया कोई भी कदम नैतिक रूप से सही होता है, चाहे वह समानता के सिद्धांत के खिलाफ ही क्यों न हो.
शी जिनपिंग का चीन अपनी ‘दाहिनी हथेली’– तिब्बत को माओत्से तुंग का दिया नाम की ‘पांच अंगुलियों’ लद्दाख, सिक्किम, भूटान, नेपाल और अरुणाचल प्रदेश को हासिल करना चाहता है.
न्यूजीलैंड ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ पहले दौर की लड़ाई जीत ली है. ये उपलब्धि उसने एक ऐसी नेता के नेतृत्व में हासिल की है जो मानवीय संवेदना और कुशल प्रशासन के लिए जानी जाती हैं.
पूर्वी लद्दाख में अभी टकराव बना रह सकता है. दोनों पक्षों ने ’कदम थोड़ा पीछे खींच कर' पहल कर दी है, जिसका अर्थ यह होगा कि अब हाथापाई और धक्कामुक्की शायद नहीं होगी. लेकिन सरकार के लिए अभी रास्ता लंबा है इसलिए उसे अपने राजनीतिक और फौजी लक्ष्य स्पष्ट कर लेने चाहिए.
क्या अरुंधति रॉय, रामचंद्र गुहा या फिर प्रताप भानु मेहता कभी लोगों को एक साल में इतना 'इतिहास और विज्ञान' पढ़ लेने और 'शिक्षित' करने के लिए प्रेरित कर सकते?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान एक साल से ऊपर से, भारत की तरफ़ से झूठे फ्लैग ऑपरेशन का इंतज़ार कर रहे हैं. मई में उन्होंने दो बार भारत के हमले की संभावना जताई.
सरकार के फैसले से जिन करोड़ों लोगों की आजीविका छिन जाती है, उनके लिए न केवल रोजी-रोटी के इंतजाम, बल्कि मुआवजा देने की व्यवस्था सरकार को ही क्यों नहीं करनी चाहिए?
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.