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Thursday, 26 February, 2026
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मोदी का राम राज्य गांधी को मंजूर होता लेकिन आंबेडकर की अग्निपरीक्षा में वह नाकाम है

आंबेडकर गांधी के राम और राम राज्य के विचार से तनिक भी प्रभावित नहीं थे. बल्कि राम और रामराज्य को लेकर उनकी दृष्टि आलोचनात्मक रही और इसे उन्होंने विस्तार से दर्ज भी किया है.

जम्मू-कश्मीर वालों के साथ उत्तर-पूर्व वालों के जैसा ही बर्ताव कीजिए, हमें भी अनुच्छेद 371 के दायरे में रखिए: मुजफ्फर बेग

पूर्व उप-मुख्यमंत्री बेग कह रहे हैं—एक साल पहले अनुच्छेद 370 को हटाते हुए दावा किया गया था कि इससे वहां के लोगों में राष्ट्रवादी भावना बढ़ेगी मगर हकीकत में तो इसके कोई लक्षण दिख नहीं रहे हैं.

भूमि पूजन एक नई राजनीति की नींव रखने का अवसर है जहां हर कदम अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक की नज़र से न देखा जाए

कुछ लेखकों, स्तंभकारों ने बहुसंख्यकवाद यानी मैजोरिटेरियन राजनीति के खतरों की आशंका जताई है. लेकिन भारतीय संविधान की संरचना ऐसी है कि सभी समुदायों के लिए न्याय और खुशहाली का पर्याप्त प्रायोजन है.

अमेज़न, एप्पल, फेसबुक और गूगल कठघरे में हैं, इसका ताल्लुक अर्थव्यवस्था से नहीं है

अमेरिकी कांग्रेस नया कानून बना भी ले और ‘बिग टेक’ के एकाधिकार को तोड़ने की कोशिश में एंटीट्रस्ट कार्रवाई भी करे तो भी वह इनकी बड़ी ताकत का सीधा मुक़ाबला नहीं कर पाएगी.

युवा बनाम बुजुर्ग नहीं, कांग्रेस में असली लड़ाई दो खेमों में बंटे असफल नेतृत्व के बीच है

राहुल गांधी, सोनिया गांधी, शशि थरूर और राजीव सातव के बीच कांग्रेस पार्टी लगातार पतन की ओर है—और कोई वास्तव में इसे बचाने वाला नहीं है.

ओबीसी की बुलंद आवाज बनकर उभरे बीजेपी सांसद गणेश सिंह

सांसद गणेश सिंह पटेल शुरू से ही मंडल आयोग की सिफारिशों के प्रबल समर्थक रहे हैं. वे मूल रूप में समाजवादी विचारधारा के समर्थक हैं और मंडल कमीशन के समर्थन में हुए आंदोलन में भी उन्होंने हिस्सा लिया था.

भारतीय विश्वविद्यालयों में सुधार लाने के लिए एनईपी की जरूरत नहीं लेकिन यूजीसी राह में बाधा बनी हुई है

ऐसे दो अकाट्य कारक हैं जिनकी वजह से भारतीय विश्वविद्यालय खुद वह नहीं कर पाए जिन्हें एक राष्ट्रीय नीति के जरिये हासिल करने की कोशिश की जा रही है.

मोदी का दाढ़ी रखना और राहुल का क्लीन शेव लुक उनकी राजनीतिक सोच का आईना हैं

कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूदू से लेकर अमेरिकी नेता बेतो ओ’रुर्क तक दुनियाभर में नेताओं का दाढ़ी रखना या न रखना उनके बारे में खास संदेश देता रहा है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफ़ेद दाढ़ी या काँग्रेस नेता राहुल गांधी का सफाचट चेहरा भी कुछ-न-कुछ कहता है

प्रशांत भूषण के मामले में अगर सुनवाई ‘ईमानदारी’ और ‘इंसाफ’ के जज्बे से हुई तो मिलेंगे जरूरी सवालों के जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के खिलाफ अदालत की अवमानना के 11 साल पुराने मामले पर सुनवाई नए सिरे से करने का फैसला किया है. उम्मीद है,अदालत की निष्पक्ष सुनवाई से कुछ बहू प्रतीक्षित सवालों के जवाब मिलेंगे.

अयोध्या में भारत के विचार को ध्वस्त नहीं किया गया था बल्कि इसकी नींव हमारे ‘लिबरल’ घरों में रखी गई थी

बाबरी मस्जिद का 1992 का विध्वंस अचानक घटी कोई घटना नहीं थी. मस्जिद को ढहाने में इस्तेमाल औजारों में हमारे परिवारों में होने वाली चर्चाओं का भी योगदान था.

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मुसलमानों को ‘गोली मारने’ वाले हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो पर कानून क्या कहता है

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

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बिहार: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान कई स्कूली छात्र बीमार

पटना, 25 फरवरी (भाषा) बिहार के पटना जिले में बुधवार को लिंफैटिक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान दवा का सेवन करने के बाद...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.