कोविड-19 के कारण मोदी सरकार इस साल उम्मीद के मुताबिक कमाई शायद नहीं कर पाएगी, ऐसे में 2.1 लाख करोड़ रुपये मूल्य के विनिवेश पर सुस्ती बरतने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता.
जहाज़ी जिन तनावपूर्ण हालात में काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए जांच में ये तय होना चाहिए, कि क्या एमवी वाकाशियो के क्रू पर, लम्बे समय तक समुद्र पर रहने का असर पड़ा था.
वो जमाना बीत गया जब लालू यादव बड़ी रैलियों को संबोधित किया करते थे. आज के चुनाव अभियानों में सिर्फ भाषण कला में महारत से ही बात नहीं बनती बल्कि पृष्ठभूमि में व्हाट्सएप और फेसबुक जरूरी है.
पाकिस्तान ने कुरैशी को चीन भेजा और बाजवा को रियाद रवाना किया लेकिन ऐसा लगता है कि मध्य-पूर्व की इसकी नीति इस्लामाबाद में नहीं बल्कि रावलपिंडी में तय होगी.
प्रशांत भूषण को यदि जेल भेजा जाता है तो वह एक नायक बनकर उभरेंगे, असहमति के अधिकार के लिए कुर्बानी देने वाले शख्स के रूप में. पहले ही उनकी गांधी और मंडेला से तुलना की जा रही है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?