कोरोनावायरस वास्तव में एक बड़ा खतरा है. लेकिन यह भी एक तथ्य है कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में इधर कुआं उधर खाई वाली स्थिति में फंस गई हैं, जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं.
नेहरू ने अपनी पुस्तक ‘ग्लिम्प्सेस ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री' में लिखते हैं - रामकृष्ण के एक प्रसिद्ध शिष्य स्वामी विवेकानंद थे, जिन्होंने बहुत ही स्पष्ट रूप से राष्ट्रवाद का प्रचार किया. यह किसी भी तरह से मुस्लिम विरोधी या किसी और के विरोधी नहीं थे, और न ही यह संकीर्ण राष्ट्रवाद था.
चिराग पासवान से दूरी बनाने के भाजपा के प्रयासों को संशय की दृष्टि से देखने की तीसरी वजह है बिहार में एनडीए से लोजपा के बाहर निकलने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं होना.
भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था कहीं ज्यादा विविधतापूर्ण है इसलिए अगर आपको भारत की क्षमता पर संदेह नहीं है, तो अभी बांग्लादेश पर दांव मत लगाइए.
सर सैयद, जिनके द्वारा स्थापित एएमयू की शतवार्षिकी मनाई जा रही है, इस बात को समझते थे कि जब तक इस्लाम भारतीय संस्कृति से एकाकार नहीं हो जाता, वो इस देश में अजनबी ही रहेगा.
मोदी-शाह की नयी राजनीति आपको कबूल है तो आपका ही भला है, नहीं कबूल है तो इस अश्वमेध के घोड़े को चुनौती देने के लिए आपको वायरल होने वाले ट्वीट्स से आगे बढ़कर कुछ करना पड़ेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप और पूर्व उपराष्ट्रपति बाइडेन के बीच अब तक हुई एकमात्र राष्ट्रपतीय बहस में भारत का उल्लेख महज प्रसंगवश हुआ लेकिन दोनों ही उम्मीदवार बीते दिनों में मज़बूत भारत-अमेरिका संबंधों का समर्थन कर चुके हैं.
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से लेकर कुंभ मेलों तक, भारत ने दिखाया है कि वह जटिल आयोजनों का प्रबंधन कर सकता है. इस क्षमता को बाद में उसके G20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मंच पर भी मजबूती मिली.