भारत में जैसे मोदीत्व चल रहा है वैसे ही अमेरिका में ट्रंपवाद शुरू हो गया है. नस्लीय या सामाजिक अधिकारों के लिए बढ़ती सजगता जनता को उकसाने की राजनीतिक कला को बढ़ावा दे रही है.
यहां तक कि बाइडेन प्रशासन भी अमेरिकी सहयोगियों पर दबाव बढ़ाने के चीन के प्रयासों, अकेले अपने बूते इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव का मुकाबला करने की और ज्यादा प्रत्यक्ष कोशिशों की अनदेखी नहीं कर सकता.
हरियाणा सरकार इस मामले में जब आलोचना और प्रदर्शनों का सामना कर रही थी तो इसी दौरान बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की हत्या हो गई और उस मामले में लव जिहाद एंगल उछाल दिया गया. दक्षिणपंथी संगठन आये दिन अपनी ही पार्टी वाली सरकार के राज में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से लेकर कुंभ मेलों तक, भारत ने दिखाया है कि वह जटिल आयोजनों का प्रबंधन कर सकता है. इस क्षमता को बाद में उसके G20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मंच पर भी मजबूती मिली.
नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) प्रमुख मल्टीप्लेक्स संचालक पीवीआर आईनॉक्स ने सोमवार को कहा कि उसने प्रीमियम अल्पाहार क्षेत्र में सक्रिय अपने '4700बीसी' ब्रांड...