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Monday, 12 January, 2026
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ड्रोन से पहुंचाई जा सकती है कोविड वैक्सीन, बस मोदी सरकार को बदलनी होगी नीति

लचीली और बहुपयोगी ड्रोन तकनीक की अनदेखी करके भारत ‘आत्मनिर्भर’ बनने और 5 ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता.

मोदी अगर मानते हैं कि यह एक लोकतांत्रिक देश है तो उन्हें विरोधियों को बदनाम करने से बचना चाहिए

बेहतर होता की केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल यह कहकर किसान आंदोलन का अनादर करने की कोशिश न करते कि उसके पीछे वामपंथियों का हाथ है क्योंकि ऐसा करने से हम यह नहीं समझ पाएंगे कि किसानों में आक्रोश क्यों है.

शिवराज या योगी नहीं, बल्कि हिमंता बिस्वा सरमा मोदी-शाह के लिए सबसे चतुर राजनीतिक खिलाड़ी साबित हुए हैं

बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के चुनाव में भाजपा के शानदार प्रदर्शन ने दिखा दिया है कि हिमंता बिस्वा सरमा एक चुनावी मास्टरमाइंड बनकर उभरे हैं जिसकी कि मोदी और अमित शाह को ज़रूरत है.

MSP की लड़ाई में न फंसे- भारत को WTO कानूनों में मौजूद असमानता को दूर करने का प्रयास करना होगा

एमएसपी जैसे उपायों को लागू करने के लिए भारत एक तरफ खाद्य एवं आजीविका सुरक्षा और दूसरी ओर डब्ल्यूटीओ कानून में 'व्यापार विरूपणकारी' करार दी गई नीतियों के बीच संतुलन बनाकर चलता रहा है.

योगी बनाम मोदी की शुरुआत हो चुकी है और यह 2024 से पहले दिलचस्प हो जाएगा

सीडीएस जनरल बिपिन रावत नौसेना दिवस समारोह को छोड़कर योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मठ से जुड़ी संस्था के कार्यक्रम में भाग लेने चले गए, अमित शाह राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल नहीं हुए... ये घटनाएं बहुत कुछ कहती हैं.

क्या वजह है कि योगी आदित्यनाथ भाजपा के बाकी मुख्यमंत्रियों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं

यूपी में भाजपा को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने आप में एक जननायक बन गए हैं, और अपनी 'मोदी नंबर 2' की छवि गढ़ने में जुटे हुए हैं.

भारत को काम करने वाला सामाजिक लोकतंत्र बनाने के लिए राज्य पूंजीवाद को खत्म करना होगा

अगर भारत को एक गतिशील सामाजिक लोकतंत्र बनना है, तो उसे अनुशासित टैक्स व्यवस्था तैयार करके कॉर्पोरेट की ताकत पर लगाम लगाते हुए सरकारी पूंजीवाद की राह पकड़ने से बचना होगा.

जरूरत से ज्यादा लोकतंत्र होने का भ्रम: बिना राजनीतिक आज़ादी के कोई आर्थिक आज़ादी टिक नहीं सकती

वैसे, एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर उभरता है— लोकतंत्र आर्थिक वृद्धि के लिए अच्छा है या बुरा? कितना लोकतंत्र अच्छा है और कब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है? क्या सीमित लोकतंत्र जैसी भी कोई चीज होती है?

पाकिस्तान के मन में उमड़ा सिखों के लिए प्यार, कश्मीर प्रोजेक्ट की विफलता के बाद संजो रहा खालिस्तान का सपना

पाकिस्तान खालिस्तान चाहता है. उसके लिए ये मायने नहीं रखता कि देश में सिखों से कैसा बर्ताव किया जा रहा है.

CDS बिपिन रावत ने गोरखपुर के छात्रों को अपनी संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की नसीहत तो दे दी मगर सेना की परंपरा भूल गए

अगर गोरखनाथ मठ से जुड़ी संस्थाओं को भारतीय सेना ने अपने लिए निषिद्ध संस्थाओं की सूची में नहीं शामिल किया है, तो उसे दारुल उलूम देवबंद से जुड़ी संस्थाओं को भी इस सूची में शामिल नहीं करना चाहिए.

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हमारे लिए कोई भी देश भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है : अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर

( तस्वीरों सहित ) नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन के लिए...

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