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Monday, 23 February, 2026
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समय आ गया है कि मोदी एक बड़े राजनेता की भूमिका निभाएं और कृषि कानूनों को रद्द करें

नरेंद्र मोदी कृषि कानूनों को रदद् करने के बजाये उन्हें रद्द नहीं करके अपनी राजनीतिक साख ज्यादा गंवा रहे हैं.

शिक्षा क्षेत्र को बजट 2021 में क्या मिला, राज्य और केंद्र को स्कूलों में निवेश बढ़ाना चाहिए

बजट 2021 में शिक्षा क्षेत्र में हुए आवंटन की बात करें तो इस वर्ष शिक्षा क्षेत्र को 93,224.31 करोड़ रूपये आवंटित हुए है जो कि पिछले साल से 6087 करोड़ रूपये कम है.

अमेरिका की चीन पर रणनीति को लेकर ‘अनाम लेखक’ के पेपर में भारत के लिए अहम संदेश छिपा है

पेपर अमेरिका और चीन के बीच तेजी से घटते अंतर के बारे में चेतावनी देता है. मतलब कि भारत को तुरंत फैसला करना है कि अगर साउथ चाइना सी या ताइवान में युद्ध हुआ तो किसी का पक्ष लेना चाहेगा या नहीं.

निर्मला सीतारमण के लिए 2021 का बजट कामयाबी का पल लेकिन सुषमा स्वराज बनना आसान नहीं है

रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में काफी आलोचनाएं झेलने के बाद सीतारमण के लिए इस बार का बजट एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है जिसके बाद अब उनके काम को शायद अधिक गंभीरता से लिया जाए.

अन्ना हज़ारे पर मत हंसिए, वे तो खुद ही मोहरा बनकर रह गए हैं

एक समय था जब अन्ना को आज का महात्मा कहा गया था, वे आज उस दौर को वापस लाना चाहते हैं लेकिन उन्हें इसलिए खारिज मत कीजिए कि वे अरविंद केजरीवाल की महज एक कठपुतली बनकर रह गए थे.

जम्हूरियत के जागीरदारों के खेतों में फूटती लोकतंत्र की नई कोंपलें

हम जिस दौर का सामना कर रहे हैं, वह बहुत ही तमतमाया हुआ है. इसलिए कि कुछ शक्तियां आम लोगों के विवेक का अपहरण सुनियोजित तरीकों से कर रही हैं. उनका चेहरा दिख तो सात्विक रहा है लेकिन वह भीतर से क्रोधान्वेषित हैं.

मोदी सरकार का पहला ‘बीजेपी बजट’ क्यों सही दिशा में लिया गया कदम है, ग्रोथ पर दांव लगा रहा है

विडंबना ये है कि इस बजट में नरेंद्र मोदी ने महामारी के कारण मिली मदद से  घड़ी की सुइयां पीछे घुमा दी हैं और ग्रोथ पर दांव लगा रही है.

टिकैत की उदारवादी उहापोह- मुजफ्फरनगर दंगों को नज़रअंदाज़ करें या मोदी के राज में अपना भविष्य देखें

टिकैत ने अपने आंसूओं से न केवल 2013 के दंगों की जनस्मृति को धो दिया, बल्कि वह सिखों की अगुआई वाले एक आंदोलन को जाटों के विद्रोह में भी बदलने में भी कामयाब रहे हैं.

मोदी-शाह के चुनिंदा चेहरों ने निराश किया, अब क्या वे नये चेहरे को लेकर अपनी कसौटी बदलेंगे

मोदी और शाह ने राज्यों में जिन नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की वे उनकी उम्मीदों पर भले ही खरे न उतरे हों मगर इस जोड़ी ने हर राज्य में नया चेहरा ढूंढने की कवायद छोड़ी नहीं है.

भारतीय पर्यावरण संरक्षण और आदित्य ठाकरे के खत में मैंग्रोव को बचाने की पीएम से गुहार के मायने क्या हैं

मैंग्रोव है तो समुद्र के खारापन का प्राकृतिक संतुलन बना हुआ है. लेकिन केंद्र की सोच मैंग्रोव बचाने से ज्यादा उन कंपनियों से बात करनें में है जो खारे पानी को मीठे पानी में बदलने की तकनीक लाने का दावा करती है.

मत-विमत

AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

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एआई सम्मेलन में प्रदर्शन : दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता को ग्वालियर से गिरफ्तार किया

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह यहां ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कमीज उतारकर किए गए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.