अधिकांश धार्मिक ग्रंथ अतीत में कानून का स्रोत रहे हैं. लेकिन उनसे जुड़े समुदाय अब उन्हें इस रूप में नहीं देखते हैं. मुसलमान भी इस्लाम में आधुनिक मूल्यों को ढूंढ सकते हैं.
19वीं शताब्दी में एम नागलू गुमनामी से उठकर जानी-मानी शख्सियत बन गए. उनके पुत्र द्वारा लिखी उनकी बॉयोग्राफी संभवतः पहली दलित बॉयोग्राफी है जो अंग्रेजी में लिखी गई है.
स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ाने की जरूरत है. कई कंपनियां और बिजनेस सेक्टर पहले से ही बीमार हैं और अब नया झटका उन्हें गर्त में ही धकेल देगा.
कोरोना पर समय से पहले जीत जाने के ऐलान के साथ कुंभ मेले और चुनावों को मंजूरी देकर और वैक्सीन की जरूरत की अनदेखी करके मोदी सरकार ने अपने लिए सबसे बड़े संकट को बुलावा दे दिया है, अब हकीकत को पहचानने की विनम्रता, और कोई ‘रामबाण’ ही इस संकट से उबार सकता है.
जनसभाओं पर रोक लगाने और लोगों को अनुशासित करने के काम में अभी भी देर नहीं हुई है. लेकिन लोगों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने से पहले सरकारों को खुद का उदाहरण पेश करने की जरूरत है.
छत्तीसगढ़ में ताजा माओवादी हिंसा ने हमारे सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण और उनकी रणनीतियों की खामियां फिर उजागर की. सवाल यह भी है कि हम नागा, मिज़ो और हुर्रियत जैसे अलगाववादियों से बातें कर चुके हैं. तो माओवादियों से क्यों नहीं बात की जा सकती?
भाजपा के नेता जिस तरह बिना मास्क के विशाल रैलियां कर रहे हैं उससे यह भ्रम फैला है कि सब कुछ सामान्य है. लोगों में यह संदेश गया कि कोविड-19 का दुःस्वप्न तो बीती हुई बात हो चुकी है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.