राजनीतिक रणनीति और उत्तरदायित्व की गहरी समझ नेहरू द्वारा गठित ‘आईएफएएस’ सेवा के अधिकारियों की मूल विशेषता थी और इसी क्षमता तथा विशिष्ट प्रशिक्षण के बूते केसीजे ने आईएफएस तथा आईएएस सेवाओं के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों को देश से जोड़ने के काम किए.
2021 में पाकिस्तान के पास अपना सिर ऊंचा रखने और विरोधियों को कमतर आंकने का शायद ही कोई आधार होगा. यह हर किसी को मालूम है, जरूरत सिर्फ इस बात की है कि कोई यह बात जनरलों से भी कह डाले.
यह साफ है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल की रणनीति तय नहीं की है कि वह मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ मैदान में उतरेंगे या फिर उत्तर प्रदेश के चुनाव में जैसा किया था वैसा कदम उठाएंगे.
मोदी सरकार को ऐसे बेतुके मानदंड तय कर टीकों और दवाओं के क्षेत्र में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की स्थिति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, जिन पर कि अन्य देश भरोसा नहीं कर पाएं.
अखिलेश का बयान भाजपा को कितना ज्यादा खुश करेगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. सपा नेता ने कोविड वैक्सीन पर भगवा रंग चढ़ा दिया है जिससे भाजपा नेताओं की खुशी छिपाए नहीं छिपेगी.
भाजपा बंगालियों को उनकी संस्कृति को बढ़ावा देने का आश्वासन के लिए पूरी तरह से दो गुजरातियों पर निर्भर है. ये उन्हीं लोगों में से हैं, जो कि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में हिंदी थोपने के लिए कटिबद्ध हैं.
कितना अच्छा हो कि न्यायपालिका से व्यवस्था आने से पहले ही केन्द्र सरकार इन मामलों में सकारात्मक कदम उठाते हुये इन समुदायों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने के लिये ठोस कदम उठाये.
चीनी अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था से 5.7 गुना बड़ी हो गई है जबकि 2010 में वह 3.5 गुना ही बड़ी थी. वह दिन दूर नहीं जब वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था से भी बड़ी हो जाएगी.
कई प्रेक्षक सुझा रहे हैं, बेहतर होगा कि चार जनवरी की वार्ता में सरकार मेज के उस तरफ आकर निर्णय ले, जहां से किसानों की मुश्किलें, एतराज और नज़रिया उसे साफ समझ आए.
बीजेपी के मुख्यमंत्रियों में क्या गलत हो गया है? कई मुख्यमंत्रियों की ढीली-ढाली सरकार इस सोच से निकलती है कि चुनावी जीत तीन ‘एम’ की वजह से मिली—मोदी, बहुसंख्यकवाद और पैसा.
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ (सीपीसी) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय...