पेपर अमेरिका और चीन के बीच तेजी से घटते अंतर के बारे में चेतावनी देता है. मतलब कि भारत को तुरंत फैसला करना है कि अगर साउथ चाइना सी या ताइवान में युद्ध हुआ तो किसी का पक्ष लेना चाहेगा या नहीं.
रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में काफी आलोचनाएं झेलने के बाद सीतारमण के लिए इस बार का बजट एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है जिसके बाद अब उनके काम को शायद अधिक गंभीरता से लिया जाए.
एक समय था जब अन्ना को आज का महात्मा कहा गया था, वे आज उस दौर को वापस लाना चाहते हैं लेकिन उन्हें इसलिए खारिज मत कीजिए कि वे अरविंद केजरीवाल की महज एक कठपुतली बनकर रह गए थे.
हम जिस दौर का सामना कर रहे हैं, वह बहुत ही तमतमाया हुआ है. इसलिए कि कुछ शक्तियां आम लोगों के विवेक का अपहरण सुनियोजित तरीकों से कर रही हैं. उनका चेहरा दिख तो सात्विक रहा है लेकिन वह भीतर से क्रोधान्वेषित हैं.
टिकैत ने अपने आंसूओं से न केवल 2013 के दंगों की जनस्मृति को धो दिया, बल्कि वह सिखों की अगुआई वाले एक आंदोलन को जाटों के विद्रोह में भी बदलने में भी कामयाब रहे हैं.
मोदी और शाह ने राज्यों में जिन नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की वे उनकी उम्मीदों पर भले ही खरे न उतरे हों मगर इस जोड़ी ने हर राज्य में नया चेहरा ढूंढने की कवायद छोड़ी नहीं है.
मैंग्रोव है तो समुद्र के खारापन का प्राकृतिक संतुलन बना हुआ है. लेकिन केंद्र की सोच मैंग्रोव बचाने से ज्यादा उन कंपनियों से बात करनें में है जो खारे पानी को मीठे पानी में बदलने की तकनीक लाने का दावा करती है.
उनमें से सबसे प्रमुख डायलॉग है 'जब एक छोटी जाति का आदमी, एक ऊंची जाति की औरत को डेट करता है न, तो वो बदला ले रहा होता है, सदियों के अत्याचारों का, सिर्फ़ उस एक औरत से'.
इस बजट में उन लाखों लोगों की बात होनी चाहिए जिन्हें कोरोना महामारी ने फिर से गरीबी में धकेल दिया है. जिनकी नौकरी चली गई है. कुछ राहत दी गई है, लेकिन और अधिक किया जाना बाकी है.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.