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Tuesday, 17 March, 2026
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RSS ने चुन ली है अपनी टीम, भारत के रिटायर्ड डिप्लोमैट मोदी की विदेश नीति पर बंटे हुए हैं

आज भारत के राजनयिक भारत की आत्मा की रक्षा के सवाल पर दो खेमों में बंटे नज़र आते हैं. आरएसएस ने अपनों को चुन लिया है. तो क्या यह आरपार की लड़ाई होगी?

‘कोविड, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा’- मोदी सरकार की ‘विफलताओं’ का व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी कैसे बचाव कर रही है

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉर्वर्ड मैसेज सुबह और शाम मोबाइल स्क्रीन पर लोगों को फील गुड कराती रहती है.

नेहरू बनाम RSS का आर्गेनाइज़र: एक जंग जिसने हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया

आर्गेनाइज़र  में लगातार छप रही खबरों और आलेखों से त्रस्त नेहरू सरकार के अंतर्गत आने वाली एक मीडिया नियामक संस्था सेंट्रल प्रेस एडवाइज़री ने 2 मार्च, 1950 को आर्गेनाइज़र पर नकेल कसने का फैसला लिया.

रिलोकेशन नहीं, नेशनल आर्काइव्ज के लिए वास्तविक लड़ाई इस बारे में होनी चाहिए कि इसमें क्या शामिल नहीं है

इतिहास लेखन के लिए नेहरू का असल जोर एकता पर था, जबकि मोदी का एकरूपता पर है. लेकिन, इतिहास सबसे पहले एक विमर्श है.

पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह पर गांधी फैमिली कोर्ट में मुकदमा क्यों चलाया जा रहा है

पंजाब में आंतरिक कलह सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान अगर क्रीज़ से निकलकर छक्का लगाने की कोशिश कर रहे सिद्धू को आगे बढ़ाने और कैप्टन अमरिंदर सिंह को कमजोर करने की कोशिश करेगा तो यह अगले चुनाव में उसे महंगा पड़ सकता है.

बहस को ‘मोदी फासीवादी हैं’ के स्तर पर मत लाइए, भारत को पॉपुलिज्म की बेहतर आलोचना की ज़रूरत है

मुझे डर है कि यदि हमने दूसरों को, फोन्स पर अपनी छवि के मुक़ाबले, मंच-सामग्री या प्रतिद्वंदियों से, कुछ बड़ा देखने की कोशिश नहीं की, तो हम जल्द ही भूल जाएंगे कि एक दूसरे के साथ संबंध कैसे बनाए जाते हैं.

गुजरात से कुछ नहीं सीखा, उधार के योद्धाओं के भरोसे कैसे लड़ेगी कांग्रेस

राहुल गांधी के प्रभाव में आने के बाद कांग्रेस से 'संगठन संस्कृति' क्षीण होती गयी है और क्षणिक प्रसिद्धि के नैरेटिव खड़ा करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता गया है.

सपनों का घर अब भी सपना है- राज्य सरकारों, नगर निकायों को केंद्र के साथ मिलकर काम करने की जरूरत

अगर रियल एस्टेट सेक्टर का ठीक तरह से प्रबंधन किया जाए तो यह न केवल वित्त क्षेत्र में जान फूंक सकता है बल्कि कई तरह के उत्पादों और सेवाओं के लिए मांग भी पैदा करेगा.

अहंकार छोड़ अपने आईने में झांकिए, काफी अफ्रीकी देश भी आप से आगे निकल गए हैं

अफ्रीका के ज़्यादातर देश भारत से बेहतर हो गए हैं और हम हैं कि कुशासन, पहचान को लेकर घटिया किस्म की राजनीति, भ्रष्टाचार, झूठे अहंकार, आत्म-प्रशंसा, खोखली जीत के जश्न में खोए हैं और अपनी छवि खराब कर रहे हैं.

मोदी, राज्य सरकार, नियति—सर्वे में भारतीयों से पूछा गया कि कोविड से हुई मौतों के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं

भारत के छह राज्यों में हर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को कवर करते हुए करीब 15,000 लोगों के बीच किया गया प्रश्नम सर्वे अपने आप में अनूठा है.

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भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2030 तक जीडीपी का 20 प्रतिशत होगी: मेइटी सचिव

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का 2030 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.