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Wednesday, 14 January, 2026
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कोरोना की दूसरी लहर के लिए वे जिम्मेदार हैं जो पहली लहर के बाद लापरवाह हो गए

मुंबई, बंगलूरू में इस महामारी की दूसरी लहर 40 दिनों में खत्म हो सकती है बशर्ते सबके टीकाकरण का अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाए.

कोई सरकार नहीं चाहती जनगणना में ओबीसी की गिनती, क्योंकि इससे तमाम कड़वे सच उजागर हो जाएंगे

साल 2021 की जनगणना में ओबीसी को लेकर आंकड़े नहीं होंगे जबकि मोदी सरकार ने पहले इसका वादा किया था. यह सच्चाई पर पर्दा डाले रखने की साजिश है.

भारत के कई राज्यों में जंगल जल रहे हैं लेकिन जिम्मेदार संस्थाओं को ‘दैवीय चमत्कार’ का इंतजार

अतुलनीय संपत्ति की बर्बादी का यह सिलसिला ओड़िशा तक ही सीमित नहीं है. महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, नागालैंड– मणिपुर सीमा, यह एक लंबी सूची है.

मिलीबैंड से बर्न्स तक- विदेशियों का समर्थन राहुल को चर्चा में लाता है पर उनकी राजनीति के लिए नुकसानदेह

राहुल गांधी ने एक बार फिर वही किया. कांग्रेस नेता ने आंतरिक राजनीति पर बेहद खराब असर डालने वाले कदम की कीमत पर भारत में किसी तरह का कोई दखल न रखने वाले विदेशी बुद्धिजीवियों का समर्थन और भरोसा हासिल करने की कोशिश की है.

तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन दिखाता है कि म्यांमार की सेना पहले की तरह जनता को डरा नहीं सकती

अपने ही नागरिकों के खिलाफ बेहिसाब हिंसा की म्यांमार सेना की नीति अतीत में कारगर रही थी. तख्तापलट हुए अब दो महीने हो गए हैं लेकिन बड़े पैमाने पर जनप्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

भारत की तालिबान को स्वीकृति रणनीतिक होनी चाहिए, न कि ऐसी कि वह अफगानिस्तान पर फिर से शासन करे

पाकिस्तान के डीजी आईएसपीआर द्वारा इस्लामाबाद के रवैये में बदलाव का सार्वजनिक इजहार उत्साहजनक है, लेकिन पाकिस्तान को अपने नए रुख पर कायम रखने में अमेरिका और चीन दोनों के समर्थन की दरकार होगी.

लोकपाल आंदोलन की 10वीं वर्षगांठ : अरविंद केजरीवाल ने कैसे देश को सपना दिखाकर निराश किया

अगर अरविंद केजरीवाल लोकपाल आंदोलन की केवल अपनी सफलता से ही सीख पाते हैं, तो आप के मुद्दे इस तरह अटके नहीं होते.

UPA से लेकर NDA तक, भारत अभी तक नहीं समझ सका कि नक्सलियों की बगावत से कैसे निपटा जाए

मनमोहन सिंह ने ठीक ही कहा था कि नक्सलवाद भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है लेकिन उनके इस बयान के बाद से हालात में कोई बदलाव नहीं आया है.

अनुच्छेद-370 की सफलता से अंधी हो गई है BJP, अब उसे असलियत का सामना करना पड़ रहा है

राजनैतिक और चुनावी तौर पर काफी मजबूत स्थिति में होने के बावजूद भाजपा अपने तथाकथित साहसिक सुधारों को आगे नहीं बढ़ा पा रही है, क्योंकि ये जन-हितैषी नहीं है.

मोदी-शाह ने कर्नाटक के लिए अपना संदेश भेज दिया है लेकिन येदियुरप्पा उसे देखना नहीं चाहते

येदियुरप्पा को अब सम्मान के साथ रियाटर होने के विकल्प पर गौर करना चाहिए. उनके साथ अब न तो उम्र है और न ही विधायक हैं कि अगर ऐसी स्थिति आ जाए, तो वो आलाकमान के साथ बल परीक्षा कर सकें.

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विश्व बैंक ने 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत किया

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) विश्व बैंक ने मजबूत घरेलू मांग और कर सुधारों के दम पर चालू वित्त वर्ष के लिए भारत...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.