1962 के युद्ध, श्रीलंका में आईपीकेएफ से लेकर हाल के सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट हवाई हमले, लद्दाख में तनातनी का रिकॉर्ड सेना और सरकार ने जिस तरह रखा है वह यही बताता है कि भावी पीढ़ियों को इनका प्रामाणिक विवरण नहीं उपलब्ध हो सकेगा.
हिंदी भाषी राज्यों के लगभग 53 प्रतिशत उत्तरदाताओं को यह पता था कि जोमैटो क्या है, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है. लेकिन यह आंकड़ा पेटीएम के बारे में लोगों की जागरूकता से काफी कम है.
मोदी की अधिकांश राजनीतिक और चुनावी ऊर्जा एक ऐसे नेता को अपमानित करने पर खर्च होती रहती है जिसने कांग्रेस को गर्त में पहुंचाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है.
आज जब अमेरिका अफगानिस्तान से वापस जा रहा है ऐसे में ईरान, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे देश क़ाबुल को भू- राजनीतिक और भू -आर्थिक लड़ाई का अखाड़ा बना सकते हैं. अंतराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान की संप्रभुता को सुनिश्चित करना होगा .