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Wednesday, 15 April, 2026
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मोदी-शाह की भाजपा में मजबूत जनाधार वाले नेता परेशान क्यों हैं

लगता है, मोदी और शाह राज्यों में भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव लाने का मन बना चुके हैं. आज भले यह एक जुआ लग रहा है, लेकिन पार्टी का जो इतिहास रहा है उसके भरोसे वे निश्चिंत होंगे कि कोई विद्रोह नहीं होगा.

अगर संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ हो सकता है तो ‘राष्ट्रवादी’ क्यों नहीं

3 जनवरी 1977 को 42वां संविधान संशोधन लागू होते ही एक स्टेट के रूप में भारत गणराज्य की विचारधारा 'समाजवादी' हो गयी. समाजवादी राज्य बनना हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य का आधिकारिक उद्देश्य बन गया.

अफगानिस्तान में तालिबान को बढ़ावा देने के लिए अब UK पर दांव लगा रही है बाजवा की टीम

अफसोस की बात तो यह है कि केवल पाकिस्तान ही है जिसे अपने पड़ोसी देश में तालिबानी बोलबाले के दुष्परिणाम भुगतने होंगे. उम्मीद है कि इस्लामाबाद इस पर अपनी आंखें नहीं मुंदेगा.

मुस्लिम बुद्धिजीवी RSS प्रमुख के DNA वाले बयान को यूंही न स्वीकारें बल्कि उनकी छुपी भावनाओं को समझें

मुस्लिम बुद्धिजीवी वर्ग खुद को अवसरवादी साबित करेगा यदि वह आरएसएस प्रमुख की इस टिप्पणी में निहित धारणाओं से नहीं जुड़ता है कि मुसलमानों का डीएनए हिंदुओं के समान है.

गंगा से जुड़े सभी सवाल ऐसे डील किये जा रहे हैं जैसे कि वह इंटरनेट पर बहती हो

गंगा में महाशीर और उस जैसे कई जलीय जीव तकरीबन लड़ाई हार चुके हैं. अफ्रीकन कैट ने इस लड़ाई को जीत कर गंगा पर कब्जा जमा लिया है.

भोजपुरी को अश्लीलता से बचाने का सिर्फ एक ही उपाय है- सरकारी संरक्षण

इस भाषा को बचाने की ओर उठने वाला पहला कदम भोजपुरी साहित्य के इतिहास का सम्मान करना होगा और फिर इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना होगा.

मनमोहन सिंह ने मुझे बताया था कि 1991 में ‘सत्ता से अलगाव’ और ‘सुधार के प्रति लगाव’ उनका प्रमुख हथियार था

भारत जैसे विकासशील देश में आर्थिक सुधार मुख्य रूप से सरकार द्वारा नियंत्रण छोड़ने पर निर्भर करता है. मोदी सरकार को नियंत्रण पसंद है.

कोविड, पेगासस, चीन, पर्यावरण संकट- पृथ्वी पर जीवन एक ओरवेलियन दुःस्वप्न बनता जा रहा है

आज जो दहशत व्याप्त है उसमें बढ़ती विषमता आग में घी वाला काम कर रही है. इसने अमीर, गरीब, मध्य आय वाले देशों के समाजों की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है.

पसंद करें या नहीं, तालिबान एक हकीकत है, भारत उससे तभी निपट सकेगा जब BJP अपनी राजनीति बदले

भारत तालिबान को सिर्फ इसलिए राजनीतिक दुश्मन न मान बैठे कि वह इस्लामी है या पाकिस्तान का दोस्त है. भाजपा अगर अपने देश में ध्रुवीकरण की राजनीति से बाज आए तो वह मोदी सरकार उसे अपना दोस्त बना सकती है.

राजनीति को अपराधीकरण से मुक्त कराने के सुप्रीम कोर्ट के प्रयासों को कौन पलीता लगा रहा

अगर यही स्थिति जारी रही और राजनीतिक दलों ने अपने दृष्टिकोण में बदलाव नहीं किया तो वह समय दूर नहीं जब देश की संसद और विधानमंडलों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों का बहुमत होगा.

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सतत विकास में कमजोर वर्ग की चिंताओं का समाधान होना चाहिए: पूर्व प्रधान न्यायाधीश गवई

हैदराबाद, 14 अप्रैल (भाषा) भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने मंगलवार को कहा कि सतत विकास को एक संवैधानिक दृष्टि...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.