क्या कोरोना की पहली लहर से निपटने के लिए अंधविश्वास का इसलिए सहारा लिया गया कि विज्ञान के डोमिनेंट डिस्कॉर्स से इतर किसी धर्म विशेष के अंधविश्वास की प्रथा को सेलिब्रेट किया जा सके?
एनसीईआरटी की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक की प्रस्तावना में इस किताब को 'भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता की निशानी' कहा गया है. आज जब प्रस्तावना के इस वाक्य को पढ़ता हूं तो सोच में पड़ जाता हूं.
माओ की सांस्कृतिक क्रांति ने चीनी युवाओं की शिक्षा को बाधित कर दिया था, लेकिन डेंग सिआओपिंग के सुधारों के कारण शिक्षित मंत्रियों के शामिल किये जाने की एक प्रवृत्ति शुरू हुई जो शी जिनपिंग के शासन काल में और विकसित हुई है.
तीसरा मोर्चा कई कारणों से एक कमजोर ढांचा लगता है. एक यह कि इसके मूल में है मोदी विरोधी भ्रामक-सी भावना. दूसरे, यह भूल जाता है कि एकमात्र सच्ची अखिल भारतीय पार्टी कांग्रेस को अलग रखना अव्यावहारिक है. तीसरे, वह मतदाताओं को उस स्थिरता से वंचित कर सकता है जो उसे इन दिनों हासिल थी.
भाजपा को हिंदुत्व की विचारधारा को मात्र सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि हिंदुत्व जीवन दर्शन के सकारात्मक पहलू को आगे रखकर अपना राजनीतिक कार्यक्रम तय करना चाहिए.
अगर भारत के सबसे लोकप्रिय नेता मोदी और सर्वाधिक कुशल राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक अमित शाह के नेतृत्व वाली पार्टी राज्यों में अंतर्कलह में घिरी दिख रही है, तो कुछ गड़बड़ ज़रूर है.
डॉलर को बदलने के लिए सिर्फ दूसरी करेंसी नहीं, बल्कि उतना ही मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम, भरोसेमंद संस्थान और बैंक-निवेशक-पेमेंट का पूरा नेटवर्क भी जरूरी है.