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Saturday, 28 February, 2026
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किसान आंदोलन के कारण सुप्रीम कोर्ट अभिव्यक्ति की आज़ादी पर करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट जल्द ही एक ऐसे सवाल पर विचार करने जा रहा है जिसका सीधा संबंध संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार से है

भारत के ‘अविश्वसनीय नैरेटर’ हैं नरेंद्र मोदी, क्यों बीते 20 साल से वो एक जैसा ही बने हुए हैं

किसी नेता का कैरियर उसके द्वारा रचे गए आख्यान पर निर्भर होता है लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री की गद्दी तक सार्वजनिक सेवा के जो 20 वर्ष मोदी के रहे हैं उससे कोई आख्यान नहीं उभरता.

प्रधानमंत्री मोदी ने गृह मंत्रालय में अमित शाह के सहयोग के लिए आपराधिक छवि वाले राजनेताओं को क्यों चुना

दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना आम जनता के बीच इस बल की छवि सुधारना चाहते हैं. लेकिन वास्तव में इसका कोई मायने नहीं है—यकीन न हो तो भारत के गृह मंत्रालय को ही देख लीजिए.

गंगा सफाई को लेकर BJP सरकार से भी सानंद को मिली थी निराशा, पत्र में मोदी को लिखा था छोटा भाई

9 अक्टूबर की सुबह सानंद ने प्रधानमंत्री को आखिरी पत्र लिखा – जिसका मजमून था कि मैं भगवान राम के दरबार में जाकर आपकी शिकायत करूंगा.

पाकिस्तान में ‘जबरन धर्मांतरण’ को अपराध बनाने की जिम्मेदारी इमरान खान सरकार पर है

जब वो पीएम नहीं थे, तो इमरान खान पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई लड़कियों के अपहरण और उनके जबरन धर्मांतरण का मुद्दा उठाया करते थे. अब वो धार्मिक दक्षिणपंथियों को खुश करने में लगे हैं.

मुसलमान राजनीति और गैर-भाजपावाद की सीमाएं

सेक्युलरिज्म और कम्युनलिज्म का खेल सिर्फ बीजेपी नहीं खेल रही है. ये खेल सेक्युलर कहे जाने वाले दल भी खेल रहे हैं क्योंकि इसकी वजह से उन्हें एकमुश्त मुसलमान वोट मिल जाते हैं.

पैंडोरा पेपर्स: अमीरों का खेल और उसमें शरीक होने वालों का खुलासा

पत्रकारों के एक संघ ने टैक्स से छूट देने वाले ठिकानों में पैसे जमा करने वालों की पैंडोरा लिस्ट का पता लगाया तो जवाबदेही की जरूरत महसूस की जाने लगी जबकि इसके नाम पर दिखावा ही किया जाता रहा है.

लखीमपुर खीरी से वाया पंजाब -कश्मीर तक, जो हुआ ऐसे जोखिम भारत अब और नहीं उठा सकता

कश्मीर मसले को निबटाने के लिए पंजाब में अमन चाहिए. जानी-पहचानी बाहरी ताकतों को 30 साल पहले इन दोनों राज्यों में आग लगा देने का जो मौका मिल गया था वह उन्हें फिर से देने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता.

क्या BSP का खेल ख़त्म हो गया है? मायावती की सियासत ने फीकी की कांशीराम की विरासत

मायावती के नेतृत्व में बीएसपी एक तीन आयामी- भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक गिरावट के दौर से गुजर रही है.

मैंने OFB की क्वालिटी में गिरावट देखी है-1970 के दशक में औसत से 2000 में नाक़ाबिले बर्दाश्त तक

वर्दी-पोशाक और लड़ाई में धारण किए जाने वाले कवच आदि के मामले में हमारे सैनिक दुनिया में सबसे कमजोर हैं, और उनके अस्त्र-शस्त्र के बारे में जितना कम कहा जाए उतना बेहतर.

मत-विमत

लद्दाख में सेना को ज़िम्मेदारी लेनी थी, राजनीतिक नेतृत्व पर बोझ नहीं डालना था

राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'

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नोएडा: पुलिस मुठभेड़ के बाद गोकशी के आरोपी पांच बदमाश गिरफ्तार

नोएडा, 28 फरवरी (भाषा) नोएडा पुलिस ने गोकशी के आरोपी पांच बदमाशों को शनिवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.