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Friday, 16 January, 2026
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तालिबान से संभावित खतरे को बाइडन गंभीरता से नहीं ले रहे, ये दूसरे 9/11 को न्योता देना है

भीख का कटोरा लेकर घूमने से पहले हालांकि तालिबान नेतृत्व अपनी एके 47 रायफलें छिपा लेंगे, लेकिन बात-बात पर गोली चलाने पर उतारू कट्टरपंथी समूहों पर, उनका कोई नियंत्रण नहीं होगा.

स्टेट बैंक लूटने तक मनी हाइस्ट प्रोफेसर पाकिस्तान के किराना स्टोर में क्यों कर रहा है काम

स्पॉइलर अलर्ट, लेटेस्ट सीजन में जो हुआ उससे पाकिस्तान में मनी हाइस्ट के प्रशंसक परेशान हैं. कुछ लोग तो इसके लिए इमरान खान सरकार पर आरोप तक लगा रहे हैं.

गुलज़ार- एक ऐसा तिलिस्म जो हमारे समय का फिक्र और फख्र दोनों हैं

गुलज़ार साहब के डायरेक्टोरियल डेब्यू 'मेरे अपने ' के रिलीज की आज 50वीं सालगिरह है. गुलज़ार के असर से अप्रभावित रहना मुमकिन ही नहीं है, यह असर उन्होंने निर्देशक के रूप में भी छोड़ा है.

तालिबान से बातचीत तो ठीक है लेकिन भारत को सबसे बुरी स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए

अधिक जटिल चेहरे वाले तालिबान के दोहरे खेल और कबायली गृहयुद्ध तक से निपटने के लिए भारत को अपने ‘प्लान-बी’ को लागू करने की भी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए.

मोहम्मद अली जिन्ना की जिंदगी में आईं सिर्फ तीन औरतें, कौन हैं ये

मोहम्मद अली जिन्ना की 11 सितंबर 1948 को मृत्यु हो गई थी. मैंने इस मौके पर तैयार शोध लेख में दावा किया है कि उनके जीवन में सिर्फ तीन औरतें आती हैं. उनकी पत्नी रत्नाबाई, बेटी और बहन फतिमा. पर उनकी पटी सिर्फ बहन से ही. क्या जिन्ना औरत विरोधी शख्स थे?

पाकिस्तान और चीन एक गैर-भरोसेमंद तालिबानी सरकार की उम्मीद कर रहे हैं, भारत को भी यही करना चाहिए

हक़्क़ानी गुट के भारत विरोधी एजेंडा के कारण पाकिस्तान तालिबानी सरकार में उसकी प्रभावशाली भूमिका चाहता है इसलिए हमें सचेत रहने की जरूरत है.

जातिवार जनगणना कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण की जरूरी पहल है

सामाजिक न्याय व बंधुता का प्रश्न मनुष्यता का प्रश्न है और जातिवार जनगणना के हासिल को उसी की एक कड़ी के रूप में देखा जाना चाहिए.

योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा- दो बाहरी लोग RSS के प्रभुत्व वाली BJP में लीड कर रहे हैं

जैसे-जैसे भाजपा का विस्तार होता जा रहा है, ख़ासकर नए- नए क्षेत्रों में, पार्टी राष्टीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वारा इसके नेताओं को राजनैतिक रूप से संवारने की सीमाओं के बारे में सजग हो रही है.

स्मारक बनाने के नाम पर सरकारी बंगले पर कब्जे की कोशिश ‘कंटेप्ट ऑफ कोर्ट’ हो सकती है

किसी बड़े नेता का निधन होने पर उनके परिजन और समर्थन अपने चहेते नेता के सरकारी रिहायशी आवासी को स्मारक बनाकर उसमे डटे रहना चाहते हैं. लेकिन न्यायपालिका के सख्त रुख के कारण अब ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है.

जन्नत जैसा है लुटियन जोन, पासवान कैसे छोड़ कर जाएंगे ये बंगला और चौबारा

रामबिलास पासवान लुटियन दिल्ली के 12 जनपथ के बंगले में करीब 30 सालों तक रहे. अब वहां उनकी धड़ प्रतिमा स्थापित कर दी गई है. इसलिए कहा जा रहा है कि वहां पर उनका स्मारक बनाने की कोशिश हो रही है.

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पीएम फसल बीमा योजना के तहत कॉफी को शामिल करें : प्रियंका गांधी ने पीयूष गोयल से कहा

वायनाड (केरल), 16 जनवरी (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कॉफी की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.