Wednesday, 25 May, 2022
होममत-विमत‘यह दुनिया आर्यन खान के साथ ज्यादती कर रही है'? क्या कह रहा है ‘दक्षिण मुंबई’ का एलीट क्लास!

‘यह दुनिया आर्यन खान के साथ ज्यादती कर रही है’? क्या कह रहा है ‘दक्षिण मुंबई’ का एलीट क्लास!

मेरा अपना अनुमान है कि इस सब के बाद आर्यन खान एक मजबूत आदमी के रूप में बाहर निकलेंगे. किंग खान भी अपना ताज - और अपने बेशुमार विज्ञापन - बरकरार रखेंगे. इस दीपावली पर भी दीये 'मन्नत' को रोशन कर रहे होंगे.

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मुंबई ‘जो जीता वही सिकंदर’ किस्म का खतरनाक शहर है. हम दशकों से इस जुनूनी महानगर में ‘स्क्विड गेम’ जैसा खेल रहे हैं! चूंकि मुंबई में हारने वालों (लूज़र्स) के लिए किसी के पास कोई समय नहीं है और यह हमेशा से ‘विजेताओं’ की पूजा करता रहा है, इसलिए यह शायद ही किसी आश्चर्य की बात है कि फिलहाल एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर, हाई-प्रोफाइल, समीर वानखेड़े (जिनका इसी उपनाम से ख्यात स्टेडियम से कोई सीधा संबंध नहीं है), को उनके अदूरदर्शी होने के लिए बिना किसी शक शुबहा के उपहास भरी नज़रों के साथ देखा जा रहा है. खासकर उनके यह सोचने के लिए कि वह उस जंग को जीत सकते हैं जो उन्होंने अदम्य, अजेय किंग खान के खिलाफ छेड़ा है. वह आखिर सोच भी क्या रहे थे? भाई… आपकी औक़ात ही क्या है? जरा सोचो तो!

अब जरा ‘जो जीता…’ वाली थ्योरी (सिद्धांत) पर लौटते हैं. सोमवार की रात, मैं एक नए जापानी बिस्टरो में थी. यह एक तरह का साहसी उद्यम है जो रेस्तरां के क्षेत्र में सबसे बड़े नामों में से एक, मोरिमोटो का प्रतिष्ठित ‘वसाबी जो इससे सिर्फ दो किलोमीटर से भी कम की दूरी और उससे भी अधिक प्रतिष्ठित जगह ताजमहल पैलेस होटल में स्थित है’, को उसकी ‘गद्दी’ से हटाने की उम्मीद करता है. यह नया रेस्त्रां वसाबी के नामचीन रसोइयों में से एक को लुभाने में कामयाब रहा है और लगभग उसी तरह के मेनू (जो थोड़ा असहज लगता है) के साथ ‘वकाई’ नाम से अपना कारोबार शुरू कर रहा है. लेकिन इसके सिग्नेचर डिशेस (विशिष्ट व्यंजनो) पर लगा मेयो थोड़ा ज्यादा चिपचिपा सा है.

मैंने यहां के खाने, चहल-पहल और सजावट का खूब आनंद उठाया. यहां होने वाली अनुभूति (वाइब्स) हिप और उबेर-कूल जैसे थी, मंगा से प्रेरित आंतरिक साज-सज्जा (इंटीरियर डेकोरेशन) के साथ, और इसके जापानी सोया सॉस में कसा हुआ असली वसाबी रूट भी मिलाया हुआ था? नाइस, है ना?

क्या ‘वकाई’ ‘वसाबी’ को हिला पायेगा? क्या वाकई कोई किंग खान की अपनी जगह से हिला सकता है?

मुंबई की गपशप में आर्यन की चर्चा…

आर्यन के पापा ने इस देश के सबसे अच्छे (और सबसे महंगे) वकील – सर्वशक्तिशाली मुकुल रोहतगी- की सेवाएं ली हैं – जो निस्संदेह अपनी पूरी ताकत अदालत में आजमाएंगे. मंगलवार को तो टीम आर्यन के साथ थोड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ भी था क्योंकि समीर वानखेड़े दिल्ली में अपने आकाओं का सामना कर रहे थे और संभवतः उनके खिलाफ लाए गए रिश्वत लेने के आरोपों के बारे में उठे कुछ महत्वपूर्ण सवालों का जवाब दे रहे थे. जैसा कि हम सब जानते हैं, मनोवैज्ञानिक लाभ अक्सर महत्वपूर्ण मैच में जीत दिलाता है. ना बाबा ना .. मैं कुछ नहीं कह रही .. जरा पढ़िए कि क्रिकेट विशेषज्ञ दुबई में पाकिस्तान के हाथों हुई भारत की हार के बारे में क्या लिख रहे हैं. आप ओस को भी दोष दे सकते हैं … लेकिन, बोले तो, हमारे लड़के गच्चा खा गए और उन्होंने खराब प्रदर्शन किया – होता है!

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हमेशा की तरह, मैं ‘वकाई’ में अपने आस-पास चल रही जीवंत गपशप को खुशी-खुशी सुन रही थी. दिलचस्प बात यह है कि जापानी शब्द ‘वकाई’ का शाब्दिक अनुवाद ‘अपरिपक्व’ या ‘युवा’ के रूप में होता है. इस जगह की जवानी-दीवानी वाली छवि को ध्यान में रखते हुए, अन्य टेबल सोबो (साउथ बॉम्बे) के शानदार दिखने वाले ‘बच्चा लोग’ के साथ भरे पड़े थे, और वे जिस तरह से आर्डर दे रहे थे उससे लगता है कि उनके पास काफी पैसा होगा. कुछ लड़कियों ने इतने खतरनाक रूप से छोटे और तंग कपड़े पहने हुए थे कि उनके इनरवियर भी दिख रहे थे. मुझे उन्हें घूरते पकड़ा गया, और मेरे बच्चे बहुत शर्मिंदा हो उठे. शायद मेरी उम्र दिख रही थी -! मुझे बताया गया कि पूरा आईडिया ही इनरवियर दिखाने का है और बैठते समय पैरों को एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ाना होता है. ओह, मुझे इस बिस्टरो में आये लोगों की औसत उम्र पचास साल तक ले जाने और ‘कूल’ क्वॉटेंट को शर्मिंदा करने पर गहरा खेद है. अपने बिखरे हुए आत्मसम्मान को बचाने के एक मायूस से प्रयास में मैंने डरते-डरते डीजे से पूछा कि क्या उसने पहले जो गाना बजाया था वह मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक, डरावनी विषयवस्तु (थीम) वाली और 1983 में बना डेविड बॉवी अभिनीत एक वॉर ड्रामा (युद्ध आधारित नाटक), मेरी क्रिसमस, मिस्टर लॉरेंस, से था. ‘हां, वही तो था.’ मुझे एक सुंदर सी लड़की ने बताया जिसके चेहरे पर तापसी पन्नू स्टाइल के बालों के गुच्छे (कर्ल) लटके थे. वह तो उस समय पैदा भी नहीं हुई होगी! इस तरह मैं अपनी गरिमा को थोड़ा सा वापस पाते हुए उस रेस्तरां से निकली.

…और सुपरस्टार के बेटे के प्रति दिखने वाली संवेदना का आलम

और फिर कार में घर जाते समय मेरे द्वारा पूरी बेशर्मी के साथ चुपके-चुपके वहां सुनी गई बातें वापस से मेरे दिमाग में आईं. किसी ने कहा, ‘हर कोई आर्यन के साथ इतना बुरा बर्ताव क्यों कर रहा है? कम ऑन … जैसे कि यह सब (ड्रग्स) करने वाला वह अकेला लड़का है.’ उस टेबल पर मौजूद सभी लोग इस बात से सहमत थे कि ‘आर्यन को प्रताड़ित किया जा रहा है और यह उचित नहीं है! मानो शाहरुख का बेटा होने की सारी गलती उसकी है, …’ थोड़े से सोच-विचार वाले विराम के बाद, अनन्या पांडे की हमशक्ल दिखने वाली एक लड़की ने कहा, ‘कल्पना तो करो! मैंने सुना है कि वह उस गंदी जेल में भूखा रहता है और सिर्फ बिस्कुट खाकर जिन्दा रहने की कोशिश कर रहा है. वह अन्य कैदियों की तरह दाल-चावल कैसे खा सकता है? काफी दुःख की बात है, है न.’ अचानक, मैं जिस ट्रफल लॉबस्टर पर अपने दांत गड़ाने वाली थी, उसके प्रति मेरा आकर्षण, और उसका स्वाद, थोड़ा खो सा गया.


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नवाब मलिक के उम्दा खोजी कौशल की व्यापक रूप से सराहना की जा रही है! पकड़ा! अब जब इस सारी कहानी में जबरन वसूली का वाला एंगल आ गया है, तो चीजें और अधिक धुंधली होती जा रही हैं.

हालांकि, इस मामले में आखिरी बयान समीर वानखेड़े की वर्तमान पत्नी, मराठी अभिनेत्री क्रांति रेडकर के लिए सुरक्षित रखते हैं, जिन्होंने अपने पति का जोरदार बचाव करते हुए पुरे प्रेस के सामने यह घोषणा की कि ‘मैं अपने पति को जानती हूं.’ इरर …. अब तो बाकी भारत भी यह सब जानता है.

अफ़सोस … काश उस गंजे गोसावी ने सेल्फी नहीं क्लिक की होती! देखिये! सेल्फी के प्रति जुनून क्या – क्या कर सकता है! इसलिए क्लिक करने से पहले सोचें. उसी फ्रेम में शामिल कोई बड़ी हस्ती आपके लिए अभिशाप भी साबित हो सकती है.

फ़िलहाल आर्यन खान होना वास्तव में काफी कठिन है. ऐसा मैं पूरी ईमानदारी के साथ मानती हूं. उसके वास्तविक जीवन के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है. लेकिन सबकी अपनी एक राय है. मेरा अपना अनुमान है कि इस सब के बाद आर्यन खान एक मजबूत आदमी के रूप में बाहर निकलेंगे. किंग खान भी अपना ताज – और अपने बेशुमार विज्ञापन – बरकरार रखेंगे. इस दीपावली पर भी दीये ‘मन्नत’ को रोशन कर रहे होंगे.

(लेखिका एक जानी-मानी स्तंभकार, सामाजिक टिप्पणीकार, पत्रकार और ओपीनियन सेकर हैं. उन्होंने 20 के करीब किताबें भी लिखी हैं. वे @DeShobhaa से ट्वीट करती हैं. व्यक्त विचार निजी हैं)

(इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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