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Saturday, 17 January, 2026
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मोदी सरकार बहाने न बनाए, वैश्विक भूख सूचकांकों में फिसलन की चेतावनी सुने और जागे

दूसरी ओर गैरबराबरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते किसी गरीब देशवासी के विकल्प इतने सीमित हो गये हैं कि उसकी समस्या है कि वह खाये तो क्या खाये और किसी अमीर के पास इस सीमा तक सब कुछ भरा पड़ा है कि वह समझ नहीं पाता कि क्या-क्या खाये.

सावरकर की महानता सिर्फ बीजेपी ने ही नहीं, कांग्रेस ने भी स्थापित की है

ये ऐतिहासिक तथ्य है और इस पर इतिहासकारों के बीच कोई विवाद नहीं है कि अंडमान की सेल्युलर जेल में रहते हुए सावरकर ने 1911 से 1924 के बीच अंग्रेज अधिकारियों को 5 माफीनामा लिखे.

भारतीय अर्थव्यवस्था में त्योहारों के उत्साह का माहौल है, उम्मीद है यह कायम रहेगा

निरंतर तेज आर्थिक वृद्धि की जो उम्मीद वित्त मंत्री जता रही हैं वह कितनी वाजिब है? सरकारी कार्यक्रमों से कुछ गति आ सकती है लेकिन व्यापक अर्थव्यवस्था के आंकड़े बहुत उत्साहवर्द्धक नहीं हैं.

सावरकर की दया याचिका में गांधी को मत फंसाइए. आर्काइव्ज़ दावे का समर्थन नहीं करते

सावरकर बंधुओं की आज़ादी के लिए गांधी के प्रयासों पर सवाल उठाए गए, जब उन्होंने 1937 में सावरकर की रिहाई के लिए, याचिका पर दस्तख़त नहीं किए.

मोहन भागवत सही कह रहे- चीन एक बड़ा खतरा है, लेकिन उससे निपटने का उनका फॉर्मूला गले नहीं उतर रहा

भारत चीन से लड़ सकता है मगर इसके लिए देश में शांति और स्थिरता चाहिए, चुनाव जीतने के लिए एनआरसी जैसे पुराने विवादों को भड़का कर या हिंदू-मुसलमान ध्रुवीकरण करके चीन से मुक़ाबला नहीं किया जा सकता शेखर गुप्ता

सेना में महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ यौन शोषण के बढ़ते मामलों की अनदेखी नहीं की जा सकती, चुप्पी नहीं साध सकते

सेना में महिलाओं को शामिल करने को लेकर आम लोगों और फौजी बिरादरी की चिंता यह होती है कि दुश्मन उनका यौन उत्पीड़न और बलात्कार कर सकता है, मगर अपने सहकर्मियों का क्या किया जाए?

मुस्लिम सांप्रदायिकता, तालिबान और देवबंदी विचारधार से उसका संबंध

तालिबान पाकिस्तान में स्तिथ इन्ही देवबंदी मदरसों से निकले हुए पठान जाति के लोग हैं जिनकी विचारधारा पूरी तरह से कट्टर देवबंदी है

लखीमपुर खीरी में मारे गए BJP कार्यकर्ता के परिवार से मैंने क्यों मुलाकात की: योगेंद्र यादव

राजनीति हो या आंदोलन, हम अपने सार्वजनिक जीवन में ऐसा कौन-सा रास्ता अपनाएं जिसमें असुविधाजनक सच्चाई, नैतिक जटिलताओं और न्यूनतम मानवीय संवेदना के लिए जगह हो? लखीमपुर खीरी से मैं यही सवाल लेकर लौटा हूं.

हाथरस से लखीमपुर तक सिर्फ BJP की गलतियों की ताक में विपक्ष, तय नहीं कर पा रहा एजेंडा

विपक्ष ने उत्तर प्रदेश में अपनी आवाज़ तो हासिल कर ली लेकिन केवल मोदी के खिलाफ ढोल बजाने से ही काम नहीं चलेगा, उसे अपना एजेंडा भी तय करने की जरूरत है.

चीन मानता है कि उसका समय आ गया है, लेकिन अभी उसे कुछ सच्चाइयों को पचाना ही पड़ेगा

कोर कमांडर स्तर की बातचीत में भारत अपनी ‘इस बात पर कायम’ रहा कि चीन ने ही यथास्थिति को भंग करनी की शुरुआत पिछले साल की, लेकिन चीन ने दांव और ऊंचे कर दिए.

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‘महिला, ज़िंदगी, आज़ादी’ एक चेतावनी, जिसे ईरान ने नज़रअंदाज़ किया, अब शासन सख़्ती कर रहा है

जो बात अक्सर भुला दी जाती है, वह यह है कि इस नियंत्रण के खिलाफ विरोध तुरंत शुरू हो गया था. जब अनिवार्य पर्दा लागू किया गया, उसी पल से धर्मतांत्रिक शासन के खिलाफ लड़ाई शुरू हो गई.

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राजनीति

देश

बिशप के खिलाफ बलात्कार मामले में विशेष अभियोजक की नियुक्ति, पीड़िता ने सरकार का आभार जताया

कोट्टायम (केरल), 17 जनवरी (भाषा) जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ दर्ज बलात्कार मामले में पीड़िता नन ने केरल उच्च न्यायालय में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.