‘नार्कोटिक्स ड्रग्स ऐंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसेज एक्ट’ नामक कठोर कानून उन लोगों के हाथ में थमा दिया गया है जो इसका दुरुपयोग कर सकते हैं. आज टीवी के परदे पर इसी खुल्लमखुल्ला दुरुपयोग की कहानी चल रही है.
बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006, जब से बना है तब से बाल विवाहों में बहुत गिरावट हुई है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वेक्षण के 2015-16 के सर्वे के अनुसार राजस्थान में बाल विवाह का प्रतिशत 35 फीसद तक घट गया था और देश का 27 फीसदी तक हो गया था.
बसपा मजबूत जनाधार वाली बड़ी ताकत है. 2017 में सबसे खराब प्रदर्शन करने के बावजूद 22.2 फीसदी वोट के साथ वह दूसरे नंबर की पार्टी थी जबकि सपा 21.8 फीसदी वोट लेकर उसके नीचे थी.
धर्म, राष्ट्र, भाषा और जाति के प्रश्न पर गांधी और सावरकर उतने दूर नहीं है, जितना बताया जाता है. इन विषयों पर विरोध की धारा का नेतृत्व डॉ. आंबेडकर करते हैं.
मंदिरों और हिंदू घरों को जिस तरह तोड़ा व जलाया जाता रहा है, इससे फिलहाल तो यही लग रहा है कि बांग्लादेश सरकार हिंसा की ऐसी क्रूर घटनाओं को थामने में कमजोर साबित हो रही है.
यह सर्व विदित है कि सर सैयद ने सर्व प्रथम साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नीव रखी जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल ने पाकिस्तान की इमारत का निर्माण किया.
फिलहाल तो भरोसे से यही कहा जा सकता है कि कार्यसमिति की पिछली बैठक के बाद ‘जी-21’ (जितिन प्रसाद और वीरप्पा मोइली की रवानगी के बाद) मुकाबला हार गया है लेकिन जंग जारी रहेगी.
जो बात अक्सर भुला दी जाती है, वह यह है कि इस नियंत्रण के खिलाफ विरोध तुरंत शुरू हो गया था. जब अनिवार्य पर्दा लागू किया गया, उसी पल से धर्मतांत्रिक शासन के खिलाफ लड़ाई शुरू हो गई.