बीजेपी ने राष्ट्रीय राजनीति को सफलतापूर्वक हिंदू बनाम मुसलमान और सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई में सीमित कर दिया है. विपक्ष भी इस खेल में फंस गया है.
पिछले दिनों जब बेहद हताश महसूस कर रही थी तो मैं शॉपिंग के लिए निकल गई और मैंने ऐसी कई चीजें खरीद ली जिन्हें शायद मैं कभी इस्तेमाल न करूं लेकिन मुझे ऐसा करके थोड़ा बेहतर महसूस हुआ
पाकिस्तान में सेना ही सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी है. भारत में उसे समझने वाला कोई महकमा है तो वह भारतीय सेना ही है. वही है जिसके साथ पाकिस्तानी फौज बैठेगी और जिसकी बात सुनेगी.
ईरान और सऊदी अरब अब बातचीत कर रहे हैं लेकिन जंग के जिन्न को वापस बोतल में बंद करने में शायद बहुत देर हो चुकी है. यमन में सत्ता के दलाल अपने दबदबे के लिए हिंसा पर ही निर्भर हैं.
देखना है कि जन-प्रतिनिधित्व कानून की धारा 61-ए के तहत ईवीएम के इस्तेमाल के बाद अब अचानक इस प्रावधान की संवैधानिकता के सवाल पर उच्चतम न्यायालय क्या रुख अपनाता है और अगर वह विचार करने का निश्चय करता है तो उसकी क्या व्यवस्था होगी.
गणतंत्र की प्राणवायु यानी विचार अब खर्च हो गए हैं. इक्कीसवीं सदी में गणतंत्र को बचाने के लिए बीसवीं सदी की विरासत का संयोजन और संशोधन करते हुए एक नई विचारधारा को गढ़ना होगा.
उग्र जातिवादियों के लिए ये तस्वीरें जाति की सर्वोच्चता के संकेत, तो उदार जातिवादियों को यह रक्षक होने एहसास देती हैं, जो उनमें नैतिक बड़प्पन का भाव जगाता है.
लोकतंत्र और गणतंत्र कमजोर ढांचे होते हैं जिन्हें निरंतर निगरानी और साज-संभाल की जरूरत होती है क्योंकि वे मामूली कुत्सित हस्तक्षेपों से भी आसानी से ध्वस्त हो सकते हैं.