scorecardresearch
Sunday, 18 January, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

राहुल गांधी का हिंदुइज़्म मोदी के हिंदुत्व को मात नहीं दे सकता, इसका कारण कांग्रेस द्वारा शूद्रों की उपेक्षा है

अगर राहुल गांधी ‘हिंदू’ साधनों के जरिए कांग्रेस को अपनी जगह से खिसकाना चाहते हैं तो उन्हें धर्म और अपनी पार्टी के सुधार के एजेंडा की व्याख्या करनी होगी.

अल्पसंख्यक दिवस पर पसमांदा मुस्लिमों के अधिकारों का सवाल क्यों जरूरी

अशराफ समाज शासक वर्गीय होने के कारण प्रबल और प्रभावी समाज रहा है वहीं दूसरी ओर देशज पसमांदा समाज अब भी वंचित और अप्रभावी समाज बना हुआ है.

‘हमने अदब से हाथ उठाया सलाम को, समझा उन्होंने इससे है खतरा निजाम को’- कैसे जनकवि बन गए अदम गोंडवी

अदम गोंडवी अपनी गजलों की मार्फत साहित्य को मुफलिसों की अंजुमन, बेवा के माथे की शिकन, रहबरों के आचरण और रोशनी के बांकपन तक ले चलने का आह्वान करते देश भर में घूमते रहे.

हर्बल चाय अच्छी है लेकिन PCOS का समाधान नहीं है, इससे बचने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी

इंटरनेट गुरु, सोशल मीडिया ब्लॉगर्स और उभरते हुए फिटनेस उत्साही, PCOS को ठीक करने के हज़ारों त्वरित उपाय लेकर आ रहे हैं, जिनमें सप्लीमेंट्स, हर्बल चाय और काढ़ा आदि शामिल हैं. उनके झांसे में न आएं.

‘गायक जी’- स्टार प्रचारकों से पहले ये गुमनाम सितारे UP चुनावों में बांधते हैं समां

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले चुनाव के लिए माहौल गरम हो रहा है, राजनीतिक दलों के नेता और उम्मीदवार अपनी चुनाव सभाओं के लिए लोक गायकों की बुकिंग करने लगे हैं.

अयोध्या में ‘विध्वंस’ से काशी में निर्माण तक, BJP ने क्यों बदली अपनी रणनीति

बीजेपी ने काशी को सुंदर और भव्य बनाकर लगभग वही लक्ष्य हासिल कर लिया, जो उसने अयोध्या में खून-खराबे और तोड़-फोड़ के जरिए हासिल किया था.

भारत में कृषि क्षेत्र को सुधार की जरूरत, किसान आंदोलन की जीत से आगे बढ़कर नया घोषणापत्र बनाने का समय

किसान आंदोलन की जीत का जश्न किसी और वक्त में मना लिया जायेगा, अभी तो वक्त भारतीय कृषि के लिए एक नया, आत्मविश्वास से लबरेज और भविष्यदर्शी घोषणापत्र तैयार करने का है.

समलैंगिक विवाह का मामला कानूनी दांव-पेंच में फंसा, हिन्दू विवाह कानून पंजीकरण के विचार का विरोध शुरू

आज भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में समलैंगिक जीवन को तेजी से मान्यता मिलती जा रही है. विश्व के अनेक देशों में समलैंगिकता को हेय नज़रिये से नहीं देखा जाता है.

CBSE के मामले में गांधी परिवार ने मिसाल पेश की कि राजनीति सिर्फ वोट के लिए नहीं की जाती

सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बेहद प्रतिगामी और महिला विरोधी टिप्पणी को संसद में एक अहम एजेंडा बनाकर सोनिया गांधी ने इस उम्मीद को मजबूत किया है कि राजनीति सिर्फ चुनाव जीतने के जुनून से आगे भी सोच सकती है.

नेहरू ने कहा था कि अतीत के रूमानीकरण से मसले नहीं होंगे हल, भारत को उन्हें फिर से पढ़ने की जरूरत

नेहरू ने इतिहास के प्रति जो नजरिया अपनाया उसे एक वामपंथी नजरिए के रूप में पढ़ना जटिल बातों का सरलीकरण करना है. देश को और उसकी विविधता को समझने के लिए, इन मामलों में नेहरू का जो नजरिया है उसकी आज बहुत जरूरत है.

मत-विमत

पाकिस्तान से आज़ादी: भारत, आगे बढ़ो और उसे इतनी अहमियत देना बंद कीजिए

पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.

वीडियो

राजनीति

देश

बीड में पुलिस वैन और मोटरसाइकिल की टक्कर में धोखाधड़ी की आरोपी समेत दो लोग घायल

बीड (महाराष्ट्र), 18 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले में पुलिस की एक वैन की दोपहिया वाहन से टक्कर हो जाने के कारण एक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.