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Monday, 19 January, 2026
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट 2022 आपको खुश कर सकता है

रेलों द्वारा माल की ढुलाई 26-27 फीसदी से बढ़कर 40-45 फीसदी तक हो सकती है. सरकार इसे भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है.

नवजीवन की नगरी पर संकट, तमिलनाडु के ओरोविल समुदाय पर दिल्ली के सत्ताधीशों की पड़ी नजर

अरबिन्दो की सहयोगी मीरा अल्फासा (दि मदर) ने ओरोविल की स्थापना 1968 में की थी. इसके अंदरूनी क्षेत्र में क्राउन रोड का निर्माण होगा. जिसमें 1,50,000 पेड़, झाड़ियों के कटने और जलमार्ग के नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है.

अविश्वसनीय क्यों हो गए हैं ओपिनियन पोल?

1991 में उदारीकरण की दस्तक के बाद सब-कुछ बदल गया. निजी न्यूज चैनलों की बाढ़ आ गई और न सिर्फ वे अपनी टीआरपी बल्कि अखबार भी चुनाव सर्वेक्षणों का अपनी प्रसार संख्या बढ़ाने में इस्तेमाल करने लगे.

शहीद हुए सैनिकों में भेदभाव कैसा? उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए       

दिल्ली में इंडिया गेट से लेकर नेशनल वार मेमोरियल तक के पूरे क्षेत्र को शहीद हुए हमारे सैनिकों के सम्मान में ‘अमर जवान पार्क’ के रूप में समर्पित किया जा सकता है.

बेरोजगारी से परेशान होकर आंदोलन करने को मजबूर, देश का युवा इतना बेचैन क्यों है?

बिहार के कई शहरों में और पड़ोसी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रेलवे भर्ती में हुई गड़बड़ियों को लेकर जिस प्रकार की हिंसा हुई उसे कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता. हिंसा की सदैव निंदा होनी चाहिए. हुई भी, लेकिन ये समय यह समझने का भी है कि आखिर ये नौबत क्यों आई?

आखिर एयर इंडिया की बिक्री पर टाटा और सरकार, दोनों जश्न क्यों मना रहे हैं

एयरलाइन पर कर्ज के भारी बोझ के मद्देनजर सरकार इस बिक्री को अपनी जीत मान सकती है, तो टाटा इसके कारण अपने घाटे में तेजी से कमी और राजनीतिक हमलों से निजात पाने की उम्मीद कर सकती है

गांधी के सत्याग्रह को पैसिव रेज़िस्टेंस कहना कितना उचित

गांधी को अपने 'सत्याग्रह' के विषय में पूर्ण एवं दृढ़ विश्वास था कि उनका यह आंदोलन सकारात्मक एवं शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित होने के कारण 'पैसिव रज़िस्टेंस' बिल्कुल भी नहीं था.

देश में बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी के बजाय जिन्ना-पटेल पर हो रही राजनीति भारत के लिए खतरनाक होगी

उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवा नाराज हैं और योगी उन्हें जिन्ना और सरदार पटेल के बीच चुनने का जो विकल्प पेश कर रहे हैं वह उनसे ‘रोटी नहीं है तो केक खाओ’ कहने जैसा ही है.

दो मंदिर आंदोलनों की टक्कर- उत्तर भारत में सामाजिक न्याय के शून्य को भरने की स्टालिन की पहल

बीजेपी ने राष्ट्रीय राजनीति को सफलतापूर्वक हिंदू बनाम मुसलमान और सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई में सीमित कर दिया है. विपक्ष भी इस खेल में फंस गया है.

बाल काटना, शॉपिंग करना या सफाई करना… इम्पल्स में आकर ऐसा क्यों करती हैं महिलाएं

पिछले दिनों जब बेहद हताश महसूस कर रही थी तो मैं शॉपिंग के लिए निकल गई और मैंने ऐसी कई चीजें खरीद ली जिन्हें शायद मैं कभी इस्तेमाल न करूं लेकिन मुझे ऐसा करके थोड़ा बेहतर महसूस हुआ

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गज़नी में महिषासुर मर्दिनी: हुमायूं के मकबरे म्यूज़ियम में एग्जीबिशन असहज सच्चाइयों से रूबरू कराती है

इटैलियन आर्कियोलॉजिस्ट लॉरा गिउलियानो की क्यूरेशन भारत, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान, ईरान और इटली के आपस में जुड़े इतिहास को एक साथ लाती है, ऐसे समय में जब इस ज्ञान को जानबूझकर भुलाया जा रहा है.

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शिवमोगा के नहर में एक ही परिवार के चार सदस्यों के डूबने की आशंका

शिवमोगा, 18 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के शिवमोगा में रविवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों के नहर में डूबने की आशंका है। पुलिस...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.