अमेरिका ने यूक्रेन में ए-ग्रेड स्वीचब्लेड ड्रोन उतारा, तो भारत को छोटे डिलिवरी सिस्टम वाले हथियारों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए
भाजपा के लिए आने वाले चुनाव बहुत महत्वपूर्ण और इनमें खासकर गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे बड़े राज्य शामिल हैं जो भाजपा के गढ़ हैं या कभी रहे हैं, जिन्हे भाजपा कभी हल्के में नहीं लेगी.
महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पर बवाल से लेकर मोदी की पेट्रोल-डीजल टैक्स पर बातें, राजनैतिक मर्यादाएं तो दरवाजे से बाहर हैं. झेलते तो देश के गरीब लोग हैं.
नरेंद्र मोदी बेशक सबसे लोकप्रिय नेता हैं लेकिन सुधारों की जो घोषणाएं उनकी सरकार ने की हैं उनमें कोई प्रगति होती नहीं दिख रही, चाहे वह सीएए हो या सीडीएस हो या ओबीसी में वर्गीकरण.
पहले राजभाषा आयोग में हिंदी और संस्कृत को जिस तरह से महत्व मिला उससे जाहिर है कि भारत में भाषा की बहस में सरकार पहले भी हिंदी और संस्कृत के पक्ष में खड़ी होती रही है.
एक प्रेक्षक ने ठीक ही लिखा है कि ‘किच्चा ने जहां सही अर्थों में कलाकार होने का परिचय दिया और सभी भाषाओं के सम्मान की बात कही, वहीं अजय देवगन भाषाई राजनीति का मोहरा बनते नजर आए.
पुरुषों की तरह महिला आत्मघाती हमलावर भी कुछ कारणों—अच्छे हों या बुरे—से अपनी जान देती हैं और तमाम लोगों की जान ले भी लेती हैं. वे भी राजनीतिक नाराजगी, प्रतिशोध और आक्रोश की वजह से ऐसा कदम उठाती हैं.
भारत के लिए व्यापार घाटे से बड़ी समस्या है रोजगार घाटा. रणनीतिक आत्मनिर्भरता की तलाश में इस समस्या की, और व्यावहारिकता के मसले की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.
केंद्र सरकार अगर अपने विरोधियों को धमकाने, जेल में भेजने के लिए अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, तो गैर-भाजपाई मुख्यमंत्रियों ने इसी तरह से प्रतिकार करने का जो तरीका चुना है वह आगे और तीखा रूप ले सकता है