सरकार को अगर जन-आंदोलन और आंदोलनकारियों से परहेज है तो फिर शिक्षा का सरकारी बोर्ड अपनी सरकार-भक्ति दिखाते हुए ऐसे पाठ पढ़ाने के जतन करेगा ही कि छात्र आंदोलनकारी ना बन जायें.
भाजपा के मंत्री जब ईसाई समुदाय पर जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी पोप से जाकर मिल आते हैं और ऐसी आवाजें चुप हो जाती हैं, मगर मुसलमान इतने खुशकिस्मत नहीं हैं.
भाजपा के शीर्ष नेता जहां ‘योगी मॉडल’ (शासन का, विकास का नहीं) अपनाने में जुटे हैं, वहीं यूपी के मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान गुजरात के ‘मोदी मॉडल’ पर केंद्रित है.
तमाम पहलुओं से देखें तो रूस को पूर्वी यूरोप में अगर एक बफर ज़ोन बनाने दिया जाता तो यह बेहतर और कम नुकसानदेह होता, शरणार्थियों की भारी समस्या से भी बचा जा सकता था.
दिल्ली का सैनिक फार्म कभी एक विशाल हरा-भरा इलाका था. इस पर सबसे पहले रिटायर्ड जनरलों की सेना की नजर पड़ी और देखते ही देखते राजधानी का ये कवच तोड़कर इसे पूरी तरह कब्जा लिया गया.
ऐसा लगता है कि भाजपा के वर्चस्व ने उसके प्रतिद्वंद्वियों के राजनीतिक कौशल और कल्पनाशीलता को खत्म कर दिया है. वे इस्लाम के नाम से भी डरने लगे हैं और मुसलमानों के साथ देते दिखना नहीं चाहते.