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Thursday, 5 March, 2026
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आखिर क्यों चली है `फ़ैज़’ की कविता को लोकतंत्र के पाठ से बाहर करने की रस्म

सरकार को अगर जन-आंदोलन और आंदोलनकारियों से परहेज है तो फिर शिक्षा का सरकारी बोर्ड अपनी सरकार-भक्ति दिखाते हुए ऐसे पाठ पढ़ाने के जतन करेगा ही कि छात्र आंदोलनकारी ना बन जायें.

मोदी के भारत में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है वह मनोवैज्ञानिक ‘आतंकवाद’ से कम नहीं है

भाजपा के मंत्री जब ईसाई समुदाय पर जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी पोप से जाकर मिल आते हैं और ऐसी आवाजें चुप हो जाती हैं, मगर मुसलमान इतने खुशकिस्मत नहीं हैं. 

समलैंगिक शादियों की मान्यता और पंजीकरण की कानूनी लड़ाई जैसे मुद्दों को कैसे सुलझाएगा सुप्रीम कोर्ट

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि एलजीबीटीक्यू समुदाय के सदस्यों को भी संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों के तहत गरिमा के साथ जीने का हक है.

योगी दूसरे कार्यकाल में वही राह अपना रहे जिस पर गुजरात में 2002 के बाद मोदी चले थे, लेकिन यह आसान नहीं है

भाजपा के शीर्ष नेता जहां ‘योगी मॉडल’ (शासन का, विकास का नहीं) अपनाने में जुटे हैं, वहीं यूपी के मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान गुजरात के ‘मोदी मॉडल’ पर केंद्रित है.

अफगानिस्तान में नहीं खत्म हो रहे जंग के हालात, अब IS कबीलाई जंग में जुटा

इस्लामिक स्टेट तालिबान का तख्तापलट की कोशिश में. आर्थिक संकट, सत्ता के बेजा इस्तेमाल पर उठे विवाद और तालिबान के असंतुष्ट गुट उसका मददगार बने.

विक्रेता, रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद पश्चिमी देश अब ख़रीदारों को भी निशाना बनाने लगे हैं

तमाम पहलुओं से देखें तो रूस को पूर्वी यूरोप में अगर एक बफर ज़ोन बनाने दिया जाता तो यह बेहतर और कम नुकसानदेह होता, शरणार्थियों की भारी समस्या से भी बचा जा सकता था.

सेना की ‘अग्निपथ’ योजना में महत्वाकांक्षी तो है मगर उसमें कमियां भी हैं जिन्हें ऐसे दूर किया जा सकता है

प्रशिक्षण की अवधि समेत न्यूनतम पांच साल की ‘टुअर ऑफ ड्यूटी’, जिसे स्वेच्छा से पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है, सेना की जरूरतों को पूरा कर सकती है

मुफ्त की बिजली, मुफ्त का पानी देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत महंगी पड़ेगी

चुनाव जीतने का यह जो हथकंडा अपनाया जा रहा है वह देश के लिए घातक है क्योंकि इस तरह की मुफ्तखोरी से विकास के कदम ठप हो जाएंगे.

बुलडोजर जब एक बार फिर गरीबों को निशाना बना रहे, तो क्यों न दिल्ली के ‘रिपब्लिक ऑफ सैनिक फार्म’ को भी याद कर लें

दिल्ली का सैनिक फार्म कभी एक विशाल हरा-भरा इलाका था. इस पर सबसे पहले रिटायर्ड जनरलों की सेना की नजर पड़ी और देखते ही देखते राजधानी का ये कवच तोड़कर इसे पूरी तरह कब्जा लिया गया.

मुस्लिमों के साथ दिखने से विपक्ष को परहेज क्यों? मोदी सत्ता ने कैसे उनकी कल्पनाशीलता छीन ली है

ऐसा लगता है कि भाजपा के वर्चस्व ने उसके प्रतिद्वंद्वियों के राजनीतिक कौशल और कल्पनाशीलता को खत्म कर दिया है. वे इस्लाम के नाम से भी डरने लगे हैं और मुसलमानों के साथ देते दिखना नहीं चाहते.

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नासिक: सरकारी छात्रावास के सात विद्यार्थियों पर कनिष्ठों का यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज

नासिक, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नासिक के इगतपुरी स्थित एक छात्रावास में रहने वाले कक्षा 10 के सात छात्रों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.