विशाल दौलत और राजनीतिक दबदबा रखने वाले कुलीनों ने तो अपना खजाना बेरोकटोक भरा लेकिन यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन से पहले यूरोप के निर्धनतम देशों में बना रहा.
कांग्रेस के वोटर करीब एक दशक से विकल्प की तलाश में हैं और आंध्र से लेकर तेलंगाना और महाराष्ट्र तक एक ही कहानी दोहराई गई है. इधर ‘आप’ इसी का फायदा उठाने में जुटी है.
भारतीय सेना के पास अत्याधुनिक रूसी इगला मिसाइलें हैं और अपाशे हेलिकॉप्टरों के लिए स्टिंगर मिसाइलें सीमित संख्या में है जो ज्यादा असरदार नहीं साबित होंगी.
ममता को मोदी को राजनीतिक चुनौती देने के लिये एक सक्षम विपक्षी नेता माना जाता है और अनेक मौकों पर उनका नाम प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में चर्चा का केंद्र बनता रहा है.
चीन के प्रांतीय अधिकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं हासिल करने के लिए अपने ‘बीजिंग ऑफ़िसों’ के जरिए मंत्रालयों में पैरवी करते हैं और केंद्र के अधिकारियों को खुश करने के लिए इन ऑफिसों में रेस्तरां, होटल, आदि भी चलाते हैं
आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी (रिटायर्ड) लिखते हैं कि पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश नहीं है जिसकी सेना के पास बंदूकें हैं, लेकिन यकीकन यह एक ऐसा मुल्क है जहां राजनीतिक शक्ति उनकी बन्दूक की नाल से होकर निकलती है.
सेना के बैंड में भारतीय संगीत वाद्ययंत्र शामिल करना, नौसेना का नया ध्वज और राज पथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना, जैसे कदम तो उठाए जा चुके हैं. लेकिन उपनिवेशकाल की एक विरासत मिटाने में मोदी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है, और वह है 1861 का पुलिस कानून.
एक चीज़ जो ट्रांस की खूबसूरती को ज़िंदा रखती है, वह है उनका समुदाय और अपनापन. लेकिन कानून बनाने वालों की नजर में, यह अपनापन ‘धोखा’, ‘लुभाना’ और ‘गलत असर डालना’ बन जाता है.