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Wednesday, 11 March, 2026
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लद्दाख में चीनी सेना का एजेंडा— भारत को हतोत्साहित करो, अपनी शर्तें मनवाओ

हतोत्साहित करने का चीनी भाषा में शब्द है— ‘वेई शे’. इसमें हतोत्साहित करने और कार्रवाई के लिए मजबूर करने की रणनीतियां समाहित हैं और उनमें कोई भेद नहीं किया जाता.

सार्वजनिक परिवहन नीति न होना कानपुर जैसे सड़क हादसों का कारण, गांव केंद्रित नजरिए की जरूरत

विकेंद्रण के तमाम दावों के बावजूद हमारी व्यवस्था अभी भी शहर केंद्रित है जिसमें गांवों में रहने वाले आम व्यक्ति की चिंता कम से कम यातायात के साधनों की उपलब्धता में नहीं दिखाई देती है.

धर्म की राजनीति की ओर से अब आंखें नहीं मूंद सकती भारतीय सेना

भारत के सैन्य नेतृत्व को सैन्य संस्थान के राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा करने, उन्हें मजबूत बनाने और घरेलू राजनीति की खतरनाक प्रवृत्तियों से बचाने के लिए खुद संवेदनशील बनना चाहिए और सैनिकों को भी संवेदनशील बनाना चाहिए.

कैसे आरएसएस प्रचारक बीएल संतोष बीजेपी के ‘रॉक स्टार’ महासचिव के रूप में उभरे

भाजपा के महासचिव (संगठन) के रूप में, बीएल संतोष के पास अपार शक्तियां हैं. लेकिन उनके पूर्ववर्तियों में से कोई भी उनके जैसा हाई-प्रोफाइल नहीं था, यहां तक कि नरेंद्र मोदी भी नहीं.

थरूर या खड़गे मायने नहीं रखते, कांग्रेस नेता की परिभाषा बदलनी चाहिए

क्या कांग्रेस के नेता सरपरस्ती की खोज का त्याग कर सकते हैं? इसी सवाल का जवाब यकीनन देश की सबसे पुरानी पार्टी का भविष्य तय करेगा.

चीन के शहीद दिवस पर उसकी सेना लद्दाख, सिक्किम के पार से भारत को दे रही है सिग्नल

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पार्टी को 'बड़े संघर्ष' के लिए तैयार रहने को कहा.

मोहन भागवत सही हैं, हिंदुओं को ‘काफिर’ से ज्यादा किसी शब्द ने चोट नहीं पहुंचाई

दक्षिण अफ्रीका में ‘काफिर’ शब्द, जिसे पहले बड़े अपमानजनक रूप से अश्वेतों के लिए प्रयुक्त किया जाता था, को अब गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है. अब समय आ गया है कि भारत में भी ‘काफिर' शब्द पर बंदिश लगाई जाए.

स्वामी पागलदास और बेगम अख्तर की अयोध्या में लता मंगेशकर चौक के मायने क्या हैं

समस्या दरअसल, सत्ताधीशों के उस ‘विवेक’ से है, जो यह समझना ही नहीं चाहते कि फिलहाल एक चौराहे के बहाने लता को स्वरकोकिला से ज्यादा रामभक्त बनाकर एक बड़े समुदाय के सामने पेश किया.

किसने लिखी थी महात्मा गांधी की सर्वश्रेष्ठ जीवनी, जिसे पढ़कर दुनिया ने उन्हें जाना

अमेरिका के यहूदी लेखक लुई फिशर ने यदि बापू की जीवनी न लिखी होती तो संभव है कि दुनिया की बापू के बारे में अधिक से अधिक जानने की प्रबल इच्छा ही नहीं होती.

महात्मा गांधी ने भारत को क्या दिया? आजादी की लड़ाई का सबसे बड़ा हथियार और संघर्ष का सबसे महान तरीका

गांधी ने देश को शांतिपूर्ण आंदोलन की ऐसी विरासत दी है जिसके नैतिक बल के आगे बंदूकें तक कमजोर साबित हो जाती हैं. महात्मा गांधी मजबूरी का नहीं बल्कि मजबूती का नाम थे.

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पश्चिमी एशिया में स्थिति के मद्देनजर विमानन कंपनियां परिचालन संबंधी व्यवस्थाएं कर रही हैं : मंत्रालय

मुंबई, 10 मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बदलते घटनाक्रम और भारत व इस क्षेत्र के बीच...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.