scorecardresearch
Wednesday, 11 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

म्यांमार में तेज होते युद्ध की अनदेखी उत्तर-पूर्व भारत में फिर से अशांति पैदा कर सकती है

तीन दशक पहले भारत के उत्तर-पूर्वी बागियों के खिलाफ मुहिम में म्यांमार के फौजी हुक्मरान के सहयोग का प्रतिदान देने के लिए जिस अराकान आर्मी की बलि चढ़ाई गई थी उसने जोरदार वापसी की है.

यूक्रेन युद्ध उग्र हो रहा है, भारत को तमाम पक्षों से परमाणु अस्त्र के प्रयोग से बचने का आह्वान करना चाहिए

यूक्रेन युद्ध आज जिस मोड़ पर है और परमाणु अस्त्र के इस्तेमाल का खतरा बढ़ रहा है तब भारत की निष्क्रियता उसके इस दावे को कमजोर करेगी कि वह एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है.

मुलायम सिंह यादव को महान या खलनायक क्यों बनाना, उन्हें नेता ही रहने दीजिए

बहरहाल, ऐसे माहौल में प्रार्थना ही की जा सकती है कि कम से कम अब मुलायम को बख्श दिया जाये और वे जैसे भी मुलायम या कड़े रहे हैं, वैसा ही रहने देकर उन्हें सहजता से श्रद्धांजलियां दी जायें.

ट्रिपल तलाक से हिजाब तक – हिंदू संगठनों ने मुस्लिम महिलाओं के आंदोलन को कैसे पहुंचाया नुकसान

हिजाब मुद्दे का सांप्रदायिकरण और राजनीतिकरण करके, हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय के भीतर पितृसत्ता को मजबूत करने में मदद की है.

शहरी इलीट बुद्धिजीवियों को खड़गे में समस्या और शशि थरूर में रब क्यों दिखता है

मीडिया विश्लेषक खड़गे की पृष्ठभूमि देख रहे हैं और यही बात उनके विचारों पर हावी है. उनके विचारों में संतुलन नहीं है क्योंकि उनकी अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि का दबाव उन्हें संतुलित विश्लेषण करने से रोक रहा है.

महिला, ST, HCs- सुप्रीम कोर्ट में जजों के सही प्रतिनिधित्व को लेकर चूक कर रहा है कॉलेजियम

सुप्रीम कोर्ट के नए न्यायाधीशों के नामों के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित द्वारा की गई सिफारिशें में कुछ खामियां हैं और यह कुछ उच्च न्यायालयों, महिलाओं और अनुसूचित जाति के न्यायाधीशों की उपेक्षा करता है.

मुलायम हमारे राजनेताओं में सबसे अधिक राजनीतिक और भारतीय मुसलमानों के सबसे महत्वपूर्ण नेता क्यों थे?

मुलायम सिंह यादव की राजनीति में काफी कुछ गलत था, और काफी कुछ ऐसा था जिस पर हम असहमत होंगे या बहस करेंगे लेकिन इससे यह सच्चाई नहीं बदल जाएगी कि वह एक लाजवाब सियासी खिलाड़ी थे.

पाकिस्तान के साथ शांति महज एक विराम चिन्ह है, अमित शाह का कश्मीर पर बयान हैरान करने वाला क्यों नहीं

विद्वान एशले टेलिस का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच होड़ कोई अस्पष्ट, वार्ता से सुलझने वाले मतभेदों के कारण नहीं है. बल्कि यह समस्या दीर्घकालिक गहरे सैद्धान्तिक, भौगोलिक, सत्ता-सियासत संबंधी दुश्मनी के कारण है.

गुजरात पिटाई मामले में केजरीवाल, राहुल, ममता की चुप्पी विपक्षी खेमे में गहरे संकट को दिखाती है

क्या तटस्थ राजनीति विपक्ष के लिए कोई दीर्घकालिक स्थायी सियासी रणनीति है? राहुल गांधी और केजरीवाल को मोहन भागवत की बात ध्यान से सुननी चाहिए थी.

ऑडियो लीक से पाकिस्तान की सियासत में ‘हैप्पी आवर्स’ की शुरूआत, हर किसी के पास मसाला है

इमरान खान यह सुनकर खुश हुए कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मरियम नवाज भारत से मशीनरी मंगाने की गुजारिश कर रही हैं, मगर अफसोस! हैकर ने प्रधानमंत्री दफ्तर में खान के जमाने के कई ऑडियो लीक से मजा किरकिरा कर दिया.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

पश्चिमी एशिया में स्थिति के मद्देनजर विमानन कंपनियां परिचालन संबंधी व्यवस्थाएं कर रही हैं : मंत्रालय

मुंबई, 10 मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बदलते घटनाक्रम और भारत व इस क्षेत्र के बीच...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.