भारत जानता है कि जब असली संकट की बात आती है, तो यही पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं उसे इससे उबारती हैं - रूस नहीं. लेकिन इसे रूसी कच्चे तेल की भी सख्त जरूरत है.
अब देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी में बदल गई कांग्रेस की तरह ही पुरानी पड़ चुकी शीशे वाली कोठी का हाल भी अच्छा नहीं है और उसके संरक्षण तक के लाले पड़े हुए हैं.
बच्चों की विकास संबंधी गतिविधियों की बेहतरी के लिए जरूरी है कि राज्य माता-पिता को आवश्यक मदद मुहैया कराए, खासकर उन लोगों के मामले में जो कम पढ़े-लिखे हैं.
संगठन और समाज में परिवर्तन भारतीय सेना में सुधार ला सकता है लेकिन सरकारी व्यवस्था में कर्मचारियों से घरेलू काम करवाने के चलन पर रोक लगाना अब तक मुश्किल ही लगता रहा है
क्या eRUPI पिगीबैक बड़े 'डिजिटल स्टैक' के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में हो सकता है? आरबीआई का कॉन्सेप्ट नोट एक दिशा देता है, लेकिन कुछ चिंताएं हैं जिनका समाधान किया जाना चाहिए.
विदेश नीति में शायद कामयाबियों के मुकाबले नाकामियों का अध्ययन ज्यादा अहम होता है, क्योंकि नतीजे काफी बड़े होते हैं. इसलिए 1962 के युद्ध के कई सबक हैं, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तब थे.
अमेठी देश-प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों के सौतियाडाह की शिकार हुआ करती थी, भाजपा की डबल इंजन सरकारों के दौर में अयोध्या भी अब वैसे ही सौतियाडाह से पीड़ित है.
मोदी के ऊपर देश चलाने की जिम्मेदारी है. उन्हें भाजपा के लिए वोट भी जीतने हैं. और अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आंतरिक कलह से परेशान अपने कुनबे को एकजुट भी रखें.