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Wednesday, 11 March, 2026
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रूस के साथ जयशंकर की ‘संतुलन बैठाने की कला’ काफी स्मार्ट है, लेकिन जल्द की टूट सकता है अमेरिका का धैर्य

भारत जानता है कि जब असली संकट की बात आती है, तो यही पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं उसे इससे उबारती हैं - रूस नहीं. लेकिन इसे रूसी कच्चे तेल की भी सख्त जरूरत है.

इंडियन स्पेस टेक को अब छोटे सैटेलाइट्स बनाने और बड़ी ग्लोबल पार्टनरशिप करनी चाहिए

किस्मत से, भारत की घरेलू नीतियों के साथ- साथ अंतरराष्ट्रीय नियम-कायदों का परिदृश्य भी इस वक्त इन भू- राजनैतिक लक्ष्यों के साथ मेल खाता है.

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस बनी, लेकिन वहां अपने विदेशी संस्थापक का नाम क्यों नहीं ले रही

अब देश की ग्रैंड ओल्ड पार्टी में बदल गई कांग्रेस की तरह ही पुरानी पड़ चुकी शीशे वाली कोठी का हाल भी अच्छा नहीं है और उसके संरक्षण तक के लाले पड़े हुए हैं.

भारतीय मां अपने छोटे बच्चे के साथ हफ्ते में 9 घंटे बिताती हैं वहीं अमेरिकी 13 घंटे, राज्य उठाए कदम

बच्चों की विकास संबंधी गतिविधियों की बेहतरी के लिए जरूरी है कि राज्य माता-पिता को आवश्यक मदद मुहैया कराए, खासकर उन लोगों के मामले में जो कम पढ़े-लिखे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने फौजी सहायकों से घरेलू काम कराने की प्रथा को नहीं रोका मगर अग्निवीर इसे बंद करेगा

संगठन और समाज में परिवर्तन भारतीय सेना में सुधार ला सकता है लेकिन सरकारी व्यवस्था में कर्मचारियों से घरेलू काम करवाने के चलन पर रोक लगाना अब तक मुश्किल ही लगता रहा है

गुजरात को मिले हिंदुत्व के दो चेहरे लेकिन उसके राजनीतिक विरोध का एकमात्र चेहरा हैं राहुल गांधी

प्रशांत भूषण के साथ पदयात्रा करते हुए राहुल गांधी ने हिंदुत्व की दासियों को काफी आसानी से और निश्चित ही समय से काफी पहले माफ कर दिया होगा.

UPI भारत के डिजिटल ट्रांजैक्शंस की ताकत है, RBI का ई-रुपी लुभावना पर रिटेल इस्तेमाल पर फोकस करे

क्या eRUPI पिगीबैक बड़े 'डिजिटल स्टैक' के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में हो सकता है? आरबीआई का कॉन्सेप्ट नोट एक दिशा देता है, लेकिन कुछ चिंताएं हैं जिनका समाधान किया जाना चाहिए.

1962 में नेहरू की गलती यह थी की वह ‘बल-कूटनीति’ संबंध को नहीं समझ पाए

विदेश नीति में शायद कामयाबियों के मुकाबले नाकामियों का अध्ययन ज्यादा अहम होता है, क्योंकि नतीजे काफी बड़े होते हैं. इसलिए 1962 के युद्ध के कई सबक हैं, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तब थे.

अयोध्या में विकास की झूठी हवा बना दी गई है, बिलकुल अमेठी जैसी

अमेठी देश-प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों के सौतियाडाह की शिकार हुआ करती थी, भाजपा की डबल इंजन सरकारों के दौर में अयोध्या भी अब वैसे ही सौतियाडाह से पीड़ित है.

BJP के शीर्ष नेताओं से क्यों निराश हैं PM नरेंद्र मोदी

मोदी के ऊपर देश चलाने की जिम्मेदारी है. उन्हें भाजपा के लिए वोट भी जीतने हैं. और अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आंतरिक कलह से परेशान अपने कुनबे को एकजुट भी रखें.

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जम्मू-कश्मीर: राजौरी में नियंत्रण रेखा पर मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था

जम्मू, 11 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश के दौरान मारे गए आतंकवादी की पहचान...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.