मामूली चायवाले से सर्वशक्तिमान बनने तक की मोदी की कहानी अब अनूठी नहीं रह गई है. यह सफर कई लोग तय कर रहे हैं, चाहे उनका पैमाना और उनकी सफलता तुलनात्मक रूप से छोटी दिखती हो.
टीएमसी के राजनीतिक वर्चस्व और केएमसी पार्षदों के अपनी जिम्मेदारी निभाने के बीच की कड़ी को समझने के लिए हमने सितंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच कोलकाता के 20 वार्डों का सर्वेक्षण किया.
भाजपा अपनी सदस्य संख्या 18 करोड़ पर पहुंचने के दावे के साथ 2019 में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी, जो 2015 की तुलना में 64 फीसदी अधिक है. हालांकि, चुनाव नतीजों का डेटा इन आंकड़ों के अनुरूप नहीं लगता है.
भारत, रूस, चीन और मध्य एशियाई देश समेत सभी पक्ष अफगान संकट का एक स्थिर समाधान देखना चाहते हैं ताकि उनके हितों की रक्षा की जा सके. इन सभी देशों के लिए आतंकवाद एक कॉमन प्रॉब्लम है.
अगर बीजेपी को लोकसभा चुनाव 2024 में दिल्ली की सातों सीटें बनाए रखनी है, तो उसे अपनी प्रदेश इकाई में भारी फेरबदल और कुछ नेताओं को विदा करने की दरकार है.
हिमाचल प्रदेश में मोदी का चेहरा नहीं चला और राष्ट्रवाद-हिंदुत्ववाद भी मुद्दे नहीं बन पाए इसलिए वह एक सामान्य चुनाव बन गया, वहां 2014 से ऐसा ही चल रहा है
सरकार ने इस क्षेत्र को निजी उत्पादन के लिए खोल दिया है. वित्त मंत्री ने पिछले बजट भाषण में कहा था कि सरकार रक्षा मामलों के आर एंड डी पर जो खर्च करेगी उसका एक चौथाई हिस्सा निजी उद्योग और गैर-सरकारी संस्थानों को जाएगा लेकिन अब तक यह महज बयान ही है.
कांग्रेस ने कोलिजियम सिस्टम लाने की जजों की कोशिश का कभी विरोध नहीं किया. बल्कि बाद में कांग्रेस शासन में कानून मंत्री बने कपिल सिब्बल ने तो 1993 के इस केस में कोलिजियम सिस्टम के पक्ष में बहस की थी.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेताओं के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ पांच बातें काम कर रही हैं. जब आप राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं तो ये बातें किसी न किसी रूप में दिख भी जाती हैं.