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Monday, 9 March, 2026
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मत-विमत

परिपक्व, अटल – चीनी मीडिया शी जिनपिंग की मॉस्को यात्रा से पहले रूस के साथ संबंधों का जश्न मना रहा है

चीन और रूस दोनों ने मध्य पूर्व में - और अन्य जगहों पर - अपने करीबी सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को सही ठहराने के लिए अमेरिका को अपने युद्धों के लिए कोसने पर भरोसा करते हैं.

सऊदी-ईरान सौदा दिखाता है कि बाई-पोलरिटी लौट आई है, भारत को काल्पनिक मल्टी-पोलर सपने को छोड़ देना चाहिए

बीजिंग के शांति-निर्माण के प्रयास आश्चर्यजनक नहीं हैं. यह चीन की ताकत और अमेरिकी प्रभुत्व का विकल्प खोजने की क्षेत्रीय शक्तियों की इच्छा को दर्शाता है.

बीजेपी 2024, यहां तक कि 2029 के लिए भी अपना रोडमैप बना रही है. विपक्ष अब भी 2018 में फंसा हुआ है

2024 के लोकसभा चुनाव से एक साल पहले विपक्ष क्या कर रहा है जो 2018 में नहीं हुआ? अनिवार्य रूप से, कुछ भी अलग नहीं है.

चीन के सेमी-कंडक्टर के मंसूबों पर लगा पश्चिमी प्रतिबंधों का ग्रहण, अब शी जिनपिंग क्या करेंगे?

अत्याधुनिक चिप्स को प्रायः आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं के लिए भविष्य का ईंधन कहा जाता है. लेकिन प्रतिबंधों ने चीन को दोयम दर्जे की ताकत वाली हैसियत में पहुंचा दिया है

बिहारी मजदूरों पर हमले की अफवाह और फेक न्यूज से निपटने के तमिलनाडु मॉडल से क्या सीखें?

बिहारी मजदूरों पर हमले की फेक न्यूज पहले सोशल मीडिया से फैली और बाद में कई बड़े अखबार भी इसे सच मानकर फेक न्यूज को फैलाने लगे. अखबारों के छप जाने के बाद तो सोशल मीडिया में ऐसी चर्चाओं की बाढ़ ही आ गई.

मोदाणी सिर्फ एक चुस्त मुहावरा नहीं, राजसत्ता और पूंजी के बीच जादू की झप्पी का एक नया मॉडल है

मोदाणी मॉडल की खासियत यह है कि व्यवसायिक घरानों से गहरे रिश्ते गांठने से मोदी का इकबाल कम नहीं हुआ है. बल्कि सत्ता डंके की चोट पर उगाही कर रही है और पूंजीपति तबके के सामने घुटने टेकने की जगह उनपर हुक्म फटकार रही है.

इस्लाम के नाम पर भारतीय मुस्लिमों का अरबीकरण कर रहे देवबंदी- बरेलवियों ने 150 सालों तक लड़ी है ये लड़ाई

बरेलवियों ने कभी भी स्थानीय रीति-रिवाजों को 'हिंदुवाना' के रूप में लेबल करने पर जोर नहीं दिया, देवबंदियों ने इस्लाम के शुद्धतावादी संस्करण पर ध्यान केंद्रित किया. दोनों का उद्देश्य एक नई 'इस्लामिक' राजनीति पर हावी होना है.

अमेरिकी बैंक का डूबना हो सकता है हमारे लिए खतरा न हो पर इतिहास गवाह है कि हममें से कोई भी इम्यून नहीं है

भारतीय रिजर्व बैंक बेशक पुरातनपंथी ही बना हुआ है, लेकिन व्यापक अर्थव्यवस्था को विदेशी पोर्टफोलियो पूंजी के बाहर चले जाने का जोखिम झेलना पड़ सकता है, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ेगा और यह शेयर बाजार के लिए बुरी खबर होगी

जॉबलेस ग्रोथ आपने सुनी होगी, लेकिन टाटा-बिरला-अंबानी-अडाणी ने भारत को ब्रांडलेस ग्रोथ दिया है

‘क्रोनिज़्म’ निंदनीय है, और यह अच्छी बात है कि इस पर जोरदार बहस जारी है. लेकिन अविश्वसनीय रूप से ताकतवर, अमीर, सफल कंपनियों के साथ-साथ सरकारी नीति की सबसे बड़ी विफलता भारत की ब्रांडलेस ग्रोथ है.

अमेरिका का बैंकिंग संकट यूरोप से एशिया तक पहुंचा, दिख रहा प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं कितनी नाज़ुक हैं

अमेरिकी बैंकों ने संकट को बढ़ावा दिया है. अगली बात जो हम जानते हैं, कि वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र और शेयर बाजार एक पैनिक रूम में बंद हैं.

मत-विमत

ईरान का संघर्ष भारत तक पहुंचा, मुसलमानों से फिर देशभक्ति साबित करने की मांग

जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.

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देश

लोकसभा में बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर आज होगा फैसला

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को लोकसभा ओम बिरला को अध्यक्ष पद से...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.